
भोपाल। महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से रेलवे हॉकी स्टेडियम में दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति द्वारा आयोजित “महिला एवं बालिकाओं के आत्म रक्षा (सेल्फ डिफेंस) प्रशिक्षण समापन सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं एवं बेटियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता की भावना की सराहना की गई।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और बालिकाओं का आत्मरक्षा के प्रति प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण न केवल शारीरिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, साहस और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित करता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों ने विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और आत्मविश्वास से भी जुड़ा हुआ है।
दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना था, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सुरक्षा तकनीकों, मानसिक सशक्तिकरण और संकट की परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने के तरीकों की जानकारी दी गई।
समापन समारोह में दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति बहनें एवं बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने यह संदेश दिया कि समाज में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाएं आत्मविश्वास से भरपूर होती हैं, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम महिलाओं को केवल सुरक्षा का कौशल ही नहीं देते, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का समापन महिलाओं और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की कामना के साथ हुआ। उपस्थित जनों ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया।








