
Written by
HQ Report
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिला स्तरीय परिवहन समिति की बैठक में दिए सख्त निर्देश, मांग के अनुरूप बसें उपलब्ध नहीं कराने पर सेवा प्रदाता कंपनी पर लगेगा जुर्माना
जिले के सांदीपनि विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुरक्षित, समयबद्ध और व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय परिवहन समिति की बैठक में विद्यालयों की बस व्यवस्था, लंबित भुगतान, सेवा प्रदाता कंपनी की जिम्मेदारियों तथा अनुबंध की शर्तों के पालन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक पहल हैं, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि विद्यार्थी समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते अथवा परिवहन व्यवस्था में अनियमितता रहती है तो इसका सीधा प्रभाव उनकी पढ़ाई, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। इसलिए परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा प्रदाता कंपनी विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा प्रस्तुत मांग के अनुरूप 30 दिनों के भीतर आवश्यक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करे। यदि निर्धारित समय सीमा में बसें उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं तो जितनी बसें कम होंगी, उन प्रत्येक बस पर एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी अधिरोपित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि अनुबंध की शर्तों का पालन करना सेवा प्रदाता कंपनी की कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जनवरी 2025 से जून 2026 तक के लंबित भुगतान का भी विस्तृत परीक्षण किया गया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. पी.एल. मिश्रा को निर्देशित किया कि पत्र जारी होने के दो दिनों के भीतर लंबित भुगतानों के लिए आवश्यक बजट आवंटन की मांग वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही बजट प्राप्त होने के बाद अधिकतम 20 दिनों के भीतर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर सेवा प्रदाता कंपनी को भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान होने से परिवहन व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित रहेगी और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।










