
नई दिल्ली। क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक टेस्ट श्रृंखला The Ashes में रन बनाना हर बल्लेबाज़ का सपना होता है। लेकिन इस ऐतिहासिक मुकाबले में एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसके आसपास आज तक कोई भी खिलाड़ी नहीं पहुँच सका है। यह रिकॉर्ड है—सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के नाम सबसे ज्यादा रन बनाने का।
ऑस्ट्रेलिया के महानतम बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन ने Ashes में कुल 5,028 रन बनाए, जो आज भी इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा है।उनके इस रिकॉर्ड के करीब कोई भी बल्लेबाज नहीं आ पाया है।
डॉन ब्रैडमैन का Ashes में दबदबा
ब्रैडमैन ने 1928 से 1948 तक Ashes में जो प्रदर्शन किया, वह आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता।
उनके प्रदर्शन के कुछ प्रमुख तथ्य—
● कुल रन : 5,028
● औसत : लगभग 90
● शतक : 19
● दोहरे शतक : कई
यह आँकड़े दिखाते हैं कि ब्रैडमैन न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के लिए, बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए एक बेमिसाल बल्लेबाज़ थे।
ब्रैडमैन के करीब भी नहीं पहुँच पाए अन्य बल्लेबाज़
Ashes इतिहास में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जैक हॉब्स करीब 3,600 रन के साथ हैं। लेकिन यह आंकड़ा भी ब्रैडमैन के स्कोर से लगभग 1,400 रन कम है—जो साबित करता है कि ब्रैडमैन का रिकॉर्ड आज भी अप्राप्य है। वर्तमान युग के खिलाड़ी—जैसे जो रूट, स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, बेन स्टोक्स—भले ही आधुनिक महानायक हों, मगर वे भी ब्रैडमैन की महानता के आंकड़ों से काफी पीछे हैं।
ब्रैडमैन का रिकॉर्ड क्यों है इतना खास?
✔ ब्रैडमैन ने यह सभी रन उस दौर में बनाए जब—
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पिचें आज की तरह बल्लेबाज़ों के अनुकूल नहीं थीं
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सुरक्षा उपकरण सीमित थे
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गेंदबाजों की बाउंसिंग डिलीवरी बेहद खतरनाक मानी जाती थी
✔ इसके बावजूद उन्होंने अपने अविश्वसनीय औसत और consistency से क्रिकेट इतिहास में अमर स्थान बना लिया।
क्या यह रिकॉर्ड कभी टूट पाएगा?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि—
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आधुनिक क्रिकेट में अधिक सीरीज रोटेशन
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खिलाड़ी बदलाव
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सीमित ओवरों का व्यस्त शेड्यूल
इन सबके कारण किसी भी बल्लेबाज के लिए Ashes में ब्रैडमैन के 5000+ रन के रिकॉर्ड को तोड़ना लगभग असंभव है।
स्टीव स्मिथ और जो रूट जरूर आधुनिक क्रिकेटर के रूप में शीर्ष Ashes रन-स्कोरर हैं, लेकिन वे भी इस रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं पहुँच पाए हैं।
Ashes में सबसे ज़्यादा रन का रिकॉर्ड जिस बल्लेबाज के नाम है, वह कोई और नहीं बल्कि डॉन ब्रैडमैन हैं—और उनका यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट इतिहास का सबसे कठिन और सबसे भव्य रिकॉर्ड माना जाता है।
उनके करीब कोई भी बल्लेबाज़ अब तक नहीं पहुँच पाया है, और लगता है कि आने वाले कई वर्षों तक यह रिकॉर्ड सुरक्षित रहने वाला है।









