Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

स्व. श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

Author Image
Written by
HQ Report
अन्य। पूर्व महामहिम एवं पूर्व न्यूनाधिक स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी की स्मृति के अवसर पर आज श्रद्धा निर्भय पुष्पांजलि एवं समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रॉकेट, सामाजिक मनोविज्ञान, विभिन्न जिलों से जुड़े रेडियल नागरिकों और बड़ी संख्या में सम्मानित साथियों ने स्वर्गीय शेजवलकर जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। इस अवसर पर उनकी स्मृति में पुष्प निशांत कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का पर्यावरण श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक मूल्यों की भावना से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय शेजवलकर जी के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक विस्तार और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिकृति को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। मुग़ावत के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धा तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके विचार और सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का अवसर भी बना। पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान अपने चित्र पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी समाज द्वारा और क्षेत्र के विकास के लिए आयोजित की गई गतिविधियों का स्मरण किया गया। कार्यक्रम में यह भावना प्रमुखता से सामने आई कि किसी भी जनसेवक की वास्तविक पहचान उसकी नहीं, बल्कि समाज के लिए उसके कार्य और लोगों के बीच पद छोड़ी गई सकारात्मक विरासत से है। स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी ने सार्वजनिक जीवन में अपने कार्य और व्यवहार से जो पहचान बनाई, वह आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी हुई है।

 

