
उज्जैन/इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 8 अगस्त 2026 को उज्जैन और इंदौर के प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम प्रशासनिक, न्यायिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय महत्व की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री की दिनचर्या की शुरुआत एडीजी इंटेलिजेंस एवं आयुक्त जनसंपर्क के साथ ब्रीफिंग से होगी। इसके पश्चात वे उज्जैन में स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री उज्जैन से इंदौर पहुंचकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पश्चिम जोन क्षेत्रीय सम्मेलन (वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस) – “Enhancing Access To Justice” में शामिल होंगे। न्याय तक नागरिकों की पहुंच को अधिक प्रभावी, सरल और सुगम बनाने की दृष्टि से आयोजित यह सम्मेलन आज के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री इंदौर से भोपाल लौटेंगे और दोपहर में कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इसके पश्चात वे BRICS देशों के माननीय मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों के साथ आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का यह प्रवास एक ओर जहां न्याय व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने के विषय पर महत्वपूर्ण संवाद का अवसर प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर BRICS देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली मुलाकात मध्यप्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय संवाद और सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज प्रातः अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार प्रशासनिक एवं विभागीय गतिविधियों से जुड़ी ब्रीफिंग में शामिल होंगे। एडीजी इंटेलिजेंस एवं आयुक्त जनसंपर्क के साथ ब्रीफिंग के दौरान प्रदेश की विभिन्न गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनसंपर्क से जुड़े विषयों और आवश्यक समन्वय पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री की कार्यशैली में नियमित समीक्षा, अधिकारियों के साथ सीधा संवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। ऐसे में दिन की शुरुआत होने वाली यह ब्रीफिंग प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री उज्जैन में स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। उज्जैन मध्यप्रदेश का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र होने के साथ-साथ प्रदेश की पर्यटन और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के उज्जैन प्रवास के दौरान स्थानीय स्तर के कार्यक्रमों में सहभागिता से क्षेत्रीय विकास, जनसुविधाओं और विभिन्न गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में स्थानीय सहभागिता का उद्देश्य केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर चल रहे कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़ाव को भी मजबूत करना होता है। उज्जैन में स्थानीय कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से इंदौर के लिए रवाना होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 9:15 बजे मुख्यमंत्री हेलिपैड उज्जैन से जिला उज्जैन से एयरपोर्ट इंदौर के लिए हेलीकॉप्टर से प्रस्थान करेंगे। इसके बाद लगभग 9:40 बजे वे ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर पहुंचेंगे। यहां वे पश्चिम जोन क्षेत्रीय सम्मेलन – “Enhancing Access To Justice” में सहभागिता करेंगे। सम्मेलन का केंद्रीय विषय नागरिकों को न्याय तक अधिक प्रभावी और सुगम पहुंच उपलब्ध कराने से जुड़ा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय की सुलभता नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और कानून के शासन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार है। देश के विभिन्न हिस्सों में न्यायिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुख, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में पश्चिम जोन स्तर पर आयोजित यह सम्मेलन विभिन्न राज्यों और संबंधित संस्थाओं के बीच अनुभवों, विचारों और बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन में न्याय तक पहुंच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की संभावना है, जिसमें आम नागरिकों के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं को समझने और उनका लाभ लेने की सुविधा, संस्थागत समन्वय, तकनीकी साधनों का उपयोग तथा न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास प्रमुख हो सकते हैं। मुख्यमंत्री की इस सम्मेलन में सहभागिता मध्यप्रदेश की न्याय एवं सुशासन से जुड़ी प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। राज्य सरकार द्वारा नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए तकनीक तथा प्रशासनिक सुधारों पर लगातार जोर दिया जा रहा है और न्याय तक पहुंच का विषय इसी व्यापक सुशासन की अवधारणा से जुड़ा हुआ है।
“Enhancing Access To Justice” यानी न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाना आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित अवधारणा नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के अधिकार, समान अवसर, विधिक सहायता और समयबद्ध समाधान से भी जुड़ा हुआ है। समाज के कमजोर, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए न्यायिक सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना लोकतांत्रिक शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। क्षेत्रीय सम्मेलन जैसे आयोजन इस बात पर विचार करने का अवसर देते हैं कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक, डिजिटल माध्यमों, विधिक जागरूकता और संस्थागत समन्वय के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। मध्यप्रदेश सहित पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सम्मेलन में मौजूदगी प्रदेश की ओर से इस महत्वपूर्ण विषय के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश भी मजबूत होगा कि शासन का उद्देश्य नागरिकों को केवल प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की सुरक्षा और न्याय तक उनकी पहुंच को भी प्रभावी बनाना है। आधुनिक भारत में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ न्यायिक और विधिक सेवाओं में भी तकनीकी नवाचारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल दस्तावेज, वर्चुअल माध्यम और सूचना तकनीक के उपयोग से नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। ऐसे विषयों पर क्षेत्रीय स्तर पर संवाद भविष्य की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में उपयोगी होगा।
