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HQ Report
अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, अग्निशामक यंत्रों के उपयोग और आपातकालीन निकासी की दी जानकारी; संदेश—सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
भोपाल। सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और कार्यस्थल पर आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी मजबूत करने के उद्देश्य से सार्थक सिक्योरिटी एंड मैनपावर सर्विसेज द्वारा भोपाल में अपनी सुरक्षा टीम के लिए फायर सेफ्टी ट्रेनिंग आयोजित की गई। 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण की तस्वीरों में सुरक्षा कर्मियों को आग से बचाव के उपायों की जानकारी लेते हुए तथा अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा कर्मचारियों को आग लगने के संभावित कारणों, जोखिमों की पहचान, अग्निशामक यंत्रों के सही इस्तेमाल और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से कार्रवाई करने के बारे में जागरूक करना रहा। कंपनी के प्रशिक्षण पोस्टर में ‘सेफ्टी इज अ टीम एफर्ट’ अर्थात सुरक्षा एक सामूहिक प्रयास है, का संदेश दिया गया है। यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा केवल किसी एक कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों की सहभागिता से प्रभावी बनती है। आग लगने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे समय में घबराहट से बचना, दूसरों को सतर्क करना, सुरक्षित निकासी का रास्ता अपनाना और आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा उचित अग्निशामक यंत्र का उपयोग करना जरूरी होता है। इस तरह का प्रशिक्षण सुरक्षा टीम को संभावित जोखिमों के प्रति सजग बनाने और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी में मदद कर सकता है। उपलब्ध तस्वीरों के अनुसार प्रशिक्षण में कर्मचारियों को एक स्थान पर एकत्र कर जानकारी दी गई तथा खुले स्थान पर अग्निशामक यंत्रों से आग बुझाने का अभ्यास भी कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आग से बचाव और जोखिमों के प्रति जागरूकता, आग लगने के विभिन्न कारणों की पहचान तथा अलग-अलग प्रकार के अग्निशामक यंत्रों की जानकारी को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया। आग लगने के कारणों में बिजली की खराब वायरिंग, उपकरणों का अनुचित उपयोग, ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण, रसोई में लापरवाही और गर्म सतहों के संपर्क में आने वाली ज्वलनशील सामग्री जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं। किसी भी कार्यस्थल पर आग से सुरक्षा के लिए जरूरी है कि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जाए और उनसे बचाव के उपाय अपनाए जाएं। कर्मचारियों को यह भी समझना चाहिए कि आग की प्रत्येक स्थिति एक जैसी नहीं होती और हर प्रकार की आग पर एक ही अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं होता। पोस्टर में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और पाउडर आधारित अग्निशामक यंत्रों का उल्लेख किया गया है। इन उपकरणों का चुनाव आग के प्रकार, आसपास मौजूद सामग्री और संबंधित सुरक्षा निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, बिजली से जुड़े उपकरणों में आग लगने पर पानी का उपयोग खतरनाक हो सकता है। इसी प्रकार तेल या ज्वलनशील तरल पदार्थों की आग में गलत तरीके से पानी डालने से आग फैल सकती है। इसलिए किसी भी कर्मचारी को आग बुझाने का प्रयास तभी करना चाहिए, जब उसे संबंधित यंत्र के उपयोग का प्रशिक्षण हो, आग शुरुआती स्तर पर हो और बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो। प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य कर्मचारियों को आग की स्थिति में जल्दबाजी या अनजान तरीके से कार्रवाई करने के बजाय सही प्रक्रिया अपनाने के लिए तैयार करना है। कार्यस्थल पर अग्नि सुरक्षा के लिए उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ कर्मचारियों को उनके सही उपयोग की जानकारी होना भी आवश्यक है।
