
इंदौर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में उस समय एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जब अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री राजाबाबू सिंह का आगमन हुआ। उनके इस दौरे ने न केवल प्रशिक्षण संस्थान की गतिविधियों को नई दिशा दी, बल्कि पुलिस विभाग में नवाचार, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी सामने आई। इस अवसर पर उन्होंने पीटीसी परिसर में जैविक खेती का शुभारंभ किया, राम मंदिर परिसर में 11 पवित्र वृक्षों का पौधरोपण किया तथा कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन कर प्रशिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

दौरे के दौरान श्री सिंह ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के महत्व के बारे में बताया। उनका कहना था कि आज के समय में पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज के साथ समन्वय स्थापित करना, तकनीकी दक्षता हासिल करना और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना भी उतना ही आवश्यक है।
इस अवसर पर जैविक खेती की शुरुआत को एक अभिनव कदम के रूप में देखा जा रहा है। पीटीसी परिसर में जैविक खेती का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना है। श्री सिंह ने कहा कि जैविक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
राम मंदिर परिसर में 11 पवित्र वृक्षों का पौधरोपण कार्यक्रम भी इस दौरे का एक विशेष आकर्षण रहा। इन वृक्षों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। श्री सिंह ने पौधरोपण के दौरान कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे न केवल वृक्षारोपण करें, बल्कि उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही पीटीसी परिसर में RO प्लांट का उद्घाटन किया गया, जिससे प्रशिक्षुओं और स्टाफ को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। यह सुविधा स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारियों की संभावना कम होगी। श्री सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही एक सशक्त पुलिस बल की नींव है, इसलिए इस प्रकार की सुविधाओं का विकास आवश्यक है।
आटा चक्की का उद्घाटन भी इस अवसर पर किया गया, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस चक्की के माध्यम से परिसर में ही अनाज को प्रोसेस किया जा सकेगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को भी दर्शाती है और प्रशिक्षुओं को स्वावलंबन का संदेश देती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की स्थापना से प्रशिक्षण प्रणाली में तकनीकी उन्नति देखने को मिलेगी। इसके माध्यम से विभिन्न विषय विशेषज्ञों से सीधे संवाद स्थापित किया जा सकेगा और ऑनलाइन प्रशिक्षण को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा। श्री सिंह ने कहा कि आधुनिक युग में तकनीक का उपयोग अनिवार्य हो गया है और पुलिस बल को भी इसके साथ कदम मिलाकर चलना होगा। यह सुविधा प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने में सहायक होगी।
पुलिस सुपर मार्केट का उद्घाटन भी इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इस सुपर मार्केट के माध्यम से प्रशिक्षुओं और स्टाफ को दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे समय की बचत होगी और सुविधा में वृद्धि होगी। श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार की सुविधाएं पुलिस कर्मियों के जीवन को आसान बनाती हैं और उन्हें अपने कर्तव्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करती हैं।
दौरे के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना भी प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षकगण और बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा। कार्यक्रम के अंत में श्री सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल को केवल एक सशक्त संस्था ही नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनना चाहिए।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राजाबाबू सिंह का यह दौरा पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ। इस दौरे के माध्यम से जहां एक ओर प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के प्रयास किए गए, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में पुलिस प्रशिक्षण को एक नई दिशा देगी और पुलिस बल को और अधिक सक्षम, संवेदनशील और सशक्त बनाएगी।









