
हरदा। Harda में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में दक्षता बढ़ाना, ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करना और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण को सुनिश्चित करना रहा। संभागायुक्त तिवारी ने निरीक्षण के दौरान ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने आवक-जावक प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए संबंधित कर्मचारियों की कार्य दक्षता को परखा और निर्देशित किया कि सभी फाइलों का संचालन अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक पद्धति के स्थान पर डिजिटल प्रणाली को पूर्ण रूप से अपनाना समय की आवश्यकता है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने कलेक्ट्रेट की आवक-जावक प्रक्रिया को सेंट्रलाइज्ड करने के निर्देश देते हुए कहा कि पत्रों की मार्किंग के लिए केवल कलेक्टर और अपर कलेक्टर के स्तर को ही निर्धारित किया जाए, ताकि कार्यप्रणाली में अनावश्यक जटिलता न आए और निर्णय प्रक्रिया में तेजी बनी रहे। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पत्र या शिकायत लंबित न रहे और प्राप्त होने वाले सभी आवेदन एवं पत्रों का शीघ्रता से निराकरण किया जाए। साथ ही शाखा प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे समय-समय पर अपने-अपने विभागों का निरीक्षण करते रहें, जिससे कार्यों की सतत निगरानी बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने स्थापना शाखा का भी गहन अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मामलों जैसे समयमान वेतनमान, विभागीय जांच, न्यायालयीन प्रकरण, स्वेच्छानुदान, सेवा पुस्तिका और हिट-एंड-रन प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि इन सभी प्रकरणों का समयबद्ध और नियमों के अनुसार निराकरण किया जाए तथा संबंधित अभिलेखों को अद्यतन स्थिति में रखा जाए। कलेक्टर न्यायालय के निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त तिवारी ने न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और गंभीरता के साथ उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जवाब-दावे समय पर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित पक्षों को समय पर न्याय मिल सके। निरीक्षण के दौरान एनआईसी, एसी शाखा, अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया गया। संभागायुक्त ने सभी शाखाओं में अभिलेखों को सुव्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, जिससे प्रशासन की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता में वृद्धि होती है।
इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने संभागायुक्त के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया और अपने-अपने विभागों की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की। समग्र रूप से यह निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगठित, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। Harda में हुए इस निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि शासन की प्राथमिकता नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि कलेक्ट्रेट की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार होगा तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी, जिससे आमजन को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त होंगी।









