
नवरात्रि मेले में 1,100 से अधिक पुलिस बल की तैनाती; 30 राजपत्रित अधिकारी और 50 निरीक्षक स्तर के अधिकारी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था। 20 हजार रेडियम स्टिकर से सुरक्षित होगी पदयात्रियों की यात्रा, डोंगरगढ़ के प्रत्येक पार्किंग स्थल पर सीसीटीवी कैमरे और प्रकाश व्यवस्था।
राजनांदगांव, विशेष संवाददाता। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए राजनांदगांव पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। नवरात्रि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, अपराधों की रोकथाम और आपातकालीन सहायता के लिए विस्तृत व्यवस्था बनाई गई है। पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिलेभर में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नवरात्रि ड्यूटी के लिए 30 राजपत्रित अधिकारी, 50 निरीक्षक स्तर के अधिकारी तथा 1,100 से अधिक अन्य पुलिस अधिकारी एवं जवान तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले, मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों पर आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आपात परिस्थिति में समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नवरात्रि के दौरान दर्शनार्थियों के साथ बड़ी संख्या में पदयात्रियों, परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों के पहुंचने को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संपूर्ण छत्तीसगढ़ पुलिस का बल सेवाभाव और जिम्मेदारी के साथ नवरात्रि ड्यूटी के लिए तैयार है।
### माँ बम्लेश्वरी मंदिर से मेला क्षेत्र तक रहेगी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। ऊपर मंदिर और नीचे मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मेला क्षेत्र, दर्शन मार्ग, रेलवे स्टेशन तथा प्रमुख आवागमन मार्गों पर भी विशेष सतर्कता की आवश्यकता रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए राजनांदगांव पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस की अलग-अलग टीमें भीड़ को व्यवस्थित रखने, श्रद्धालुओं को आवश्यक मार्गदर्शन देने, यातायात का संचालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगी। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ किसी भी असुविधा या आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। विशेष रूप से उन स्थानों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी रहेगी, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। रेलवे स्टेशन और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी सतर्कता बरती जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। नवरात्रि मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखना और श्रद्धालुओं की सहायता करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहेगा कि दर्शनार्थी शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें। मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से सतर्कता बरतते हुए संभावित समस्याओं को रोकना भी है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
### अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी विशेष निगरानी
नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों के सामान की सुरक्षा, बच्चों और बुजुर्गों की सहायता, वाहनों की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान देना आवश्यक होता है। राजनांदगांव पुलिस ने इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपराध नियंत्रण के लिए क्राइम टीम की तैनाती की व्यवस्था की है। रेलवे स्टेशन, प्रमुख प्रवेश मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं की सहायता के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। मेला क्षेत्र में परिवारों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को भी अपने सामान के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से भीड़ के बीच अनावश्यक रूप से कीमती आभूषण, बड़ी नकदी या अन्य मूल्यवान वस्तुएं लेकर आने से बचना उपयोगी होगा। बच्चों को अपने अभिभावकों के साथ रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में निकटतम पुलिसकर्मी से संपर्क करने की सलाह दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था की सफलता में पुलिस बल की सक्रियता के साथ श्रद्धालुओं की जागरूकता और सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि लोग निर्धारित मार्गों का पालन करें, यातायात व्यवस्था में सहयोग दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय पर पुलिस को दें, तो संभावित समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहेगा कि नवरात्रि मेले के दौरान सुरक्षा और सेवा की व्यवस्था एक साथ प्रभावी रूप से संचालित हो, जिससे श्रद्धालु बिना अनावश्यक चिंता के माँ बम्लेश्वरी के दर्शन कर सकें।
### प्रत्येक पार्किंग स्थल पर सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डोंगरगढ़ के प्रत्येक पार्किंग स्थल पर सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की गई है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में निजी वाहन और अन्य यातायात साधन डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग स्थलों का व्यवस्थित संचालन, वाहनों की आवाजाही और वाहन खड़ा करने के लिए निर्धारित स्थानों का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। सीसीटीवी कैमरों से पार्किंग क्षेत्रों की निगरानी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान देने में सहायता मिल सकती है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था से विशेषकर शाम और रात्रि के समय वाहन चालकों तथा पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने से यातायात बाधित हो सकता है और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में भी परेशानी आ सकती है। इसलिए पार्किंग व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों और संबंधित कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालुओं को अपने वाहन की सुरक्षा के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए। वाहन को ठीक प्रकार से लॉक करना और जरूरी सामान को सुरक्षित रखना उपयोगी होगा। भीड़ के समय वाहन लेने या पार्किंग से बाहर निकलने में अतिरिक्त समय लग सकता है, इसलिए श्रद्धालुओं को धैर्य बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की जरूरत है। पार्किंग की बेहतर व्यवस्था का उद्देश्य डोंगरगढ़ में प्रवेश और निकास को सुचारु बनाए रखना, सड़क पर जाम की स्थिति कम करना और श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। पुलिस प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था को नवरात्रि