
मैहर। आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गंभीरता के साथ संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर मैहर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी बिदिशा मुखर्जी ने शुक्रवार को विवेकानंद महाविद्यालय मैहर पहुंचकर जनगणना कार्य में संलग्न प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षण कक्षों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रशिक्षण ले रहे प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत की जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए तथा गणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक प्रगणक और सुपरवाइजर का दायित्व है कि वे सटीक और विश्वसनीय जानकारी संकलित करें। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और यदि किसी प्रकार की शंका हो तो उसी समय उसका समाधान कर लें, ताकि फील्ड में कार्य करते समय किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रगणकों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करनी होती है, इसलिए उन्हें संवाद कौशल, व्यवहार और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लोगों के साथ विनम्र व्यवहार करते हुए उनसे सही जानकारी प्राप्त करना ही इस कार्य की सफलता का मूल आधार है।

इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी मैहर जितेंद्र पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि मैहर तहसील में जनगणना कार्य के लिए कुल 540 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इन ब्लॉकों में कार्य संपन्न कराने के लिए 513 प्रगणकों और 86 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रगणकों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करने की प्रक्रिया, फॉर्म भरने के तरीके, डिजिटल उपकरणों के उपयोग और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि किस प्रकार संवेदनशील और सटीक तरीके से जानकारी संकलित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यकतानुसार सुधार किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी प्रगणक और सुपरवाइजर पूरी तरह प्रशिक्षित हों और उन्हें अपने कार्य के प्रति पूर्ण जानकारी हो। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के दौरान उपस्थिति और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाए तथा सभी प्रतिभागी निर्धारित समय पर उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने-अपने स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिले में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि जनगणना 2027 का कार्य पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ संपन्न हो सके। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का यह निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। उनके द्वारा दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि जिले में जनगणना कार्य को प्राथमिकता के साथ सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।