सम्मेलन में सहभागिता के बाद मुख्यमंत्री 11:40 बजे एयरपोर्ट इंदौर पहुंचेंगे और वहां से विमान द्वारा स्टेट हैंगर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री लगभग 12:00 बजे स्टेट हैंगर भोपाल पहुंचेंगे। इसके बाद 12:45 बजे वे अपने निवास पर पहुंचेंगे। दोपहर में मुख्यमंत्री का अगला महत्वपूर्ण कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, भोपाल में निर्धारित है। वे लगभग 2:00 बजे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। भोपाल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री राज्य की प्रशासनिक, सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर संवाद करते रहे हैं। कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में होने वाले कार्यक्रम के दौरान भी विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श और संवाद की संभावना है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में प्रशासनिक और सार्वजनिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का क्रम लगातार बढ़ रहा है। इससे मध्यप्रदेश की विभिन्न गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने और राज्य को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों से जोड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक BRICS देशों के माननीय मंत्रियों एवं BRICS देशों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित स्थानीय कार्यक्रम है। BRICS विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण उभरती अर्थव्यवस्थाओं और देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख मंच है। ऐसे समूह से जुड़े प्रतिनिधियों का मध्यप्रदेश में आना और मुख्यमंत्री के साथ संवाद करना राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है। BRICS से संबंधित गतिविधियों में आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, संस्कृति, नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों में आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों को महत्व दिया जाता है। मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद राज्य की संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर उपलब्ध करा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को निवेश, औद्योगिक विकास, पर्यटन और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। BRICS देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाला संवाद इसी व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा सकता है।
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश की क्षमता और संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना तथा निवेश, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशना है। BRICS देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और नई तकनीकों के क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर चर्चा का महत्व बढ़ जाता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और प्रदेश के अन्य शहर तेजी से बदलते आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य में नई पहचान बना रहे हैं। इंदौर विशेष रूप से औद्योगिक, व्यापारिक और स्टार्टअप गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जबकि उज्जैन धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के कारण देश-विदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भोपाल राज्य की राजधानी के रूप में प्रशासनिक और संस्थागत गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। इन तीनों शहरों को एक ही दिन के कार्यक्रम में जोड़ने वाला मुख्यमंत्री का प्रवास प्रदेश की विविध क्षमताओं को भी सामने लाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का कार्यक्रम इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें स्थानीय प्रशासन, न्याय तक पहुंच और अंतरराष्ट्रीय संवाद—तीनों स्तरों की गतिविधियां शामिल हैं। दिन की शुरुआत प्रशासनिक ब्रीफिंग से होती है, इसके बाद उज्जैन में स्थानीय सहभागिता, इंदौर में न्याय तक पहुंच पर केंद्रित पश्चिम जोन सम्मेलन और फिर भोपाल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम निर्धारित है। यह क्रम शासन के विभिन्न आयामों को दर्शाता है। प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय, नागरिकों के लिए न्याय की सुगमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद एवं सहयोग—ये तीनों आधुनिक सुशासन के महत्वपूर्ण आधार हैं। राज्य सरकार द्वारा विकास के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार, तकनीक का उपयोग और निवेश के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह व्यस्त कार्यक्रम इन्हीं प्राथमिकताओं को व्यापक रूप से सामने लाता है।
