
झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह, समय पर उपचार से बच सकती है जान
भोपाल। मध्यप्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने वर्षा ऋतु के दौरान बढ़ती सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए प्रदेशवासियों से विशेष सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपचार अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में खेतों, बगीचों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा ग्रामीण इलाकों में साँपों की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक, टोने-टोटके या घरेलू उपचार में समय नष्ट करने के बजाय उसे तुरंत निकटतम शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति और एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) के माध्यम से सर्पदंश का प्रभावी उपचार संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वर्षाकाल में खेतों में कार्य करते समय जूते पहनें, रात्रि के समय टॉर्च का उपयोग करें तथा घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखें, ताकि सर्पदंश जैसी घटनाओं की संभावना कम हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर ध्यान देने की भी सलाह दी गई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और शासकीय अस्पतालों में आवश्यक उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा वर्षाकाल के दौरान सर्पदंश से संबंधित मामलों में त्वरित उपचार व्यवस्था बनाए रखने को कहा। श्रीमती संपतिया उईके ने नागरिकों से आग्रह किया कि सर्पदंश की किसी भी घटना को हल्के में न लें। सही समय पर अस्पताल पहुँचकर उपचार कराना ही जीवन रक्षा का सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। उन्होंने सभी से जागरूकता फैलाने और वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सतर्कता, समय पर उपचार और जनजागरूकता से सर्पदंश से होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।









