
पलेरा/टीकमगढ़। महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम कार्यक्रम के अंतर्गत पलेरा विकास खंड में नारी सम्मेलन एवं नारी पदयात्रा का आयोजन किया गया। जनपद सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिसने पूरे आयोजन को जागरूकता और प्रेरणा का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत जनपद सभागार में आयोजित नारी सम्मेलन से हुई, जिसमें उपस्थित महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनका उद्देश्य उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। साथ ही, उन्हें स्वरोजगार, लघु उद्योग और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया गया।

नारी सम्मेलन के पश्चात नारी पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। यह पदयात्रा जनपद परिसर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः सभा स्थल पर समाप्त हुई। पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने समाज में जागरूकता का संदेश दिया और यह दर्शाया कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग हैं। पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने विभिन्न नारों के माध्यम से समाज को संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अधिकारों के महत्व को रेखांकित किया और समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना केवल सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज और देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि महिलाओं को एक मंच भी प्रदान किया, जहां वे अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा कर सकीं। इससे उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग हुईं।

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने यह संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य करेंगी और अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनने के लिए प्रेरित करेंगी। इस प्रकार पलेरा विकास खंड में आयोजित नारी सम्मेलन एवं नारी पदयात्रा ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।









