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मंदसौर में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रदर्शनी का अवलोकन, ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ

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मंदसौर। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंदसौर प्रवास के दौरान ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं तथा आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका को करीब से देखा। उन्होंने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा बच्चों की कल्पनाशीलता और देश के भविष्य को लेकर उनकी सोच को समझने का प्रयास किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों, महिलाओं और परिवारों से सीधे संवाद तथा सेवा गतिविधियों का केंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मंदसौर जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न चरणों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उपलब्ध जिला स्तरीय जानकारी के अनुसार ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने विकसित भारत की अपनी कल्पना को चित्रों और विचारों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इसके बाद चयनित चित्रों की जिला स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और आमजन ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन किया। मंत्री सुश्री भूरिया द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किए जाने से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्तर पर प्रोत्साहन का अवसर मिला। प्रदर्शनी में बच्चों की कल्पना में उभरते भारत के विभिन्न स्वरूप दिखाई दिए। कहीं शिक्षा और तकनीकी विकास से जुड़े विचार सामने आए तो कहीं पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। मंदसौर जिले में अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर आयोजित गतिविधियों के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में भी विद्यार्थियों द्वारा ‘मेरे सपनों का भारत’ और ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर चित्र तथा भाषण प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। विशेष रूप से पृथ्वी संरक्षण, जल संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, बेटी बचाओ और वृक्षारोपण जैसी अवधारणाओं को विद्यार्थियों द्वारा चित्रों में स्थान दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इस तरह चित्रकला प्रदर्शनी केवल कला प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों की सामाजिक समझ, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और भविष्य को लेकर उनकी कल्पना को सामने लाने का माध्यम भी बनी। मंत्री द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि सेवा संकल्प अभियान में विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उनके विचारों को महत्व देना अभियान के शैक्षिक एवं सामाजिक पक्ष को भी सामने लाता है।
मंदसौर जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित इस पहल का प्रमुख उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों, महिलाओं और परिवारों तक पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और विभागीय सेवाओं की प्रभावी पहुंच का माध्यम बनाना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंदसौर जिले में यह कार्यक्रम 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 26 से 28 सितंबर तक मंदसौर शहर तथा मंदसौर ग्रामीण परियोजना क्रमांक एक और दो में महिलाओं, बच्चों तथा सफलता की कहानियों से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके बाद 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मल्हारगढ़ तथा सीतामऊ क्रमांक एक और दो की परियोजनाओं में कार्यक्रम होंगे, जबकि तीसरे चरण में 2 से 5 अक्टूबर तक भानपुरा तथा गरोठ क्रमांक एक और दो में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस क्रम में मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की सहभागिता ने कार्यक्रम की शुरुआत को विशेष महत्व दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आंगनवाड़ी केंद्रों पर गतिविधियां आयोजित करना नहीं, बल्कि इन केंद्रों को स्थानीय समुदाय से अधिक सक्रिय रूप से जोड़ना भी है। आंगनवाड़ी केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों की देखभाल, पोषण संबंधी जागरूकता, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से जुड़ी जानकारी और अन्य विभागीय सेवाओं का संचालन किया जाता है। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को केंद्र से जोड़ने तथा परिवारों की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद, विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता तथा हितग्राहियों की आवश्यकताओं को समझने पर जोर दिया गया। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार मंत्री के मंदसौर प्रवास में लखमा खेड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, पौधारोपण, हितग्राहियों से चर्चा और पुरस्कार वितरण जैसी गतिविधियां भी निर्धारित थीं। इससे कार्यक्रम के स्वरूप में सेवा, सहभागिता और जागरूकता तीनों पक्ष शामिल होने की जानकारी मिलती है। आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थानीय समुदाय के बीच संवाद के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इस प्रकार की गतिविधियां महत्वपूर्ण मानी जा सकती हैं, क्योंकि बच्चों और महिलाओं से संबंधित अनेक विषयों पर परिवार की सक्रिय सहभागिता आवश्यक होती है।
