
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के रूप में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर सक्रिय; जनजातीय क्षेत्रों के विकास और महिला सशक्तिकरण को भी दे रहीं नई दिशा
भोपाल। मध्यप्रदेश की लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्रीमती संपतिया उइके प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। सरल, सौम्य एवं संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी श्रीमती उइके जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य मानते हुए ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अधोसंरचना के विकास, चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने तथा आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
श्रीमती संपतिया उइके का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। जनजातीय समाज से आने वाली श्रीमती उइके ने समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की समस्याओं को निकटता से समझा है। यही कारण है कि वे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार सक्रिय रहती हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध प्रदेश की नींव है और प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने, दवाओं की नियमित उपलब्धता तथा मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निरंतर निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही चिकित्सा संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर विशेष बल दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी श्रीमती उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, कुपोषण उन्मूलन, संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों की रोकथाम, आयुष्मान भारत योजना, जन आरोग्य कार्यक्रम तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा प्रशिक्षण तथा शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया है। उनका मानना है कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
श्रीमती संपतिया उइके नियमित रूप से अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करती हैं। वे मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनती हैं तथा आवश्यक सुधार के लिए अधिकारियों को तत्काल निर्देश देती हैं। उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
महिला सशक्तिकरण, जनजातीय विकास, पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषय भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से वे लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम के लिए प्रेरित करती रहती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में श्रीमती संपतिया उइके प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। उनका लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।
जनसेवा, सादगी, संवेदनशीलता और विकासोन्मुखी सोच के कारण श्रीमती संपतिया उइके प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में उनके प्रयास मध्यप्रदेश के समग्र विकास को नई गति प्रदान कर रहे हैं।









