
पीएम मोदी ने आज यानि 30 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर की अपनी चुनावी सभा में संबोधन के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने छठ पर्व को ‘ड्रामा’ कहने वाले विपक्षी नेताओं से पूछा कि क्या बिहार की माताएं-बहनें छठी मैया का अपमान बर्दाश्त करेंगी? उन्होंने…

‘छठ ड्रामा है’ पर सियासी वार
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का रुख कांग्रेस और राजद (RJD) की ओर मोड़ते हुए उन पर छठ पूजा के अपमान का आरोप लगाया। पीएम ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि”कांग्रेस और राजद के लोग छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। बेशर्मी से बोल रहे हैं कि उनके लिए छठ पूजा नौटंकी है, ड्रामा है। ऐसे लोगों को सज़ा दोगे कि नहीं?” उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से पूछा, “क्या कोई वोट पाने के लिए छठ मैया का अपमान करेगा? जो माताएं निर्जला उपवास करती हैं, गंगाजी में खड़ी होती हैं, वो तो उनकी नज़र में ड्रामा करती हैं। क्या बिहार की माताएं-बहनें छठ मैया का अपमान बर्दाश्त करेंगी?” पीएम ने ज़ोर देकर कहा कि यह अपमान हर उस व्यक्ति का है जो छठी मैया में श्रद्धा रखता है। उन्होंने कहा, “हमारा बिहार, स्वाभिमान की धरती है। जिन लोगों ने छठ पूजा को गाली देने का काम किया है, उन्हें सैकड़ों साल तक बिहार नहीं भूलेगा।”

पीएम मोदी ने की ये बड़ी घोषणाएं:
इसी के साथ पीएम मोदी ने ये बड़ी घोषणाएं भी की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छठ पूजा को UNESCO की सूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही है। इसी के साथ छठ के गीतों को देशव्यापी रूप देने के लिए एक विशेष प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न भाषाओं के गायक और लेखक हिस्सा लेंगे। जनता द्वारा चुने गए सबसे चर्चित गीतों के गायक और लेखक को अगले साल छठ से पहले सम्मानित किया जाएगा। पीएम ने कहा कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
पीएम मोदी ने साझा किया निजी अनुभव
“जब मुझे सोने से पहले या योग के समय मौका मिलता था, तो मैं छठ के गीत सुनता था। मैंने एक बार एक विदेशी महिला और नगालैंड की एक बेटी को भी छठ के गीत गाते देखा, तब लगा कि छठ मैया देश-विदेश में अपना प्रभाव दिखा रही हैं।”









