
सतना। आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जिले में प्रगणक एवं सुपरवाइजरों का व्यापक प्रशिक्षण अभियान जोर-शोर से संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जिले के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में भी अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशन में यह प्रशिक्षण कार्य सुव्यवस्थित एवं चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिसमें जिले के विभिन्न तहसीलों और नगरीय निकायों से जुड़े प्रगणक एवं सुपरवाइजर सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों और सुपरवाइजरों को जनगणना के प्रथम चरण के कार्यों के लिए पूरी तरह दक्ष बनाना है, ताकि वे निर्धारित समयावधि में सटीक, विश्वसनीय और अद्यतन आंकड़े संकलित कर सकें। यह प्रशिक्षण 25 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के मानक, प्रपत्रों के सही उपयोग, डिजिटल उपकरणों के संचालन तथा फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
जिले के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्रमांक-1 को चुना गया है, जहां नगर पालिक निगम सतना के 605 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को पांच अलग-अलग कक्षों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी परिसर में तहसीलदार रघुराजनगर क्षेत्र के 300 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को तीन कक्षों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार की जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसके अतिरिक्त जिले की अन्य तहसीलों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम समान रूप से संचालित हो रहे हैं। तहसील कोठी में 170 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि तहसील कोटर में 158 प्रतिभागी दो कक्षों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार तहसील मझगवां में 307 और तहसील बिरसिंहपुर में 231 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को तीन-तीन कक्षों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तहसील रामपुर बघेलान में सबसे अधिक 576 प्रतिभागियों को पांच कक्षों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि तहसील नागौद में 464 प्रतिभागी चार कक्षों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

नगरीय क्षेत्रों में भी यह प्रशिक्षण अभियान पूरी सक्रियता के साथ चलाया जा रहा है। नगर परिषद चित्रकूट में 58 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को दो कक्षों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं जैतवारा, कोटर और कोठी में 20, बिरसिंहपुर में 35, नागौद में 48, उचेहरा में 33 तथा नगर परिषद रामपुर बघेलान में 34 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को एक-एक कक्ष में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार पूरे जिले में प्रशिक्षण का यह अभियान एक व्यापक और संगठित प्रयास के रूप में सामने आया है। जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है, क्योंकि इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े नीतियों के निर्माण, योजनाओं के क्रियान्वयन और संसाधनों के उचित वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से प्रगणक और सुपरवाइजर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे ही घर-घर जाकर वास्तविक आंकड़े एकत्रित करते हैं। इसलिए उनका प्रशिक्षण अत्यधिक सटीक और प्रभावी होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह भी समझाया जा रहा है कि वे अपने कार्य के प्रति पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय दें। उन्हें यह बताया गया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए प्रत्येक जानकारी को सही और पूर्ण रूप से दर्ज करना आवश्यक है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक का भी समावेश किया गया है। प्रतिभागियों को डिजिटल उपकरणों और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। इससे न केवल कार्य की गति बढ़ेगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रगणक और सुपरवाइजर निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी प्रतिभागियों को पूरी जानकारी प्रदान की जाए। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रशिक्षण के दौरान सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशिक्षण स्थलों पर बैठने की उचित व्यवस्था, अध्ययन सामग्री, प्रोजेक्टर एवं अन्य तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रतिभागियों को सीखने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

जनगणना 2027 के लिए इस प्रकार का व्यापक प्रशिक्षण अभियान यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण कार्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यह प्रयास न केवल जिले में जनगणना कार्य को सफल बनाएगा, बल्कि भविष्य में विकास योजनाओं के लिए एक सुदृढ़ आधार भी तैयार करेगा। यदि जनगणना के आंकड़े सटीक और विश्वसनीय होंगे, तो शासन द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं अधिक प्रभावी होंगी और उनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा। इस दृष्टि से प्रगणकों और सुपरवाइजरों का यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिले में चल रहा यह प्रशिक्षण अभियान प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यह न केवल जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायक होगा, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा। इस प्रकार सतना जिले में जनगणना 2027 के लिए प्रगणक एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण अभियान एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है, जो आने वाले समय में जिले के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी हों, जिससे शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।









