
रीवा, 14 दिसंबर, 2025: रीवा के प्रमुख चिकित्सा केंद्र संजय गांधी अस्पताल में आज दोपहर करीब 1:00 बजे अचानक गायनी ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आते ही पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल में मरीज, कर्मचारी और आगंतुक सभी अचानक उत्पन्न संकट के कारण भयभीत हो उठे।
सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत आपातकालीन कार्रवाई शुरू की गई। अस्पताल प्रशासन ने नजदीकी वार्डों में मौजूद मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू किया और आग को फैलने से रोकने के लिए तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। स्थानीय दमकल की गाड़ियाँ लगभग घटना स्थल पर 15 मिनट के भीतर पहुँच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता अभी नहीं चल पाया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह आग गायनी ओटी के इलेक्ट्रिक उपकरणों में किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण लग सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए तकनीकी टीम जांच कर रही है।
हैरान कर देने वाली स्थिति
घटना के समय ओटी में कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति थी, लेकिन किसी भी प्रकार की हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। अस्पताल के मुख्य प्रशासक ने मीडिया से कहा, “हमने सभी सुरक्षा उपाय तत्काल लागू कर दिए हैं। मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत की बात यह है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।”
घटना स्थल पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने बताया कि आग अचानक फैल गई और आग बुझाने में कुछ समय लगा। “ओटी में अचानक धुआँ और आग फैल गई। हम तुरंत सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाले और वार्ड खाली करवा दिए। दमकल की गाड़ियों ने समय पर आग पर काबू पाया, वरना स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी,” एक नर्स ने बताया।
राहत एवं बचाव प्रयास
आग लगने के तुरंत बाद, अस्पताल प्रशासन ने सभी निकटवर्ती वार्डों को खाली करवा दिया। मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया और आग बुझने के बाद चिकित्सा उपकरणों और ओटी परिसर की स्थिति का निरीक्षण शुरू किया गया। अस्पताल के सुरक्षा अधिकारी और आपदा प्रबंधन टीम लगातार मौके पर उपस्थित रहे और आग की स्थिति पर निगरानी रखी।
स्थानीय दमकल प्रमुख ने बताया, “हमने आग को फैलने से रोकने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किया। आग पर लगभग एक घंटे के भीतर नियंत्रण पा लिया गया। फिलहाल ओटी परिसर की जांच जारी है और किसी भी तरह की पुनः आग लगने की संभावना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ
घटना के समय अस्पताल के बाहर मौजूद लोग भी आग की चपेट में आए तनाव और डर का अनुभव कर रहे थे। कुछ लोगों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे अस्पताल परिसर में धुआँ और गर्मी फैल गई। कई लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों की सुरक्षा के लिए चिंता में थे। “हमें अचानक पता चला कि ओटी में आग लगी है। हमने अपने परिचितों को सुरक्षित बाहर निकाला। बहुत डरावना अनुभव था,” एक स्थानीय नागरिक ने कहा।
संभावित कारणों की जांच
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, गायनी ओटी में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या सर्जिकल उपकरणों में तकनीकी खराबी से आग लगने की संभावना है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ और फायर ब्रिगेड टीम मिलकर जांच कर रही है। आग लगने के कारणों की पुष्टि के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा मानक लागू किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में आग से बचाव के लिए नियमित सुरक्षा निरीक्षण, आपातकालीन निकासी योजना और आग बुझाने के यंत्रों की स्थिति का समय-समय पर परीक्षण आवश्यक है। संजय गांधी अस्पताल में भी अब इस दिशा में अतिरिक्त कदम उठाए जाने की संभावना है।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
अस्पताल के मुख्य प्रशासक ने मीडिया से कहा, “हमारी प्राथमिकता मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा है। आग लगने की घटना गंभीर है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। हमने सभी वार्डों को खाली करवा लिया और दमकल टीम की सहायता से आग पर काबू पाया। तकनीकी टीम अब जांच कर रही है कि आग कैसे लगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपाय सख्ती से लागू किए जाएंगे।”
समाज पर प्रभाव
इस घटना ने रीवा और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन preparedness को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह घटना तेजी से वायरल हुई और लोगों ने अस्पताल प्रशासन की तत्परता और दमकल विभाग के समय पर आग पर काबू पाने की सराहना की।
कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि अस्पतालों में आग से बचाव की दिशा में व्यापक सुधार की जरूरत है। सभी अस्पतालों में नियमित रूप से फायर ड्रिल, इलेक्ट्रिक उपकरणों की जांच, और सुरक्षा कर्मचारियों की प्रशिक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।
अगले कदम
अस्पताल प्रशासन ने घोषणा की है कि जांच पूरी होने तक ओटी और आसपास के वार्डों को बंद रखा जाएगा। इसके अलावा, सभी मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड और आपातकालीन सुविधाओं को सक्रिय किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अस्पताल के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, अन्य अस्पतालों में मरीजों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी व्यवस्थित रूप से चल रही है।
निष्कर्ष
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में आज दोपहर की घटना ने स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। आग लगने के बावजूद किसी के हताहत न होने की खबर एक राहत भरी जानकारी है। प्रशासन और दमकल टीम की तत्परता से संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
हालांकि, यह घटना एक चेतावनी के रूप में है कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन और आपातकालीन योजनाओं का नियमित परीक्षण बेहद आवश्यक है। अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का वचन दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोहराई न जाएं।