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं को हितग्राहियों के और निकट ले जाने की दिशा में गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों से समन्वय, जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंत्री ने प्रदेश स्तर पर अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए यह बात कही थी कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, माताओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा अन्य हितग्राहियों तक पोषण, स्वास्थ्य और कल्याण सेवाओं की नियमित एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने वाले केंद्र के रूप में कार्य करें। मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों से संबंधित गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सहभागिता के विषयों को भी प्रमुखता दी गई। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार वार्ड क्रमांक 31 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 2 में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में मंत्री ने सहभागिता की, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार कार्यक्रम में केवल विभागीय गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत ही नहीं हुई, बल्कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर भी मिला। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके कार्य को पहचान और सम्मान देना विभागीय सेवा तंत्र में उनके योगदान को सामने लाने का माध्यम बनता है। वहीं बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों और सहभागिता को प्रोत्साहित करना उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति के अवसरों को बढ़ाने से जुड़ा है। ‘आंगन मिलन सेवा’ नाम ही अपने आप में केंद्र और समुदाय के बीच संपर्क को रेखांकित करता है। इस पहल में आंगनवाड़ी केंद्रों पर केवल लाभ वितरण की प्रक्रिया के बजाय परिवारों के साथ संवाद, बच्चों की गतिविधियां, महिलाओं की सहभागिता और विभागीय योजनाओं की जानकारी जैसे पहलुओं को जोड़ा जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों में बच्चों की रचनात्मकता और महिला-बाल कल्याण को एक साथ जोड़ना इस अभियान के विभिन्न आयामों को सामने लाता है। एक ओर विद्यालयों के बच्चों को ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषय पर अपनी कल्पना व्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और छोटे बच्चों से सीधे जुड़ी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस तरह अभियान का स्वरूप शिक्षा, सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता जैसे कई क्षेत्रों को जोड़ता हुआ दिखाई देता है।
‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों ने नई पीढ़ी की सोच और उनके सपनों को दृश्य रूप में सामने रखा। चित्रकला बच्चों के लिए केवल कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं होती, बल्कि उनके मन में मौजूद विचारों, अनुभवों और भविष्य की कल्पना को सामने लाने का भी माध्यम बन सकती है। मंदसौर में आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने विकसित भारत की संकल्पना को अलग-अलग दृष्टिकोण से चित्रित किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विद्यालय स्तर पर आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, स्वच्छता, बेटी बचाने, वृक्षारोपण और देश के विकास जैसे विषयों को अपनी रचनाओं में शामिल किया। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में चयनित चित्रों को प्रदर्शित किए जाने से विद्यार्थियों को अपने कार्य को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन तथा चयनित विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण भी अभियान की गतिविधियों का हिस्सा रहा। इस प्रकार ‘मेरे सपनों का भारत’ गतिविधि में विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनकी रचनात्मक सोच को सार्वजनिक मंच दिया गया। बच्चों की कल्पना में भारत का स्वरूप कैसा है, वे विकास को किन विषयों से जोड़ते हैं और समाज की किन समस्याओं को महत्वपूर्ण मानते हैं, इसका संकेत उनकी चित्रकला में दिखाई देता है। किसी बच्चे के लिए विकसित भारत का अर्थ बेहतर स्कूल और शिक्षा हो सकता है, किसी के लिए स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण, किसी के लिए आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसर, तो किसी के लिए महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा एवं सम्मान। चित्रों के माध्यम से सामने आने वाली यह विविधता विद्यार्थियों की सोच की व्यापकता को दर्शाती है। अभियान में चित्रकला और भाषण जैसी गतिविधियों को शामिल करने से बच्चों को अपने विचारों को दृश्य और मौखिक दोनों रूपों में प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस तरह सेवा संकल्प अभियान का यह पक्ष विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करने का माध्यम बनता है। मंत्री सुश्री भूरिया द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन और विद्यार्थियों से संवाद इस गतिविधि को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। बच्चों को यह अनुभव भी मिला कि उनके विचार और उनकी रचनाएं सार्वजनिक रूप से देखी और समझी जा रही हैं। इससे विद्यालयी गतिविधियों को समुदाय से जोड़ने का अवसर मिलता है और अभिभावकों की सहभागिता भी बढ़ती है।
