
नीमच जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश
नीमच। आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए नीमच जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई में इस बार भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। मंगलवार को कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जनसुनवाई में पहुँचकर स्वयं नागरिकों की शिकायतें और आवेदन सुने तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल एवं प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पहुंचे सैकड़ों नागरिक
जिला मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक के सैकड़ों नागरिक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों की उपस्थिति विशेष रूप से देखी गई। लोग अपनी-अपनी शिकायतें लेकर सुबह से ही जनसुनवाई स्थल पर पहुँच गए थे।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक सुना और समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की वास्तविक परेशानियों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।”
प्रमुख शिकायतें और कलेक्टर के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, बिजली बिल सुधार, पात्रता पर्ची वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जलापूर्ति व्यवस्था, रोजगार गारंटी योजना, छात्रवृत्ति तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पर संबंधित विभाग अगले 7 दिनों के भीतर कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
राजस्व विभाग के कुछ मामलों में कलेक्टर ने मौके पर ही उपस्थित एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि जहां भी भूमि विवाद या सीमांकन से जुड़े प्रकरण हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर
कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे अहम तत्व हैं। किसी भी आवेदनकर्ता को इधर-उधर भटकने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर साप्ताहिक जनसंपर्क दिवस आयोजित करें, ताकि छोटी समस्याओं का समाधान वहीं पर किया जा सके और उन्हें जिला जनसुनवाई तक न पहुँचना पड़े।
विशेष रूप से सुनी गई महिला और बुजुर्गों की समस्याएँ
जनसुनवाई में कई महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आवास योजना से जुड़ी शिकायतें प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को तुरंत मामलों की जाँच करने और पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही कई वृद्ध नागरिकों ने बिजली बिल की गलत वसूली, राशन कार्ड और स्वास्थ्य उपचार से जुड़ी शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने सीएमएचओ और जिला आपूर्ति अधिकारी को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बोले — जनता की समस्या ही मेरी प्राथमिकता
जनसुनवाई के अंत में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि “जनता की समस्या ही प्रशासन की प्राथमिकता है।” उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि किसी भी आवेदन को औपचारिकता में न लिया जाए, बल्कि हर शिकायत का ठोस समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएँ लागू करना नहीं है, बल्कि यह देखना भी है कि उनका लाभ ज़मीन पर जनता तक पहुँच रहा है या नहीं। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनसुनवाई में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा रिपोर्ट हर सप्ताह तैयार की जाए और अगली बैठक में प्रगति की जानकारी दी जाए।
जनता ने जताया संतोष
जनसुनवाई में उपस्थित नागरिकों ने कलेक्टर श्री चंद्रा के संवादात्मक व्यवहार और संवेदनशीलता की सराहना की। ग्रामीण अंचल से आए लालाराम गुर्जर (गांधीनगर) ने कहा, “कलेक्टर साहब ने हमारी बात ध्यान से सुनी और तत्काल आदेश दिए, यह पहली बार है कि हमें लगा कि हमारी समस्या सचमुच सुनी जा रही है।”
इसी प्रकार महिला आवेदिका सावित्री बाई पटेल (सिंगोली) ने कहा कि “कलेक्टर साहब का रवैया बहुत अच्छा रहा। उन्होंने हमारी समस्या पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।”
प्रशासनिक टीम रही मौजूद
जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम नीमच, जिला पंचायत सीईओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, राजस्व और बिजली विभाग के अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।








