
अजमेर। राजस्थान पुलिस ने आमजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अजमेर जिले के सभी 32 पुलिस थानों एवं उनके थाना प्रभारियों की अद्यतन सूची जारी की है। इस सूची में प्रत्येक थाने के प्रभारी अधिकारी का नाम और संपर्क विवरण शामिल किया गया है, जिससे नागरिक आवश्यकता पड़ने पर सीधे संबंधित थाना प्रभारी से संपर्क कर सकेंगे। पुलिस प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था और त्वरित संवाद से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आमजन का विश्वास भी मजबूत होगा।
अजमेर जिला धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान का अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है। यहां विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, पुष्कर तीर्थ सहित अनेक धार्मिक और पर्यटन स्थल स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से सभी पुलिस थानों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करते हुए अधिकारियों की सूची सार्वजनिक की गई है।
जारी सूची के अनुसार जिले के प्रमुख थानों में आदर्श नगर, अजमेर ग्रामीण, अलवर गेट, अराई, बांदर सिंदरी, भिनाय, ब्यावर, सिविल लाइंस, क्लॉक टावर, दरगाह, गांधी नगर, गंज, गेगल, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, केकड़ी सिटी, केकड़ी सदर, किशनगढ़, कोतवाली अजमेर, क्रिश्चियनगंज, मदनगंज, महिला थाना अजमेर, मांगलियावास, नसीराबाद सिटी, नसीराबाद सदर, पीसांगन, पुष्कर, रामगंज, रूपनगढ़, सराणा, सरवाड़, सावर तथा श्रीनगर सहित कुल 32 पुलिस थाने शामिल हैं। प्रत्येक थाने में अनुभवी निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की कमी न रहे।
पुलिस विभाग का कहना है कि नई सूची का उद्देश्य केवल अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करना नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना भी है। अब किसी भी नागरिक को शिकायत, आपात स्थिति, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, सड़क दुर्घटना, चोरी, लूट, गुमशुदगी या अन्य किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या के लिए संबंधित थाना प्रभारी तक पहुंचने में सुविधा होगी।
अजमेर जिले में धार्मिक आयोजनों, मेलों और पर्यटन गतिविधियों के कारण वर्षभर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन बना रहता है। विशेष रूप से पुष्कर मेला, उर्स, धार्मिक यात्राएं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे आयोजनों में पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन कैमरों, विशेष गश्ती दल और अतिरिक्त पुलिस बल की सहायता से सुरक्षा सुनिश्चित करता है। नई थाना प्रभारी सूची के माध्यम से इन व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
महिला सुरक्षा को लेकर भी अजमेर पुलिस लगातार विशेष अभियान संचालित कर रही है। महिला थाना, महिला हेल्पलाइन, साइबर हेल्पलाइन, आत्मरक्षा जागरूकता कार्यक्रम तथा स्कूल-कॉलेजों में चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि को देखते हुए पुलिस नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाएं, सोशल मीडिया फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और ओटीपी ठगी जैसे मामलों से बचाव के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी पुलिस विशेष अभियान चला रही है। शहर के व्यस्त चौराहों, बाजार क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त यातायात पुलिस तैनात की जा रही है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने तथा नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दे रही है। मोहल्ला समितियों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, विद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर अपराध रोकथाम और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास तथा सहयोग ही सुरक्षित समाज की सबसे मजबूत नींव है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपराधिक घटना या कानून-व्यवस्था से संबंधित सूचना तुरंत पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचें, सत्यापित जानकारी ही साझा करें तथा पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायकों का पंजीकरण और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों को अपनाने की भी सलाह दी गई है।
राजस्थान पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि नागरिकों के बीच विश्वास, सुरक्षा और सेवा की भावना को मजबूत करना भी है। अजमेर जिले के सभी 32 पुलिस थानों एवं थाना प्रभारियों की नई सूची इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन का विश्वास है कि इस व्यवस्था से आमजन और पुलिस के बीच संवाद बेहतर होगा, शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा तथा जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। नागरिकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे पुलिस का सहयोग करें और सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।