
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध और महिला संबंधी शिकायतों पर अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
सीधी। आमजन की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी पुलिस द्वारा नियमित रूप से जनसुनवाई की जा रही है। इसी क्रम में 25 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीधी में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों और फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, संपत्ति एवं अन्य पुलिस संबंधी समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें भूमि एवं संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद, महिला संबंधी शिकायतें, साइबर अपराध, मारपीट, धोखाधड़ी तथा आपसी विवाद सहित विभिन्न प्रकार के प्रकरण शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी से उसकी समस्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि उसके तथ्यों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों के त्वरित, तथ्यपरक एवं समयबद्ध निराकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में पुलिस कार्रवाई आवश्यक है, उनमें उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही फरियादियों को उनके आवेदन पर की जा रही कार्रवाई की स्थिति से भी अवगत कराया जाए, ताकि उन्हें अपनी शिकायत के संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सके। जनसुनवाई के दौरान पूर्व से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित प्रकरणों में अनावश्यक देरी पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए शिकायतों का संवेदनशील एवं निष्पक्ष निराकरण अत्यंत आवश्यक है। जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री सुजीत कड़वे सहित संबंधित थाना प्रभारी उपस्थित रहे। जिले के अन्य राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी भी आवश्यकता के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्र की शिकायतों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।
भूमि विवाद से लेकर साइबर अपराध तक विभिन्न शिकायतों पर हुई सुनवाई। जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किए। भूमि एवं संपत्ति से जुड़े विवादों में पक्षकारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद, पारिवारिक मामलों में विवाद, आपसी झगड़े, मारपीट, धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें पुलिस के समक्ष रखी गईं। प्रत्येक आवेदन को सुनते समय पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने संबंधित प्रकरण की पृष्ठभूमि और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय केवल एक पक्ष की बात को आधार न बनाया जाए, बल्कि उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। भूमि और संपत्ति विवाद जैसे मामलों में दस्तावेजों एवं संबंधित पक्षों के कथनों का परीक्षण करने के साथ कानून के अनुरूप कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। वहीं पारिवारिक विवादों में संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों की बात सुनने और परिस्थितियों के अनुरूप उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध से संबंधित मामलों में तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को संबंधित थाना या शाखा को भेजने के बाद उनकी निगरानी भी की जाए, ताकि शिकायतें लंबित न रहें। उनका कहना था कि किसी नागरिक द्वारा पुलिस के समक्ष शिकायत लेकर पहुंचना अपने आप में उसके लिए महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए पुलिस की जिम्मेदारी है कि उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जाए और कानून के दायरे में रहते हुए उचित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि नागरिक अपनी समस्या सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के समक्ष रख सकें और उन्हें उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो। इससे शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचती है और संबंधित थाना स्तर पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा संभव होती है। सीधी पुलिस द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई के माध्यम से जिला मुख्यालय पर नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अवसर उपलब्ध हो रहा है। अधिकारियों द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इस व्यवस्था से पुलिस प्रशासन को क्षेत्र की जमीनी समस्याओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखने में भी सुविधा मिलती है।
महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों की शिकायतों को दी गई विशेष प्राथमिकता। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में सामान्य शिकायतों की तरह केवल प्रक्रियात्मक कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। महिलाओं से संबंधित शिकायतों में उनकी सुरक्षा, सम्मान और समस्या की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों में भी उनकी परिस्थितियों को समझते हुए आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर वर्गों के नागरिकों को पुलिस व्यवस्था तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए, इसके लिए अधिकारियों को विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस सेवा का मूल उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और कानून के अनुसार सहायता सुनिश्चित करना है। ऐसे में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी फरियादी को उसकी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से एक कार्यालय या थाना से दूसरे स्थान पर न भटकना पड़े। यदि आवेदन किसी अन्य विभाग या अधिकारी के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है तो उसे उचित मार्गदर्शन दिया जाए, जबकि पुलिस से संबंधित मामलों में संबंधित थाना या अधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात सुनी और संबंधित मामलों की जानकारी प्राप्त की। इस प्रक्रिया से नागरिकों को अपनी बात सीधे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। महिलाओं एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार पारिवारिक, सामाजिक या आर्थिक परिस्थितियों के कारण पीड़ित व्यक्ति अपनी समस्या खुलकर सामने रखने में कठिनाई महसूस कर सकता है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का व्यवहार विश्वास पैदा करने वाला होना आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक द्वारा इसी दृष्टिकोण के साथ अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और कानून के अनुरूप कार्रवाई होगी। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों में महिला संबंधी प्रकरणों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्राथमिकता से देखने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों की कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। इस प्रकार जनसुनवाई केवल शिकायत प्राप्त करने की प्रक्रिया न होकर पुलिस और आमजन के बीच विश्वास मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है।
लंबित शिकायतों की समीक्षा, अधिकारियों को अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान केवल नए आवेदनों पर ही सुनवाई नहीं की गई, बल्कि पूर्व से लंबित शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने संबंधित अधिकारियों से लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि जिन शिकायतों में जांच अथवा कार्रवाई लंबित है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत के निराकरण में यदि कोई तकनीकी, कानूनी अथवा प्रशासनिक बाधा है तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक आवेदन के तथ्यों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए। पुलिस प्रशासन के लिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी मामले के लंबे समय तक लंबित रहने से संबंधित नागरिक में असंतोष उत्पन्न हो सकता है। जनसुनवाई के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारी ऐसे मामलों की प्रत्यक्ष समीक्षा कर सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत की जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही जिन प्रकरणों में पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है, उनमें भी शिकायतकर्ता को उचित जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इससे नागरिकों को पुलिस की कार्रवाई के संबंध में स्पष्टता मिल सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और तथ्यपरकता बनाए रखी जाए। किसी भी मामले में व्यक्तिगत प्रभाव, दबाव या एकतरफा जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उपलब्ध तथ्यों और कानून के अनुरूप निर्णय लिया जाना चाहिए। जनसुनवाई में लंबित मामलों की समीक्षा का उद्देश्य भी यही रहा कि पुराने आवेदनों पर कार्रवाई की प्रगति को जाना जा सके और जहां आवश्यक हो वहां संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा सकें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर शिकायतों की निगरानी और निराकरण की प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई से संबंधित मामलों की कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। इस तरह सीधी पुलिस प्रशासन द्वारा जनसुनवाई के माध्यम से न केवल नई शिकायतों को सुना जा रहा है, बल्कि पुराने मामलों की प्रगति पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी जुड़े थाना एवं चौकी प्रभारी, जिला स्तर से हुई मामलों की निगरानी। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे। जहां संबंधित अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मौजूद रहे, वहीं आवश्यकता के अनुसार जिले के अन्य राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई से जुड़े। इस व्यवस्था के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से संबंधित शिकायतों पर भी जिला स्तर से तत्काल दिशा-निर्देश दिए जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े अधिकारियों से उनके क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की जानकारी ली गई और आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि जनसुनवाई केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से संबंधित शिकायतों पर भी समान रूप से निगरानी रखी जाए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों के संबंध में तत्काल जानकारी प्राप्त करना संभव हुआ। किसी आवेदन की जांच यदि संबंधित थाना स्तर पर चल रही थी तो वहां के अधिकारी से सीधे उसकी प्रगति के संबंध में जानकारी ली जा सकी। इसी प्रकार जिन मामलों में आगे की कार्रवाई की आवश्यकता थी, वहां संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए। पुलिस व्यवस्था में तकनीक के उपयोग से जिला स्तर और थाना स्तर के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारी बिना जिला मुख्यालय पहुंचे भी जनसुनवाई से जुड़ सकते हैं और अपने क्षेत्र के मामलों पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों के संबंध में तत्काल समन्वय स्थापित करने में भी सुविधा मिलती है। सीधी जिले जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत क्षेत्र में यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, क्योंकि सभी क्षेत्रों से नागरिकों और अधिकारियों का जिला मुख्यालय तक पहुंचना हर समय संभव नहीं होता। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शिकायतों का निराकरण करते समय कानून, नियम और उपलब्ध तथ्यों को आधार बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस एवं आमजन के बीच संवाद निरंतर बना रहना चाहिए। नागरिकों की शिकायतों को सुनने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने से पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत होता है। यही कारण है कि नियमित जनसुनवाई को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं नागरिकों से संवाद करते हैं और उनके माध्यम से थाना स्तर की कार्यप्रणाली की जानकारी भी प्राप्त करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया से शिकायत निवारण के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
“त्वरित, निष्पक्ष एवं संवेदनशील निराकरण हमारी प्राथमिकता” — पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी। जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं संवेदनशील निराकरण पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक फरियादी को उसकी समस्या के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन और आवश्यक कार्रवाई उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। किसी भी शिकायत को केवल इसलिए नजरअंदाज न किया जाए कि वह प्रथम दृष्टया छोटी प्रतीत होती है। प्रत्येक शिकायत के पीछे किसी नागरिक की समस्या जुड़ी होती है और पुलिस को उसका मूल्यांकन कानून एवं तथ्यों के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित फरियादी को कार्रवाई की जानकारी दी जानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। साथ ही लंबित शिकायतों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में एएसपी श्रीमती कमला जोशी, डीएसपी मुख्यालय श्री सुजीत कड़वे और संबंधित थाना प्रभारी उपस्थित रहे। जिले के अन्य अधिकारी भी आवश्यकता के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। नियमित जनसुनवाई के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिक अपनी शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकते हैं और पुलिस प्रशासन को भी क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों तथा नागरिकों की समस्याओं की जानकारी मिलती है। सीधी पुलिस का उद्देश्य जनसेवा, सुरक्षा एवं न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए आमजन के लिए पुलिस सेवा को अधिक सरल, सुलभ, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है। 25 अगस्त को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम रहा, जिसमें नए और लंबित दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आने वाले समय में भी नियमित जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को सुनने, उनका उचित निराकरण कराने और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।