स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी का सार्वजनिक जीवन सेवा, संगठन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। पूर्व महापौर और पूर्व सांसद के रूप में उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए क्षेत्र की समस्याओं, नागरिक सुविधाओं तथा विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उनके व्यक्तित्व में जनसंपर्क, सहजता और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित करने की विशेष क्षमता थी। यही कारण है कि उनके साथ काम करने वाले साथी और उन्हें जानने वाले नागरिक आज भी उनके कार्यकाल और योगदान को सम्मान के साथ याद करते हैं। पुण्यतिथि के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय शेजवलकर जी का जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में पद और प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण जनहित के प्रति प्रतिबद्धता होती है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक सामाजिक और सार्वजनिक विषयों को महत्व दिया तथा लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में कार्य करने का प्रयास किया। उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद साथियों ने उनके साथ बिताए समय और उनके कार्यों को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि नई पीढ़ी को ऐसे जनप्रतिनिधियों के जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, संवाद, संवेदनशीलता और जनसेवा जैसे मूल्यों को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उपस्थित नागरिकों ने कहा कि स्वर्गीय शेजवलकर जी की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक दायित्व निभाने और अपने क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। उनके जीवन से जुड़े संस्मरणों को साझा करते हुए कई साथियों ने उनके सहज व्यक्तित्व, मिलनसार व्यवहार और जनहित के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को याद किया।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू वृक्षारोपण रहा। स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी की स्मृति में पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व की स्मृति को जीवंत बनाए रखने का सबसे सुंदर माध्यम ऐसा कार्य है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिले। इसी भावना के साथ पौधरोपण को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में ही महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन का आधार भी बनते हैं। कार्यक्रम में शामिल सभी सम्मानित साथियों ने पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण आज पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर इस दिशा में योगदान देना चाहिए। स्वर्गीय शेजवलकर जी की पुण्यतिथि पर पौधरोपण के माध्यम से श्रद्धांजलि देना इसी सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि आने वाले समय में भी उनकी स्मृति में ऐसे सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहना चाहिए, जिससे उनकी स्मृतियों को सकारात्मक कार्यों के माध्यम से समाज से जोड़ा जा सके। पौधरोपण के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस अवसर पर लगाए गए पौधों को स्वर्गीय शेजवलकर जी की स्मृति और उनके प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। उपस्थित साथियों ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में लोगों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को महत्व दिया। उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह रही कि वे लोगों की बात सुनने और उनके साथ संवाद करने में विश्वास रखते थे। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की अपेक्षाओं और क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझना उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। यही कारण है कि उनके सहयोगी और समर्थक आज भी उन्हें सम्मानपूर्वक याद करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचारों और कार्यशैली से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास किए जा सकते हैं। वर्तमान समय में जब सार्वजनिक जीवन में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, ऐसे व्यक्तित्वों की कार्यशैली और सामाजिक प्रतिबद्धता को याद करना और उससे सीख लेना आवश्यक है। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ साथियों ने उनके साथ काम करने के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज और क्षेत्र के हित को प्राथमिकता देने की भावना को आगे रखा। उनकी स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने पुराने साथियों को एक साथ आने और उनके योगदान को याद करने का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि स्वर्गीय शेजवलकर जी के प्रति सच्चा सम्मान तभी होगा, जब उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाजहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाए। जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयास ही उनकी स्मृति को सार्थक रूप से आगे बढ़ा सकते हैं।
पुष्प एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम में सभी प्रतिष्ठित साथियों की सलामी ने कार्यक्रम को गरिमामय बनाया। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाता है। कार्यक्रम में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति ने पुष्प निक्कर कर अपनी प्रति-अपनी श्रद्धा व्यक्त की और अपने प्रतिष्ठित सामाजिक आक्षेप को जीवन में अनुशासन की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान यह भी कहा गया कि समाज में आयोजनों की भूमिका में केवल स्मृति को सीमित तक बनाए रखना शामिल नहीं है, बल्कि वे लोगों को सामाजिक मूल्यों से जोड़ने और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी बनाते हैं। मुज़ाहिरों के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने भावनाओं को मजबूत किया। उपस्थित साथियों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अपना दायरा दोगुना किया और अधिक से अधिक उपाय अपनाए और उनकी देखभाल की व्यवस्था की। कार्यक्रम में श्रद्धा निकेतन ने कहा कि स्वर्गीय शेजवलकर जी की स्मृति में समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहें और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े सकारात्मक आदर्शों को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उनके द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आने वाली समाधि के लिए एक संदेश यह भी दिया गया है कि समाज के लिए अपने जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तियों का केवल स्मरण करना ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना भी आवश्यक है। इसी भावना के साथ सभी लोगों ने सामाजिक एकता, जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी की प्रति पुनः पुनः श्रद्धा वार्ता आयोजित की गई। एसोसिएट्स, सोशल एसोसिएट्स और प्रतिष्ठित सहयोगियों ने कहा कि उनकी स्मृति सदैव समाज को सेवा और जिम्मेदारी की दिशा में प्रेरित करती रहेगी। पुष्पांजलि के माध्यम से जहां उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई, वहीं पुष्पांजलि के माध्यम से पर्यावरण और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि किसी भी महान व्यक्तित्व की स्मृति को सबसे बेहतर तरीके से प्रतिष्ठित किया जा सकता है, यही है कि उनके नाम और विचारों से जुड़े ऐसे कार्य, प्रत्यक्ष लाभ समाज को मिले। स्वर्गीय शेजवलकर जी की मेमोरियल पर इसी दिशा में एक सार्थक पहली रही। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि समाज के विकास के लिए जनभागीदार, सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना आवश्यक है। सभी सहयोगी साथियों ने स्वर्गीय श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाजहित के कार्यों में सक्रिय रहने का संकल्प लिया। इस समारोह के माध्यम से श्रद्धा और सम्मान से परिपूर्ण श्री नारायण कृष्ण शेजवलकर जी की स्मृतियों को एक बार फिर से जीवंत किया गया और उनके प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट है कि सेवा, कर्तव्य और समाजहित के लिए दिए गए कार्य व्यक्ति के जाने के बाद भी लोगों के बीच उनकी स्मृति जीवित रहती है। इसी भावना के साथ सभी प्रतिष्ठित साथियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धा निक्की की और उनकी स्मृति में स्थापित सुरक्षा का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

Advertisement Box
अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण का पर्व है रक्षाबंधन : कृष्णा गौर
आज फोकस में

अनुपम स्नेह, अटल विश्वास और समर्पण का पर्व है रक्षाबंधन : कृष्णा गौर

रक्षाबंधन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संदेश, प्रेम और भाईचारे के साथ महिला सुरक्षा व सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संदेश, प्रेम और भाईचारे के साथ महिला सुरक्षा व सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान

रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, बच्चों से बंधवाई राखी
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Gen-Alpha के साथ मनाया त्योहार, बच्चों से बंधवाई राखी

रक्षाबंधन पर मंत्री राकेश सिंह ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
आज फोकस में

रक्षाबंधन पर मंत्री राकेश सिंह ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, स्नेह और विश्वास के पावन बंधन को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान
आज फोकस में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, स्नेह और विश्वास के पावन बंधन को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधी राखी, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधी राखी, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें