
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार उप आयुक्त, प्रभारी उप आयुक्त तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित कुल नौ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण करते हुए उन्हें आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय आदेश के अनुसार यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त होकर नए पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होना होगा। साथ ही स्थानांतरण नीति के प्रावधानों के अनुसार कार्यमुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने के बीच किसी भी प्रकार का अवकाश सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति के बिना स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
जारी सूची के अनुसार सुश्री भारती पटेल को उप संचालक, महात्मा गांधी ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोकनगर पदस्थ किया गया है। श्री पुरुषोत्तम लाल यादव को जनपद पंचायत नवकुसिया नगर, जिला छतरपुर से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर भेजा गया है। श्रीमती वंदना राठी को पंचायत राज संचालनालय भोपाल से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल पदस्थ किया गया है।
डॉ. मारीषा सिंह को जनपद पंचायत धार से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महिदपुर, जिला उज्जैन का दायित्व सौंपा गया है। श्री गणेश प्रसाद को जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बरसयागढ़, जिला डिंडोरी पदस्थ किया गया है। श्री भोगराज मीणा को जनपद पंचायत खनियाधाना, जिला शिवपुरी से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बेगमगंज, जिला रायसेन भेजा गया है।
इसी प्रकार श्री हरिशंकर द्विवेदी को जनपद पंचायत सिरमौर, जिला रीवा से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर पदस्थ किया गया है। श्रीमती सुधि भदौरिया को जनपद पंचायत मल्हारगढ़, जिला मंदसौर से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बदरवास, जिला शिवपुरी का दायित्व दिया गया है। सुश्री नीता दुग्गल को जनपद पंचायत घट्टिया, जिला उज्जैन से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली, जिला उमरिया पदस्थ किया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन जनपद पंचायतों में इन अधिकारियों की पदस्थापना की गई है, वहां वे मुख्य कार्यपालन अधिकारी या अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अपने मूल पद विकासखंड अधिकारी अथवा संबंधित संवर्ग में यथावत बने रहेंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य जनपद एवं जिला पंचायत स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की पदस्थापना कर विकास कार्यों को गति देना, शासन की योजनाओं की निगरानी को मजबूत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।
इस प्रकार के समयबद्ध स्थानांतरण से स्थानीय प्रशासन में नई ऊर्जा आती है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, स्वच्छता, आजीविका संवर्धन और पंचायत सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया यह प्रशासनिक पुनर्गठन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।