सुरक्षा योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है, ताकि मंदिर दर्शन के लिए आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के संबंध में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
### प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात प्रबंधन, जरूरत के अनुसार डायवर्जन
नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की संख्या बढ़ने से प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए राजनांदगांव पुलिस द्वारा डोंगरगढ़ आने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात प्रबंधन किया जाएगा। इनमें अंजोरा बायपास से डोंगरगढ़ मार्ग, तुमड़ीबोड़ से डोंगरगढ़ मार्ग तथा चिचोला–बिराटलाब–खैरागढ़ मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा और परिस्थितियों के अनुसार वाहनों की आवाजाही का नियमन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित यातायात निर्देशों के अनुरूप डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है। यातायात व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से गंतव्य तक पहुंचाना और अनावश्यक जाम की स्थिति को रोकना है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और मार्ग में अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें। विशेष रूप से उन स्थानों पर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी, जहां पदयात्री सड़क के किनारे चलते हैं या श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। वाहन चालकों को अपनी गति नियंत्रित रखनी चाहिए और पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह देनी चाहिए। किसी भी मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में पुलिसकर्मी वैकल्पिक मार्ग या निर्धारित दिशा के संबंध में मार्गदर्शन दे सकते हैं। ऐसे समय में निर्देशों का पालन करने से आवागमन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है। श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग की जानकारी लेने और यात्रा के दौरान यातायात संबंधी सूचनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। पुलिस प्रशासन की योजना है कि प्रमुख मार्गों पर तैनात बल समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि वाहनों, पदयात्रियों और अन्य यात्रियों के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। यातायात प्रबंधन में आम नागरिकों का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पुलिस की तैनाती और निगरानी।
### पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए 20 हजार रेडियम स्टिकर का वितरण
माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए नवरात्रि के दौरान अनेक श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे पदयात्री भी होते हैं, जो शाम या रात्रि के समय यात्रा करते हैं। कम रोशनी में सड़क पर पैदल चल रहे लोगों को वाहन चालकों द्वारा समय रहते देख पाना कठिन हो सकता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राजनांदगांव पुलिस ने पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष पहल की है। पुलिस द्वारा 20,000 रेडियम स्टिकर वितरित किए जाएंगे, जिससे रात्रि के समय पदयात्रियों की दृश्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी। रेडियम या परावर्तक स्टिकर वाहन की रोशनी पड़ने पर चमकते हैं और सड़क पर चल रहे लोगों को पहचानने में सहायता कर सकते हैं। इससे वाहन चालकों को पदयात्रियों की मौजूदगी का पहले से संकेत मिल सकता है और सावधानी बरतने का अवसर मिलता है। यह पहल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और धार्मिक यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि केवल रेडियम स्टिकर ही पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते; पदयात्रियों को सड़क के किनारे सुरक्षित ढंग से चलना, वाहन यातायात से दूरी बनाए रखना और समूह में अनुशासित तरीके से यात्रा करना भी जरूरी है। रात्रि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को जहां संभव हो, दृश्यता बढ़ाने वाले अन्य साधनों का भी उपयोग करना चाहिए। वाहन चालकों को भी विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और पदयात्रियों के आसपास गति नियंत्रित रखनी चाहिए। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और संभावित सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में सहायता करना है। 20 हजार रेडियम स्टिकर का वितरण नवरात्रि मेले के दौरान पदयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ लें और यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
### मेला ड्यूटी के लिए विशेष पुलिस बल, आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी
नवरात्रि मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इस बल की जिम्मेदारी में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अपराध रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया देना शामिल रहेगा। धार्मिक आयोजनों के दौरान कभी-कभी किसी व्यक्ति के भीड़ में बिछड़ जाने, अचानक असुविधा होने या यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और विभिन्न टीमों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें और किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करें। पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सहज और सम्मानपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना भी है। मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग, मेला क्षेत्र और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर तैनात जवानों को लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहना होगा। श्रद्धालुओं को भी पुलिसकर्मियों से सहयोगपूर्ण व्यवहार करने और आवश्यक जानकारी मिलने पर उनके निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखना, धक्का-मुक्की से बचना और बुजुर्गों तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में घबराने के बजाय निकटतम पुलिसकर्मी से संपर्क करना अधिक उपयोगी होगा। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि नवरात्रि का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इसके लिए पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था, निगरानी और सहायता प्रणाली को एक-दूसरे के साथ समन्वित रूप से संचालित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता में समय पर सूचना, जिम्मेदार व्यवहार और प्रशासन के साथ जनता का सहयोग निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