फायर सेफ्टी ट्रेनिंग के पोस्टर में अग्निशामक यंत्र के उपयोग की प्रक्रिया को ‘PASS Method’ के रूप में समझाया गया है। इसमें चार प्रमुख चरण बताए गए हैं—Pull, Aim, Squeeze और Sweep। पहला चरण ‘Pull’ है, जिसमें अग्निशामक यंत्र की सुरक्षा पिन खींची जाती है। दूसरा चरण ‘Aim’ है, जिसमें नोजल को आग की लपटों के बजाय आग के आधार की ओर निर्देशित किया जाता है। तीसरे चरण ‘Squeeze’ में यंत्र के हैंडल को दबाकर अग्निशामक पदार्थ छोड़ा जाता है। चौथे चरण ‘Sweep’ में नोजल को नियंत्रित तरीके से एक ओर से दूसरी ओर घुमाते हुए आग के आधार पर पदार्थ छोड़ा जाता है। यह विधि अग्निशामक यंत्र के उपयोग को याद रखने में मदद करती है, लेकिन इसका पालन करते समय यंत्र पर दिए गए निर्देशों और प्रशिक्षण में बताई गई सावधानियों का ध्यान रखना आवश्यक है। आग तेजी से फैल रही हो, धुआं अधिक हो, गर्मी असहनीय हो या सुरक्षित निकासी का रास्ता बाधित हो, तो आग बुझाने की कोशिश करने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। अग्निशामक यंत्र का उपयोग केवल उसी स्थिति में करना चाहिए, जब व्यक्ति को उसका तरीका मालूम हो और स्वयं तथा अन्य लोगों की सुरक्षा खतरे में न पड़े। प्रशिक्षण की तस्वीरों में खुले स्थान पर कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्र चलाने का अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। इस तरह का व्यावहारिक अभ्यास कर्मचारियों को उपकरणों की बनावट, उन्हें पकड़ने के तरीके और आग की दिशा में सुरक्षित ढंग से काम करने की प्रक्रिया समझने में सहायक हो सकता है। हालांकि, प्रशिक्षण में शामिल प्रत्येक कर्मचारी की दक्षता या परीक्षा के परिणामों का कोई अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
अग्निशमन प्रशिक्षण का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू आपातकालीन निकासी और सुरक्षित एकत्रीकरण स्थल की जानकारी है। किसी भवन या कार्यस्थल में आग लगने की स्थिति में केवल आग बुझाने की कोशिश करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना भी प्राथमिकता होती है। इसके लिए निकासी मार्ग स्पष्ट होने चाहिए, आपातकालीन दरवाजों के सामने सामान नहीं रखा जाना चाहिए और कर्मचारियों को यह जानकारी होनी चाहिए कि खतरे की स्थिति में किस दिशा से बाहर निकलना है। निर्धारित एकत्रीकरण स्थल पर पहुंचकर लोगों की उपस्थिति की जांच की जा सकती है, ताकि किसी व्यक्ति के भीतर फंसे होने की स्थिति का पता लगाया जा सके। पोस्टर में आग लगने पर शांत रहने, अलार्म बजाने, सुरक्षित होने पर अग्निशामक यंत्र का उपयोग करने, सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने जैसे कदमों का उल्लेख है। आपात स्थिति में सबसे पहले खतरे की सूचना अन्य लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। यदि परिसर में अलार्म की व्यवस्था हो, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका उपयोग किया जाना चाहिए। इसके बाद लोगों को लिफ्ट के बजाय निर्धारित सीढ़ियों और निकासी मार्गों से बाहर निकलना चाहिए, जहां ऐसा करना सुरक्षित हो। धुएं से भरे क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना चाहिए और सामान लेने के लिए वापस अंदर नहीं जाना चाहिए। किसी व्यक्ति को आग बुझाने के लिए जोखिम उठाने के बजाय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। गंभीर आग लगने पर अग्निशमन सेवा और संबंधित आपातकालीन एजेंसियों को सूचना देना आवश्यक है। प्रशिक्षण में आपातकालीन निकासी और प्राथमिक उपचार को भी प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है। प्राथमिक उपचार की जानकारी किसी घटना के बाद शुरुआती सहायता देने में उपयोगी हो सकती है, लेकिन गंभीर चोट, जलने या धुएं के संपर्क में आने की स्थिति में पेशेवर चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
