
सागर। जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिभा पाल लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पुलिस लाइन स्थित बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए उनके शैक्षणिक स्तर का परीक्षण भी किया। औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें अपने पास बैठाकर पहाड़ा, गणित और अंग्रेजी विषय से जुड़े प्रश्न पूछे। बच्चों ने उत्साहपूर्वक जवाब दिए, जिस पर कलेक्टर ने उनकी सराहना की। जिन विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, उन्हें तत्काल प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया।निरीक्षण के दौरान का माहौल बेहद प्रेरणादायक रहा। कलेक्टर ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाते हुए कहा कि पढ़ाई ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है और उन्हें पूरे मन से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों के लिए विशेष रूप से पिज़्ज़ा भी उपलब्ध कराया, जिसे सभी विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर आनंदपूर्वक ग्रहण किया। इस पहल से बच्चों में खुशी और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने छात्रावास की भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर का जायजा लेते हुए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर की जानकारी ली। भोजन बना रही महिलाओं से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को घर जैसा माहौल मिलना चाहिए और उनकी हर आवश्यकता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने छात्रावास की आवासीय व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की कमी को तुरंत दूर किया जाए और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों।
इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों में भी सक्रिय रह सकें। कलेक्टर ने कहा कि खेलकूद बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास परिसर में स्थित पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार और अधिक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों में सीखने की अच्छी क्षमता है, जिसे और बेहतर दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिशेन, जिला परियोजना अधिकारी गिरीश मिश्रा तथा आबिद खान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके औचक निरीक्षणों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी और पारदर्शिता देखने को मिल रही है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों से न केवल व्यवस्थाओं में सुधार होता है, बल्कि बच्चों को भी प्रेरणा मिलती है। कलेक्टर प्रतिभा पाल का यह निरीक्षण एक संवेदनशील और प्रभावी प्रशासनिक पहल के रूप में सामने आया है, जिसमें उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनकी आवश्यकताओं को समझा और सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए।









