
संतुलन और आत्मविश्वास से मिली सफलता, कहा — “रटने से नहीं, समझने से आता है कॉन्सेप्ट क्लियर”
हैदराबाद। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, लेकिन हैदराबाद के तेजस रेड्डी ने इसे न केवल पास किया, बल्कि ऑल इंडिया टॉपर बनकर सबको चौंका दिया।
दिलचस्प बात यह है कि तेजस का कहना है कि उन्होंने तैयारी के दौरान न तो खुद को पूरी तरह मनोरंजन से काटा, न ही 24 घंटे पढ़ाई में बिताए — बल्कि संतुलन, योजना और आत्मअनुशासन के साथ मेहनत की।
उन्होंने हँसते हुए कहा, “मैंने बीच-बीच में OTT पर वेब सीरीज भी देखीं, लेकिन लक्ष्य से नज़र कभी नहीं हटाई।”
‘दिन में 12 घंटे की पढ़ाई, लेकिन आराम भी ज़रूरी था’
तेजस रेड्डी ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान हर दिन 12 घंटे पढ़ाई को समर्पित किए।
उनका कहना है कि लगातार बिना ब्रेक के पढ़ना उतना उपयोगी नहीं जितना कि फोकस्ड स्टडी।
“मैं हर 2-3 घंटे की पढ़ाई के बाद छोटा ब्रेक लेता था। दिन में एक घंटे OTT पर कुछ हल्का देखता था — यह मेरे लिए रिफ्रेशमेंट की तरह था,” तेजस ने मुस्कराते हुए बताया।
उनकी दिनचर्या बेहद व्यवस्थित थी —
सुबह 6 बजे उठकर मेडिटेशन, फिर नाश्ता और 8 बजे से पढ़ाई की शुरुआत।
दोपहर में 30 मिनट का लंच ब्रेक, शाम को हल्की सैर या क्रिकेट, और रात 10 बजे तक दिन का समापन।
उन्होंने कहा, “जब तक आप खुद को संतुलित नहीं रखेंगे, तब तक लंबे समय तक पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।”
तीन बार की गई योजना में बदलाव
तेजस ने इस परीक्षा के लिए तीन अलग-अलग चरणों में रणनीति बदली।
पहले चरण में उन्होंने सिलेबस को समझने पर ध्यान दिया, दूसरे में क्वेश्चन प्रैक्टिस और मॉक टेस्ट, और तीसरे चरण में रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट।
“शुरुआत में मैं नोट्स खुद बनाता था, लेकिन महसूस हुआ कि ज्यादा समय लग रहा है। बाद में छोटे-छोटे कॉन्सेप्ट चार्ट बनाने शुरू किए, जिससे रिवीजन आसान हुआ,” तेजस ने कहा।
उन्होंने बताया कि आखिरी दो महीनों में उन्होंने सिलेबस के हर विषय की दो बार रिवीजन की।
“CA परीक्षा सिर्फ याद करने की नहीं, समझने की परीक्षा है। जो कॉन्सेप्ट क्लियर रखता है, वही टिकता है,” उन्होंने कहा।
कोचिंग नहीं, सेल्फ-स्टडी से मिली सफलता
तेजस रेड्डी ने यह सफलता पूरी तरह सेल्फ-स्टडी से हासिल की।
उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान से कोर्स नहीं किया।
“मेरे कई दोस्त कोचिंग पर निर्भर थे, लेकिन मुझे लगा कि CA की असली कुंजी आत्म-अध्ययन में है। अगर आप ईमानदारी से खुद को समझाते रहें, तो किताब ही सबसे अच्छा टीचर बन जाती है,” तेजस कहते हैं।
हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऑनलाइन उपलब्ध फ्री लेक्चर और पिछले वर्षों के टॉपर इंटरव्यूज़ से उन्हें दिशा मिली।
“आज इंटरनेट पर सब कुछ है, बस जरूरत है सही चीज़ चुनने की,” उन्होंने कहा।
परिवार बना प्रेरणा का आधार
तेजस के पिता के. वेंकट रेड्डी प्राइवेट सेक्टर में इंजीनियर हैं, जबकि माँ गृहिणी हैं।
तेजस कहते हैं, “मेरे माता-पिता ने कभी मुझ पर टॉप करने का दबाव नहीं डाला। उन्होंने हमेशा कहा — अपना बेस्ट दो, नतीजा जो भी हो।”
उनकी माँ का कहना है, “तेजस बचपन से ही हर काम योजना बनाकर करता है। वह जो भी ठानता है, पूरा करता है। जब उसने कहा कि वह CA करेगा, हमने बस उसका साथ दिया।”
परिवार के इस सहयोग को तेजस अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हैं।
उन्होंने कहा, “जब आसपास सपोर्टिव माहौल होता है, तो कठिन से कठिन परीक्षा आसान लगने लगती है।”
सफलता का मंत्र: ‘Consistency ही असली टैलेंट है’
तेजस का मानना है कि CA जैसी परीक्षा में कंसिस्टेंसी (लगातार प्रयास) सबसे अहम है।
“बहुत से लोग पहले कुछ हफ्ते बहुत पढ़ते हैं, फिर थक जाते हैं। लेकिन अगर आप रोज़ थोड़ा-थोड़ा भी मेहनत करते रहें, तो नतीजा ग़ज़ब का होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया से दूरी बनाना जरूरी है।
“मैंने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप को लगभग तीन महीने के लिए बंद कर दिया था। distractions ही सबसे बड़ी बाधा हैं।”
CA बनने के बाद लक्ष्य: फिनटेक सेक्टर में कदम
तेजस रेड्डी अब फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (FinTech) सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं।
उनका कहना है, “भारत में डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक कंपनियों का दौर तेजी से बढ़ रहा है। मैं CA की जानकारी का उपयोग तकनीक के साथ करना चाहता हूँ।”
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा,
“कभी खुद की तुलना दूसरों से मत करो। अगर आप रोज़ थोड़ा बेहतर बन रहे हैं, तो वही असली सफलता है।”









