
सीहोर। शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर बालागुरू के. तथा जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने संयुक्त रूप से कक्षा 2 से 8 तक के विषयवार टॉप करने वाले जिले के 32 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षा के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी चयनित विद्यार्थियों को ट्रैकसूट, कैप, स्कूल बैग, पानी की बोतल, टिफिन, ज्योमेट्री बॉक्स किट, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। यह सम्मान केवल विद्यार्थियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके माता-पिता एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में परिवार और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
जिला स्तरीय इस प्रतियोगिता में कुल 1738 विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जो अपने आप में जिले के शैक्षणिक वातावरण और प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इन प्रतिभागियों में से 32 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया और अपने ज्ञान, परिश्रम तथा आत्मविश्वास के बल पर खुद को श्रेष्ठ साबित किया। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए भी प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर अपने संबोधन में कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि इसके लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल ज्ञान का मूल्यांकन करती हैं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान कौशल का भी विकास करती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें अभी से अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए उसे निखारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता उनके परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर श्री चंद्रशेखर वर्मा, श्री अशोक वर्मा, श्री सुरेंद्र यादव, श्री लखन माहेश्वरी और श्री प्रदीप नागिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास झलक रहा था। यह आयोजन न केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत साबित हुआ। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होता है।