सार्थक सिक्योरिटी एंड मैनपावर सर्विसेज के पोस्टर में प्रशिक्षण को सुरक्षा टीम के लिए आयोजित कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। तस्वीरों में एक प्रशिक्षक कर्मचारियों को जानकारी देते हुए दिखाई देता है, जबकि अन्य तस्वीरों में सुरक्षा कर्मियों को खुले स्थान पर अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। प्रशिक्षण में आग से बचाव, विभिन्न प्रकार की आग और उनके कारण, अग्निशामक यंत्रों के प्रकार, PASS विधि, आपातकालीन निकासी, एकत्रीकरण स्थल और प्राथमिक उपचार जैसे विषय सूचीबद्ध हैं। सुरक्षा कर्मी किसी भी संस्थान में प्रवेश-नियंत्रण, परिसर की निगरानी और आपातकालीन स्थिति में शुरुआती प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियों का हिस्सा हो सकते हैं। इसलिए उन्हें आग से जुड़े जोखिमों की पहचान, अलार्म व्यवस्था और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया की जानकारी होना उपयोगी है। सुरक्षा टीम के सदस्यों को यह भी पता होना चाहिए कि अग्निशामक यंत्र कहां रखे गए हैं, निकासी के रास्ते कौन-से हैं और आग लगने पर किस अधिकारी या आपातकालीन सेवा को सूचित करना है। नियमित अभ्यास से कर्मचारियों को आपातकालीन प्रक्रिया याद रखने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही संस्थान के प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि अग्निशामक यंत्रों का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाए, उपकरणों की वैधता और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, निकासी मार्ग खुले रखे जाएं और आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण दोहराया जाए। पोस्टर में ‘सेफर साइट, स्ट्रॉन्गर टीम’ और ‘ट्रेन टुडे, सेव लाइव्स टुमॉरो’ जैसे संदेशों के माध्यम से सुरक्षा को सामूहिक प्रयास और नियमित तैयारी से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
फायर सेफ्टी ट्रेनिंग का व्यापक संदेश यह है कि आग से सुरक्षा के लिए केवल उपकरण उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है; कर्मचारियों को जोखिमों की पहचान, आपातकालीन सूचना, सुरक्षित निकासी और उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी भी होनी चाहिए। किसी भी कार्यस्थल पर बिजली के तारों और उपकरणों की नियमित जांच, ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, अग्निशामक यंत्रों तक आसानी से पहुंच और निकासी मार्गों की स्पष्ट पहचान आग से बचाव की मूलभूत जरूरतें हैं। कर्मचारियों को यह जानकारी होनी चाहिए कि आग लगने पर किसे सूचना देनी है, अलार्म कैसे सक्रिय करना है और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का मार्ग कौन-सा है। प्रशिक्षण में बताए गए PASS चरण अग्निशामक यंत्र के इस्तेमाल को समझने का एक सरल तरीका प्रस्तुत करते हैं, लेकिन आग बुझाने का प्रयास परिस्थिति और सुरक्षा के आकलन के बाद ही किया जाना चाहिए। यदि आग बड़ी हो, धुआं तेजी से फैल रहा हो या किसी व्यक्ति के फंसने की आशंका हो, तो तुरंत निकासी और आपातकालीन सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सार्थक सिक्योरिटी एंड मैनपावर सर्विसेज द्वारा साझा की गई तस्वीरों और प्रशिक्षण पोस्टर से यह जानकारी मिलती है कि 28 अक्टूबर 2026 को भोपाल में सुरक्षा टीम के लिए अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को जानकारी देने और अग्निशामक यंत्र के उपयोग का अभ्यास कराने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध विवरण में प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारियों की संख्या, किसी विशेष संस्थान का नाम, प्रशिक्षण के परिणाम या किसी प्रमाणपत्र के वितरण की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए समाचार का केंद्र प्रशिक्षण की गतिविधियां, इसके विषय और कार्यस्थल पर अग्नि सुरक्षा के महत्व पर ही रखा गया है।
फायर सेफ्टी ट्रेनिंग के प्रमुख विषय
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आग से बचाव और संभावित जोखिमों की पहचान।
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आग लगने के सामान्य कारणों की जानकारी।
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पानी, CO₂ और पाउडर आधारित अग्निशामक यंत्रों की पहचान।
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अग्निशामक यंत्र के उपयोग की PASS विधि—Pull, Aim, Squeeze और Sweep।
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आपातकालीन निकासी और सुरक्षित एकत्रीकरण स्थल की जानकारी।
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प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी।
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आग लगने की स्थिति में शांत रहना, अलार्म देना और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना।









