
भोपाल/इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुके इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए विश्व पटल पर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इंदौर नगर निगम द्वारा चलाए गए ‘5 लाख सेग्रिगेशन सेल्फी अभियान’ ने एक ही दिन में विश्व रिकॉर्ड बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शहरवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की दिशा में इंदौर द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को एक बार फिर वैश्विक पहचान मिली है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने एक ही दिन में आयोजित 5 लाख सेग्रिगेशन सेल्फी अभियान को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव तथा नगर निगम आयुक्त प्रखर सिंह को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। यह सम्मान न केवल नगर निगम के लिए बल्कि इंदौर के प्रत्येक नागरिक के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बधाई संदेश में कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो अनुकरणीय कार्य किए हैं, वे पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि लगातार कई वर्षों तक देश का सबसे स्वच्छ शहर बनने के बाद अब विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना यह दर्शाता है कि इंदौर की जनता स्वच्छता को केवल अभियान नहीं बल्कि अपनी जीवनशैली का हिस्सा मानती है। उन्होंने नगर निगम, प्रशासन और शहरवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। जब लोग स्वयं जिम्मेदारी लेकर अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तभी ऐसे ऐतिहासिक परिणाम सामने आते हैं। इंदौर ने यही मॉडल पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया है और अब अन्य शहर भी इससे प्रेरणा ले रहे हैं।
सेग्रिगेशन सेल्फी अभियान का उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि प्रत्येक परिवार को स्रोत स्तर पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के लिए प्रेरित करना था। अभियान के दौरान लाखों नागरिकों ने अपने घरों में अलग-अलग कचरा पात्रों का उपयोग करते हुए सेल्फी साझा की। इससे लोगों में कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता बढ़ी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी व्यापक स्तर पर पहुंचा।
विशेषज्ञों का कहना है कि कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाए तो जैविक कचरे से खाद तैयार की जा सकती है, जबकि प्लास्टिक, कागज, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का दोबारा उपयोग संभव हो जाता है। इससे लैंडफिल पर दबाव कम होता है, प्रदूषण घटता है और नगर निकायों के कचरा प्रबंधन की लागत में भी कमी आती है।
इंदौर नगर निगम ने पिछले कई वर्षों में घर-घर कचरा संग्रहण, डोर-टू-डोर सेग्रिगेशन, मैटेरियल रिकवरी सेंटर, बायोगैस संयंत्र, कम्पोस्ट प्लांट, प्लास्टिक रिसाइक्लिंग तथा आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित कर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। यही कारण है कि इंदौर लगातार राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान प्राप्त करता रहा है।
इस अवसर पर नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ला ने अभियान की सफलता में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, विद्यार्थियों, व्यापारिक संगठनों तथा नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राजेश शुक्ला एवं राजीव श्रीवास्तव के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, महिला स्व-सहायता समूहों, आवासीय समितियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। लाखों नागरिकों ने अपने घरों में गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण कर उसकी सेल्फी साझा की, जिससे एक ही दिन में पांच लाख से अधिक सेग्रिगेशन सेल्फी का नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुआ।
स्वच्छता विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती। जब नागरिक स्वयं स्वच्छता को अपना कर्तव्य मानते हैं और नगर प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करते हैं, तभी ऐसे परिणाम प्राप्त होते हैं। इंदौर ने इसी साझेदारी के मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर भविष्य में भी नए-नए नवाचारों के माध्यम से स्वच्छता के क्षेत्र में देश और दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत करता रहेगा। उन्होंने अन्य नगर निकायों से भी इंदौर के मॉडल को अपनाने का आह्वान किया ताकि पूरा मध्यप्रदेश स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सके।
नगर निगम प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी जनजागरूकता आधारित अभियान निरंतर जारी रहेंगे। नागरिकों को कचरे के पृथक्करण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली, जल संरक्षण, हरित वातावरण और स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही डिजिटल माध्यमों के जरिए भी नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

इंदौर की यह उपलब्धि केवल एक विश्व रिकॉर्ड नहीं, बल्कि नागरिक जागरूकता, प्रशासनिक दक्षता और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक दिन में पांच लाख सेग्रिगेशन सेल्फी का यह विश्व रिकॉर्ड यह संदेश देता है कि यदि समाज और प्रशासन एकजुट होकर कार्य करें तो स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल शहर का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दी गई बधाई ने इस उपलब्धि को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया है तथा यह उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।









