
भोपाल। गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को प्रदेश में धार्मिक आस्था, कृषि विकास, अधोसंरचना विस्तार, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की भडली नवमी के अवसर पर जहां प्रदेशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है, वहीं राज्य सरकार किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के हित में विभिन्न योजनाओं को गति देने में जुटी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर और अलीराजपुर के प्रवास पर रहेंगे, जहां वे विकास कार्यों का शुभारंभ करने के साथ बलराम कृषि महोत्सव में भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कार्यक्रम सुबह भोपाल से इंदौर प्रस्थान के साथ प्रारंभ होगा। इंदौर में वे लवकुश लेवल-2 ब्रिज की नई लेन का शुभारंभ करेंगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर पहुंचेंगे, जहां अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वे आजाद प्रेरणा पर्व के अंतर्गत आयोजित विशाल मशाल यात्रा में भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम बलराम कृषि महोत्सव होगा, जिसमें वे प्रदेश के किसानों से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, सिंचाई, पशुपालन, उद्यानिकी तथा कृषि से जुड़े नवाचारों पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई जाएगी, ताकि किसानों को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अलीराजपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात भी देंगे। वे लगभग 287.32 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे तथा 53.55 करोड़ रुपये से अधिक लागत के पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, विद्यालय भवन, विद्युत उपकेंद्र, सिंचाई परियोजनाएं, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन, पुलिया, निस्तार तालाब तथा अन्य ग्रामीण अधोसंरचना संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा, सिंचाई, सड़क संपर्क और बिजली व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तीकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक-2026’ सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है। इसके अंतर्गत दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के संचालन, कार्य अवधि, शिफ्ट व्यवस्था तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
मध्यप्रदेश पुलिस में भी प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की रैंक प्रदान की। आईपीएस रैंक प्राप्त करने वाले अधिकारियों में निमिषा पाण्डेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ तथा समर वर्मा शामिल हैं। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली का परिणाम है तथा भविष्य में भी वे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पुलिस विभाग में पदोन्नति और प्रशासनिक फेरबदल का क्रम भी जारी है। हाल ही में सहायक उपनिरीक्षकों को उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नत किए जाने के आदेश जारी किए गए, जिससे बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं। वहीं विभिन्न जिलों में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण भी किए जा रहे हैं ताकि पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
जल संसाधन विभाग में भी लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर बड़ी संख्या में उपयंत्री (सिविल) को सहायक यंत्री (सिविल) पद पर पदोन्नत किया गया है। इससे विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति होगी और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी। पदोन्नत अधिकारियों को विभिन्न परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक गतिविधियां जारी हैं। विभिन्न जिलों में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। सामाजिक संगठनों द्वारा भी शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन भी विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल नवमी है तथा भडली नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। कई स्थानों पर भगवान विष्णु और अन्य देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर परिवार की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। आगामी देवशयनी एकादशी और चातुर्मास को लेकर भी मंदिरों एवं धार्मिक संस्थाओं में तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार का फोकस वर्तमान समय में कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार, अधोसंरचना, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के विभिन्न जिलों के लगातार दौरे, विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन, किसानों से संवाद तथा प्रशासनिक सुधारों की पहल से विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न जिलों में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
प्रदेश में कृषि, उद्योग, शिक्षा, पुलिस प्रशासन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में चल रहे इन प्रयासों को विकास की निरंतर प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है। इसी लक्ष्य के साथ विभिन्न विभाग अपने-अपने स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जुटे हुए हैं, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और विकास का लाभ समय पर मिल सके।