### आपात स्थिति में कंट्रोल रूम और मंदिर परिसर में पुलिस से लें सहायता
नवरात्रि मेले के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति, आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर श्रद्धालु राजनांदगांव पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त डोंगरगढ़ में शिरपानी डोम, ऊपर मंदिर और नीचे मंदिर परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से सहायता प्राप्त की जा सकती है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यदि उन्हें कोई समस्या हो, कोई व्यक्ति भीड़ में बिछड़ जाए या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल निकटतम पुलिस अधिकारी अथवा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। परिवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें और उन्हें अभिभावकों का नाम तथा मोबाइल नंबर याद करवाएं। छोटे बच्चों के पास संपर्क विवरण लिखकर रखना भी उपयोगी हो सकता है। यदि कोई बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो उसे निकटतम पुलिसकर्मी या निर्धारित सहायता केंद्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। अभिभावकों को भी ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय पुलिस से तुरंत संपर्क करना चाहिए। इसी प्रकार बुजुर्गों और ऐसे श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती है। धार्मिक यात्रा के दौरान समूह के सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखना भी उपयोगी है। श्रद्धालुओं को अपने परिवार के सदस्यों के मिलने का एक निश्चित स्थान तय करने जैसी सावधानी अपनाने की सलाह दी जा सकती है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यह है कि किसी भी आवश्यकता के समय सहायता तक पहुंचना आसान हो और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। कंट्रोल रूम तथा मंदिर परिसर में तैनात अधिकारियों से संपर्क करने की जानकारी श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए यात्रा के दौरान इस व्यवस्था के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
### श्रद्धालुओं से अपील: सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें
राजनांदगांव पुलिस ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं से सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक कीमती सामान, बड़ी नकदी और मूल्यवान आभूषण साथ लाने से बचें। अपने सामान की सुरक्षा का ध्यान रखें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। बच्चों को हमेशा अपने साथ रखें और उन्हें अकेले इधर-उधर न जाने दें। यदि परिवार का कोई सदस्य भीड़ में बिछड़ जाए, तो घबराने के बजाय निकटतम पुलिसकर्मी या संबंधित कंट्रोल रूम से संपर्क करें। वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें और सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करके जाम की स्थिति उत्पन्न न करें। यातायात पुलिस द्वारा जारी मार्ग, डायवर्जन और पार्किंग संबंधी निर्देशों का पालन करें। पदयात्रियों को सड़क किनारे सुरक्षित ढंग से चलने और रात्रि में दृश्यता बढ़ाने वाले साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी पदयात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असुविधा या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। इन सावधानियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका को कम करना है। नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के बीच सहयोग आवश्यक है। यदि सभी लोग अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें, तो दर्शन और आवागमन अधिक सुगम हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे धार्मिक उत्साह के साथ अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
### जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
माँ बम्लेश्वरी मंदिर के अतिरिक्त राजनांदगांव जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। इनमें माँ शीतला मंदिर, माँ पायल भैरवी मंदिर और माँ करेला भवानी मंदिर शामिल हैं। नवरात्रि के अवसर पर इन धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में संबंधित स्थानों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आवागमन की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस प्रशासन द्वारा इन मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मंदिर परिसरों में अनुशासन बनाए रखें, निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखना और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना भी प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो मंदिर परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों से सहायता ली जा सकती है। जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और नवरात्रि के दौरान शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों को सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन की यह व्यवस्था पूरे जिले में नवरात्रि आयोजन के दौरान सुरक्षा और सेवा को प्राथमिकता देने की पहल के रूप में देखी जा सकती है।
### पुलिस का संकल्प: सुरक्षित श्रद्धालु, सुगम दर्शन और सुव्यवस्थित नवरात्रि
पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में राजनांदगांव पुलिस नवरात्रि पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 1,100 से अधिक पुलिस बल की तैनाती, 30 राजपत्रित अधिकारियों और 50 निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी, प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी एवं प्रकाश व्यवस्था और पदयात्रियों के लिए 20 हजार रेडियम स्टिकर का वितरण इस तैयारी के प्रमुख हिस्से हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें सुगम आवागमन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहेगा कि मंदिरों, दर्शन मार्गों, रेलवे स्टेशन, मेला क्षेत्र और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर समन्वित व्यवस्था बनी रहे। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर तैनात पुलिस अधिकारी और जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का भी अवसर है। श्रद्धालुओं का अनुशासन, यातायात नियमों का पालन और पुलिस के निर्देशों के प्रति सहयोग सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद करेगा। राजनांदगांव पुलिस ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनसे सुरक्षित यात्रा करने, बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने, निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।
राजनांदगांव पुलिस का संदेश स्पष्ट है—माँ बम्लेश्वरी की सेवा में तत्परता, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि और नवरात्रि मेले को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु पधारने वाले समस्त श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।









