
सबलगढ़।
शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज सबलगढ़ स्थित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ₹34.48 लाख की लागत से निर्मित नवीन लैब भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया तथा उनकी प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है। नवीन लैब भवन के निर्माण से विद्यालय के विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों की प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ, अनुसंधान की रुचि और व्यावहारिक ज्ञान को नई दिशा मिलेगी।
लोकार्पण समारोह में विद्यालय परिसर में विकसित की जा रही शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया गया। बताया गया कि प्रयोगशाला भवन विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों और प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान शिक्षा को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करेगा। इससे कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को प्रयोगों के माध्यम से समझना अधिक सरल और प्रभावी होगा तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होगा।
इस अवसर पर आयोजित विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण, तकनीकी नवाचार तथा दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल और परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। प्रस्तुत मॉडलों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक प्रतिभा की सराहना की गई। उन्हें अपने नवाचारों को आगे बढ़ाने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में कहा गया कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल पुस्तक आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। प्रयोगात्मक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल संसाधनों और नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बन सकें।
विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस दौरान कहा गया कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। वृक्षारोपण केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करने की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे पौधों की देखभाल करें और अपने आसपास अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए लोगों को भी प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकगणों का सम्मान भी किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में दिए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा गया कि एक शिक्षक केवल ज्ञान का संचार नहीं करता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ आत्मीय संवाद भी हुआ। संवाद के दौरान विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी गई। साथ ही उनसे कहा गया कि शिक्षा केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रक्रिया है।
शिक्षकों से भी शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों की व्यक्तिगत प्रतिभाओं को पहचानने तथा उन्हें उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया। विद्यालयों में सकारात्मक शिक्षण वातावरण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना के विकास, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, डिजिटल शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में भी आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
सबलगढ़ स्थित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में निर्मित नवीन लैब भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और विज्ञान शिक्षा को नई गति मिलेगी। साथ ही विद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे विद्यार्थी भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। विश्वास व्यक्त किया गया कि आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना, समर्पित शिक्षक और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और अधिक ऊँचा होगा तथा नई पीढ़ी ज्ञान, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगी।









