
उज्जैन। किशोरी बालिकाओं को गंभीर बीमारी सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से जिले में निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 28 फरवरी से प्रारंभ होकर आगामी तीन माह तक जारी रहेगा, जिसके अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक कुल 10,121 बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जा चुका है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस अभियान में 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बालिकाओं को भी 90 दिन की विशेष छूट प्रदान की गई है, जिससे अधिक से अधिक किशोरियां इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें। अभियान के तहत जिले में 13 विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। इनमें आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन, जिला चिकित्सालय चरक भवन उज्जैन, सिविल अस्पताल माधवनगर, जीवाजीगंज, महिदपुर, नागदा, खाचरौद, बडनगर तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया, नरवर, झारडा, तराना और इंगोरिया शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर निर्धारित समय के अनुसार बालिकाओं को निःशुल्क टीके लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी टीका पूर्णतः सुरक्षित है और यह सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी साबित हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अभियान के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन बालिकाओं का पूर्व में एचपीवी टीकाकरण हो चुका है, उन्हें दोबारा टीका नहीं लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना और अधिक से अधिक नई पात्र बालिकाओं को लाभान्वित करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर लेकर जाएं और उन्हें यह महत्वपूर्ण टीका अवश्य लगवाएं। यह न केवल उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव का प्रभावी माध्यम भी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और समाज में इसके प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। आने वाले समय में जिले की सभी पात्र बालिकाओं को इस टीकाकरण अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा सके।