न्याय तक पहुंच के विषय पर आयोजित पश्चिम जोन क्षेत्रीय सम्मेलन की अपनी विशेष प्रासंगिकता है। देश में नागरिकों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ बनाना लगातार महत्वपूर्ण विषय रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्यायिक संस्थानों तक पहुंच, विधिक जानकारी की उपलब्धता और प्रक्रियाओं को समझना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में संस्थागत सुधार और तकनीकी समाधान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग से न्याय संबंधी जानकारी और सेवाओं को अधिक व्यापक स्तर पर नागरिकों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। क्षेत्रीय सम्मेलन में विभिन्न अनुभवों के आधार पर बेहतर मॉडल विकसित करने की दिशा में चर्चा की जा सकती है। मध्यप्रदेश में भी तकनीक आधारित प्रशासन और नागरिक सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस बात को रेखांकित करेगी कि राज्य सरकार नागरिकों के लिए पारदर्शी और सुगम व्यवस्था को प्राथमिकता देती है।
इंदौर में होने वाला सम्मेलन शहर की पहचान को भी नई मजबूती प्रदान करता है। इंदौर मध्यप्रदेश का प्रमुख आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र है तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों और आयोजनों की मेजबानी करता रहा है। आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और संस्थागत सुविधाओं के कारण इंदौर बड़े आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण स्थान बन चुका है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला पश्चिम जोन क्षेत्रीय सम्मेलन भी शहर की इस क्षमता को प्रदर्शित करेगा। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के एकत्रित होने से विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे आयोजन किसी एक विषय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके माध्यम से विभिन्न राज्यों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की संभावनाएं भी विकसित होती हैं।
उज्जैन में मुख्यमंत्री की स्थानीय सहभागिता भी आज के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उज्जैन धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से मध्यप्रदेश का प्रमुख केंद्र है। महाकाल की नगरी के रूप में इसकी पहचान देशभर में है और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ यहां निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का उज्जैन प्रवास स्थानीय गतिविधियों से जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से इंदौर पहुंचेंगे और वहां से दोपहर में भोपाल लौटेंगे। इस प्रकार एक ही दिन में तीन प्रमुख शहरों में उनकी निर्धारित गतिविधियां होंगी। कार्यक्रम की व्यस्तता को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाएगा।
भोपाल लौटने के बाद मुख्यमंत्री का दोपहर का कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण रहेगा। कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता के पश्चात BRICS देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम निर्धारित है। राजधानी भोपाल में होने वाला यह संवाद मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देगा। राज्य में निवेश के नए अवसर, पर्यटन की संभावनाएं, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास जैसे अनेक क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन, कृषि उत्पादन, औद्योगिक क्षमता और सांस्कृतिक विरासत राज्य को निवेश और सहयोग की दृष्टि से विशेष स्थान प्रदान करती है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से इन संभावनाओं को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार का जोर पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने पर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए इन्वेस्टर्स मीट, रोड शो और उद्योग जगत के साथ संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, ऊर्जा, कृषि, पर्यटन और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। BRICS प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी इसी व्यापक आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि आज का कार्यक्रम मुख्य रूप से प्रतिनिधियों के साथ संवाद और स्थानीय सहभागिता पर केंद्रित है, लेकिन ऐसे अवसर भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने का आधार बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का कार्यक्रम समयबद्ध और बहुआयामी है। प्रशासनिक ब्रीफिंग से लेकर उज्जैन की स्थानीय सहभागिता, इंदौर के पश्चिम जोन क्षेत्रीय सम्मेलन और भोपाल में BRICS प्रतिनिधियों के साथ संवाद तक कार्यक्रम का प्रत्येक चरण अलग-अलग महत्व रखता है। “Enhancing Access To Justice” जैसे विषय पर आयोजित सम्मेलन नागरिकों को न्याय की बेहतर उपलब्धता की दिशा में विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा, जबकि BRICS प्रतिनिधियों के साथ संवाद मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय संभावनाओं को प्रस्तुत करने का मंच बनेगा। मुख्यमंत्री का यह व्यस्त कार्यक्रम शासन, सुशासन, न्याय और वैश्विक सहयोग के विभिन्न पहलुओं को एक साथ जोड़ता है।
दिनभर की गतिविधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा और समन्वय से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण संवादों में सहभागिता करेंगे। सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने, विकास की गति बनाए रखने, न्याय व्यवस्था तक पहुंच को सुगम बनाने और मध्यप्रदेश को निवेश एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करना है। आज का प्रवास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान, इंदौर की आर्थिक एवं संस्थागत क्षमता और भोपाल की प्रशासनिक एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को जोड़ता यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश की बहुआयामी प्रगति को सामने रखने वाला रहेगा। दिन के अंत में मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश के विकास, सुशासन, न्याय तक पहुंच और वैश्विक सहभागिता से जुड़े विषयों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।