
पटना। बिहार की सियासत में दानापुर विधानसभा सीट इन दिनों सबसे चर्चित बन गई है। इस सीट पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा चुका है। वजह हैं बाहुबली छवि वाले रीतलाल यादव, जिन्हें महागठबंधन ने उम्मीदवार बनाया है। रविवार को लालू यादव ने खुद 15 किलोमीटर लंबा रोड शो कर माहौल गर्मा दिया। हजारों की भीड़ के बीच उन्होंने रीतलाल के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन किया। लेकिन इस चुनावी कवायद के पीछे सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि लालू परिवार और बीजेपी नेता रामकृपाल यादव के बीच वर्षों पुराना बदला भी छिपा है।
🔹 लालू का रोड शो: शक्ति प्रदर्शन या संदेश?
लालू यादव लंबे समय बाद इतनी बड़ी रैली में शामिल हुए। रोड शो दानापुर के विभिन्न इलाकों—नासरीगंज, शाहपुर, खगौल और सब्जीबाग—से गुजरता हुआ घंटों चला। लालू की गाड़ी पर रीतलाल यादव और तेजप्रताप यादव मौजूद थे, जबकि सड़क किनारे लोग ‘लालू जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे।
राजद कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह रोड शो सिर्फ चुनाव प्रचार नहीं, बल्कि यह संदेश था कि “लालू अभी मैदान में हैं और उनके बिना बिहार की राजनीति अधूरी है।”
🔹 रामकृपाल यादव से पुरानी रंजिश
दानापुर की जंग में दिलचस्प मोड़ इसलिए है क्योंकि यह लालू यादव और रामकृपाल यादव की पुरानी अदावत से जुड़ी है।
रामकृपाल कभी लालू के बेहद भरोसेमंद सहयोगी थे। वह परिवार के सदस्य की तरह माने जाते थे और लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती के संसदीय क्षेत्र पाटलिपुत्र में उनकी पकड़ थी।
लेकिन 2014 में टिकट बंटवारे को लेकर मतभेद हुआ। मीसा भारती को टिकट देने से नाराज़ होकर रामकृपाल ने आरजेडी छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया।
तब से लालू परिवार उन्हें “गद्दार” की तरह देखता है। अब जब दानापुर की सीट पर बीजेपी का समर्थन रामकृपाल खेमे से है, लालू परिवार इसे व्यक्तिगत चुनौती की तरह ले रहा है।
🔹 बाहुबली रीतलाल की लोकप्रियता और विवाद
रीतलाल यादव दानापुर इलाके में लोकल हीरो माने जाते हैं। बाहुबली छवि के बावजूद जनता में उनका प्रभाव गहरा है।
जेल से राजनीति की शुरुआत करने वाले रीतलाल ने पहले भी आरजेडी से टिकट पाया था और जीत हासिल की थी। उनके समर्थक उन्हें “गरीबों का नेता” कहते हैं, जबकि विरोधी उन्हें “डर की राजनीति” का प्रतीक मानते हैं।
लालू यादव का रोड शो यह साफ करता है कि पार्टी ने पूरी ताकत रीतलाल के पीछे झोंक दी है।
🔹 क्या फंस सकती है दानापुर सीट?
दानापुर सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। एक ओर आरजेडी के रीतलाल यादव हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार जिन्हें रामकृपाल यादव का वरदहस्त प्राप्त है। तीसरा मोर्चा महागठबंधन से नाराज़ निर्दलीयों का है।
रीतलाल की छवि जहां उनके समर्थकों के बीच ताकत है, वहीं महिला और युवा मतदाताओं के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर वोटिंग जातिगत समीकरणों पर बंटी रही तो दानापुर सीट फंस सकती है।
हालांकि लालू का रोड शो मैदान को गर्म कर गया है और इससे आरजेडी कार्यकर्ताओं में जोश देखा जा रहा है।