मंदसौर में मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखमा खेड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के साथ पौधारोपण, हितग्राहियों से चर्चा और पुरस्कार वितरण जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इसके बाद सर्किट हाउस पहुंचने और उत्कृष्ट विद्यालय में सेवा संकल्प अभियान एवं राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में सहभागिता का कार्यक्रम निर्धारित था। दोपहर में मंदसौर शहर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य जांच शिविर में भी सहभागिता की जानकारी दी गई थी। इन गतिविधियों को एक साथ देखने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज के कई प्रमुख पक्ष सामने आते हैं—पोषण, स्वास्थ्य, बच्चों का विकास, महिलाओं की भागीदारी, आंगनवाड़ी केंद्रों की सक्रियता और समुदाय के साथ सीधा संवाद। स्वास्थ्य जांच शिविरों का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। राष्ट्रीय पोषण माह जैसे अभियानों के माध्यम से संतुलित आहार, पोषण संबंधी जागरूकता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जानकारी देने का प्रयास किया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्र इन गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का माध्यम हैं। इसी कारण ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसी पहल में केंद्र को समुदाय के अधिक निकट लाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण जैसी गतिविधि को जोड़ने से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी अभियान से जुड़ता है। इस प्रकार सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियां केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों की शिक्षा एवं रचनात्मकता से लेकर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण तक कई विषयों को समाहित करती हैं। मंदसौर जिले में निर्धारित तीन चरणों की गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में कार्यक्रम जारी रहेंगे। पहले चरण में मंदसौर शहर और ग्रामीण क्षेत्र, दूसरे चरण में मल्हारगढ़ तथा सीतामऊ और तीसरे चरण में भानपुरा तथा गरोठ क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इससे जिले के अलग-अलग हिस्सों में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभियान की गतिविधियों को पहुंचाने की योजना स्पष्ट होती है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं, बच्चों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, अभिभावकों और अन्य समुदाय सदस्यों की सहभागिता इस अभियान की प्रभावशीलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।
मंदसौर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों ने एक ओर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच दिया, वहीं दूसरी ओर आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिला एवं बाल कल्याण सेवाओं को समुदाय से जोड़ने का प्रयास सामने आया। ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रदर्शनी में बच्चों ने अपने सपनों और विचारों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया, जबकि ‘आंगन मिलन सेवा’ के शुभारंभ के साथ महिलाओं और बच्चों से संबंधित गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिले में अभियान के तहत 5 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान अलग-अलग परियोजना क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और बच्चों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सेवा संकल्प अभियान की प्रदेशव्यापी अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है और इसके अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है। मंदसौर की गतिविधियों में विद्यार्थियों की कला, महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य, पोषण, आंगनवाड़ी सेवाएं, पौधारोपण और समुदाय की सहभागिता जैसे विषय एक साथ दिखाई दिए। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए बच्चों, महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया। अभियान के माध्यम से विभागीय सेवाओं की जानकारी और पहुंच को समुदाय तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को सेवा और संवाद के केंद्र के रूप में सक्रिय करने की दिशा में आयोजित गतिविधियों में स्थानीय परिवारों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। वहीं विद्यार्थियों की चित्रकला गतिविधियों से सामने आए पर्यावरण, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और विकसित भारत जैसे विषय यह बताते हैं कि नई पीढ़ी अपने भविष्य को अनेक सामाजिक सरोकारों से जोड़कर देख रही है। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में इन विचारों को मंच मिलने से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ। आने वाले चरणों में अभियान की गतिविधियां जिले के अन्य परियोजना क्षेत्रों तक पहुंचेंगी, जिससे अधिक संख्या में महिलाएं, बच्चे और परिवार इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इस प्रकार मंदसौर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों का केंद्र सेवा, सहभागिता, रचनात्मकता, पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता रहा। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की सहभागिता में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम और ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रदर्शनी ने अभियान के दो अलग लेकिन परस्पर जुड़े पक्षों को सामने रखा—एक ओर बच्चों के सपनों और रचनात्मक सोच को मंच देना तथा दूसरी ओर आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों तक सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना। इसी क्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी और अभियान के माध्यम से विभागीय सेवाओं तथा जनभागीदारी को स्थानीय स्तर पर जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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