Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण का पर्व है रक्षाबंधन : कृष्णा गौर

Author Image
Written by
HQ Report
भोपाल। अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण से ओतप्रोत भाई-बहन के पावन पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार की राज्य मंत्री एवं गोविंदपुरा विधायक कृष्णा गौर ने प्रदेश सहित सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है, जो भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और आत्मीयता के रिश्ते को और मजबूत करता है। यह पर्व केवल राखी बांधने की परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनभर एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनने और रिश्तों की गरिमा बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कृष्णा गौर ने कहा कि रक्षाबंधन का पावन अवसर परिवारों को एक साथ जोड़ने, पुरानी स्मृतियों को संजोने और रिश्तों में स्नेह की नई ऊर्जा भरने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का संचार करे। कृष्णा गौर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भाई-बहन का रिश्ता प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की सुंदर मिसाल है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला रक्षा सूत्र इस आत्मीय रिश्ते की भावनात्मक अभिव्यक्ति है। इसके साथ बहन अपने भाई के स्वस्थ, सुखी और सफल जीवन की कामना करती है, वहीं भाई भी बहन के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली के प्रति अपने दायित्व को स्वीकार करता है। समय के साथ रक्षाबंधन के पर्व का स्वरूप व्यापक हुआ है और आज यह समाज में परस्पर सम्मान, सद्भाव तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला पर्व बन गया है। उन्होंने कहा कि परिवार में प्रेम और विश्वास की भावना मजबूत होने से समाज में भी सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। ऐसे पर्व हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन हमें केवल बहनों की रक्षा का संकल्प लेने तक सीमित नहीं करता, बल्कि ऐसा सामाजिक वातावरण बनाने की प्रेरणा देता है, जहां प्रत्येक महिला और बालिका सम्मान एवं गरिमा के साथ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के समान अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर तथा उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। महिलाओं की भागीदारी प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ रही है और आज बेटियां शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, विज्ञान, खेल, उद्योग, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। रक्षाबंधन का पर्व इस सकारात्मक बदलाव को और गति देने तथा समाज में महिला सम्मान की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी देता है। यह पर्व हमें जाति, वर्ग, क्षेत्र और अन्य सामाजिक सीमाओं से ऊपर उठकर प्रेम एवं सद्भाव के साथ रहने की प्रेरणा देता है। आज देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग विभिन्न परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ रक्षाबंधन मनाते हैं, लेकिन पर्व की मूल भावना हर जगह एक ही है—प्रेम, विश्वास और आत्मीयता। कृष्णा गौर ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक सुंदरता तभी है, जब उनकी खुशियां समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें। जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों, बच्चों और अकेले रह रहे लोगों के साथ पर्व की खुशियां साझा करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि रक्षाबंधन के अवसर पर पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दें। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और भाइयों द्वारा बहनों को उपहार देने की परंपरा के बीच परिवारों में उत्साह का वातावरण देखने को मिलता है। दूर रहने वाले भाई-बहन भी इस अवसर पर एक-दूसरे से संपर्क कर पर्व की खुशियां साझा करते हैं। आधुनिक समय में भले ही जीवनशैली में बदलाव आया हो, लेकिन रक्षाबंधन की भावनात्मक महत्ता आज भी कायम है। यह पर्व बचपन की यादों को ताजा करने के साथ परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे के करीब लाता है। कृष्णा गौर ने कहा कि रिश्तों की मजबूती केवल अवसर विशेष पर नहीं, बल्कि पूरे वर्ष आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग से बनी रहती है। रक्षाबंधन इसी भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने सभी भाई-बहनों से आग्रह किया कि वे अपने रिश्तों में प्रेम और विश्वास बनाए रखें तथा एक-दूसरे की खुशियों और कठिनाइयों में सदैव साथ खड़े रहें। कृष्णा गौर ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और अपार खुशियां लेकर आए। हर भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे तथा परिवारों में आपसी स्नेह और सौहार्द कायम रहे। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का रक्षा सूत्र हमें अपने रिश्तों के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता का स्मरण कराता है। सभी बहनों को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तथा देश की बेटियां शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ें—यही इस पावन पर्व की सार्थकता है। उन्होंने अंत में कहा कि “अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण से ओतप्रोत भाई-बहन के पावन पर्व रक्षाबंधन की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”
<span style=अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण का पर्व है रक्षाबंधन : कृष्णा गौर">
आज फोकस में

अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण का पर्व है रक्षाबंधन : कृष्णा गौर

रक्षाबंधन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संदेश, प्रेम और भाईचारे के साथ महिला सुरक्षा व सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संदेश, प्रेम और भाईचारे के साथ महिला सुरक्षा व सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान

रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, बच्चों से बंधवाई राखी
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, बच्चों से बंधवाई राखी

रक्षाबंधन पर मंत्री राकेश सिंह ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर मंत्री राकेश सिंह ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, स्नेह और विश्वास के पावन बंधन को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान
आज फोकस में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, स्नेह और विश्वास के पावन बंधन को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधी राखी, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधी राखी, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें