
‘एक संस्थान-एक संकल्प’ कॉन्क्लेव, युवा संवाद और वन विभाग के कार्यक्रम में करेंगे सहभागिता
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार, 24 अगस्त 2026 को राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री की निर्धारित व्यस्तताओं के अनुसार उनका दिन प्रशासनिक ब्रीफिंग, संस्थागत विकास से जुड़े कॉन्क्लेव, युवाओं के साथ संवाद, कृषि क्षेत्र के महत्वपूर्ण आयोजन तथा वन विभाग के कार्यक्रमों से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे और संबंधित विषयों पर अधिकारियों, युवाओं तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री की आज की व्यस्तताओं में ‘एक संस्थान-एक संकल्प’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कॉन्क्लेव विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही रवीन्द्र भवन में युवा संवाद कार्यक्रम में उनकी सहभागिता प्रस्तावित है। दोपहर में मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बलराम कृषि महोत्सव से भी जुड़ेंगे, जहां कृषि और किसान कल्याण से संबंधित विषयों पर संवाद किया जाएगा। इसके बाद वे भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल पहुंचकर वन विभाग के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होंगे। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री समत्व भवन में बैठक भी लेंगे। मुख्यमंत्री की आज की पूरी दिनचर्या प्रशासनिक कार्यों और प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रमों के बीच केंद्रित रहेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 10.15 बजे समत्व भवन में एडीजी इंटेलिजेंस और आयुक्त जनसंपर्क के साथ ब्रीफिंग करेंगे। इस दौरान प्रदेश की समसामयिक प्रशासनिक एवं जनसंपर्क गतिविधियों से संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों की समीक्षा किए जाने के बाद वे अगले कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री की नियमित ब्रीफिंग को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से शासन की प्राथमिकताओं, कानून-व्यवस्था, जनसंपर्क और प्रदेश में संचालित विभिन्न गतिविधियों की स्थिति की जानकारी शीर्ष स्तर पर साझा की जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचेंगे, जहां सुबह 11 बजे से दोपहर 12.20 बजे तक ‘एक संस्थान-एक संकल्प’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कॉन्क्लेव में सहभागिता करेंगे। यह कार्यक्रम संस्थानों की भूमिका, उनके सामाजिक दायित्व और विकास के व्यापक लक्ष्यों के साथ उनके जुड़ाव को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ‘एक संस्थान-एक संकल्प’ की अवधारणा संस्थाओं को किसी एक निर्धारित सामाजिक, शैक्षणिक, पर्यावरणीय अथवा विकासात्मक लक्ष्य के साथ जोड़कर सामूहिक प्रयासों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित इस कॉन्क्लेव में संस्थागत भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों को प्रदेश के विकास और समाजहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। आज के दौर में शासन के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, उद्योग जगत और अन्य संस्थाओं की भूमिका भी विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में ‘एक संस्थान-एक संकल्प’ जैसी अवधारणा सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का माध्यम बन सकती है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में संस्थानों की सहभागिता और सामाजिक दायित्व से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखेंगे। कॉन्क्लेव में संस्थागत प्रयासों को परिणाम आधारित बनाने, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने से इस पहल को शासन स्तर पर भी महत्व मिलने का संदेश जाएगा। कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12.30 बजे रवीन्द्र भवन पहुंचेंगे। यहां वे युवा संवाद कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। युवाओं के साथ सीधा संवाद मुख्यमंत्री की दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। युवा प्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख भागीदार हैं और शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास तथा सामाजिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने, सुझाव देने और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाओं को सामने रखने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री द्वारा युवाओं के साथ संवाद के दौरान उनके विचारों और अनुभवों को जानने का अवसर भी प्राप्त होगा।
दोपहर के समय मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1.50 बजे मुख्यमंत्री वीसी के माध्यम से इस महत्वपूर्ण कृषि आयोजन में सहभागिता करेंगे। बलराम कृषि महोत्सव किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। प्रदेश में कृषि को अधिक लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए किसानों को नई तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों और आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का इस आयोजन से वर्चुअली जुड़ना किसानों के साथ संवाद को महत्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में किसानों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी और संवाद का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होकर किसानों और आयोजन से जुड़े लोगों को संबोधित कर सकते हैं तथा कृषि विकास और किसान कल्याण से संबंधित शासन की प्राथमिकताओं को सामने रख सकते हैं। इससे पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों में बलराम कृषि महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें किसान सहभागिता कर रहे हैं। कृषि के पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता लगातार रेखांकित की जा रही है। किसान केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें और कृषि के साथ अन्य संबद्ध क्षेत्रों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं, इस दिशा में भी जागरूकता महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के वर्चुअल जुड़ाव से प्रदेश के किसानों के साथ शासन का संवाद और मजबूत होगा। बलराम कृषि महोत्सव में कृषि क्षेत्र की संभावनाओं, किसानों की आवश्यकताओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की किसान केंद्रित नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में ऐसे आयोजन उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 2.15 बजे भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल पहुंचेंगे। यहां वे वन विभाग के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है और वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में वन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों के कार्यों तथा योगदान को रेखांकित किया जाएगा। वन संरक्षण आज केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि जल संरक्षण, जलवायु संतुलन, जैव विविधता, ग्रामीण आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। प्रदेश में वन आधारित समुदायों और स्थानीय आबादी की आजीविका के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना भी महत्वपूर्ण है। वन विभाग के अभिनंदन कार्यक्रम के माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और महत्वपूर्ण कार्यों को सम्मान देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा वन संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे जाने की संभावना है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र होने के कारण वन विभाग की जिम्मेदारियां व्यापक हैं। वन क्षेत्र में संरक्षण के साथ-साथ पौधरोपण, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन का अवसर होगा। सरकार की विकास योजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना वर्तमान समय की प्रमुख चुनौतियों में से एक है। वन क्षेत्र इस संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों का सम्मान उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित कर सकता है। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान जैसे संस्थान वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े अध्ययन एवं प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री का यहां पहुंचना वन क्षेत्र से जुड़े विषयों के प्रति शासन की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।
दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री अपने निवास लौटेंगे और शाम 4 बजे समत्व भवन में बैठक लेंगे। दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद शाम को प्रस्तावित बैठक प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी। समत्व भवन मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रशासनिक कार्यस्थलों में से एक है, जहां विभिन्न विभागों और शासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की जाती है। शाम 4 बजे प्रस्तावित बैठक में प्रदेश से जुड़े प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर चर्चा की जा सकती है। मुख्यमंत्री की दिनभर की व्यस्तताओं में प्रशासनिक ब्रीफिंग से लेकर संस्थागत कॉन्क्लेव, युवा संवाद, किसान कार्यक्रम और वन विभाग का आयोजन शामिल है। इन सभी कार्यक्रमों का संबंध प्रदेश के विकास और जनभागीदारी से जुड़े व्यापक विषयों से है। सुबह की ब्रीफिंग में प्रशासनिक एवं जनसंपर्क विषयों की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री संस्थानों को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने वाले कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। इसके बाद युवाओं से संवाद और किसानों के महत्वपूर्ण आयोजन में सहभागिता करेंगे। अंत में वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण एवं वन संरक्षण से जुड़े प्रयासों को प्रोत्साहित करेंगे। इस प्रकार मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ जोड़ता है। युवा, किसान, संस्थान, पर्यावरण और प्रशासन—इन सभी क्षेत्रों की प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री की दिनचर्या में इन विषयों से जुड़े कार्यक्रमों की मौजूदगी इस व्यापक विकास दृष्टिकोण को दर्शाती है। दिन के अंत में समत्व भवन में होने वाली बैठक के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक विषयों की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति, प्राथमिकताओं और आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा किए जाने की संभावना है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा आवश्यक होती है। ऐसे में शाम की बैठक प्रशासनिक स्तर पर दिनभर की गतिविधियों के बाद आगे की दिशा तय करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 24 अगस्त का कार्यक्रम प्रशासनिक सक्रियता, युवा सहभागिता, किसान संवाद, संस्थागत जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखते हुए व्यस्त रहेगा।