
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शासकीय महाविद्यालयों की अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में किए गए संशोधनों को कार्योत्तर मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में निर्धारित 10 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिपरिषद ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने संबंधी वाणिज्यिक कर विभाग के आदेश का भी अनुसमर्थन किया।
अतिथि व्याख्याता नीति में कई अहम बदलाव
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति से संबंधित संशोधित नीति में मेरिट सूची तैयार करने के प्रावधान को अधिक स्पष्ट किया गया है। यदि मेरिट सूची में समान श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता देने का प्रावधान किया गया है। इससे चयन प्रक्रिया में समान अंक वाले अभ्यर्थियों के बीच वरीयता निर्धारित करने का आधार स्पष्ट होगा।
संशोधित नीति में अनुभव से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। अब राजकीय विश्वविद्यालय में प्राप्त अध्यापन अनुभव को भी अनुभव के लिए निर्धारित अंकों में शामिल किया जाएगा। किसी राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान न्यूनतम पांच माह अध्यापन कार्य करने वाले पात्र अभ्यर्थी को अनुभव के लिए पांच अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यापन कर चुके अभ्यर्थियों के अनुभव को चयन प्रक्रिया में मान्यता मिलेगी।
विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को पुनर्नियोजन का अवसर
मंत्रिपरिषद ने शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पात्र विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उपलब्ध रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य पूर्व में अध्यापन कार्य कर चुके अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव का उपयोग करना है।
अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय से संबंधित व्यवस्था में भी परिवर्तन किया गया है। कालखंड आधारित मानदेय व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अतिथि व्याख्याताओं तथा अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से संबंधित प्रावधानों को भी संशोधित नीति में स्पष्ट किया गया है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण
कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण को लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत आरक्षण के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी गई है।
इस व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी जैसे पदों पर पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित आरक्षण का लाभ देने की प्रक्रिया को नियमों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में पात्रता, आरक्षण, चयन प्रक्रिया तथा सेवा शर्तों से जुड़े प्रावधान निर्धारित नियमों के अनुसार लागू किए जाएंगे।

सरकारी सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए अवसर
अग्निवीर योजना के तहत सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए सेवा के बाद रोजगार के अवसरों का विषय महत्वपूर्ण रहा है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किए जाने के बाद अब उसके क्रियान्वयन के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है। इससे संबंधित विभागों में होने वाली भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीर अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था को लागू करने का आधार तैयार होगा।
नए भर्ती नियमों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि पूर्व अग्निवीरों को किन पदों पर और किस प्रकार आरक्षण का लाभ मिलेगा। संबंधित विभागों द्वारा भर्ती अधिसूचना जारी किए जाने के बाद निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार आवेदन एवं चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
‘हनुमान अंश’ फिल्म को टैक्स फ्री करने के आदेश का अनुसमर्थन
मंत्रिपरिषद की बैठक में फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने संबंधी निर्णय का भी अनुसमर्थन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितंबर 2026 को की गई घोषणा के अनुपालन में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की।
इस व्यवस्था के अंतर्गत फिल्म के प्रदर्शन के लिए प्रवेश पर देय राज्य माल एवं सेवा कर यानी एसजीएसटी के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने का प्रावधान है। कैबिनेट से अनुसमर्थन मिलने के बाद फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया को औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े फैसलों पर जोर
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए फैसलों में शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषय प्रमुख रहे। अतिथि व्याख्याता नीति में अनुभव, मेरिट, पुनर्नियोजन और मानदेय से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किया गया है। वहीं पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी देकर सरकारी सेवाओं में उनके लिए निर्धारित अवसरों को प्रशासनिक आधार दिया गया है।
अतिथि व्याख्याता नीति में राजकीय विश्वविद्यालयों के अध्यापन अनुभव को शामिल करने से उन अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में अपने अनुभव का लाभ मिल सकेगा, जिन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यापन कार्य किया है। समान अंक होने की स्थिति में मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता देने का प्रावधान भी चयन प्रक्रिया में स्पष्टता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।

भर्ती प्रक्रिया और नियमों में स्पष्टता
सरकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्पष्ट नियम आवश्यक होते हैं। अतिथि व्याख्याताओं के मामले में मेरिट सूची, अनुभव, पुनर्नियोजन, मानदेय और अवकाश जैसे विषयों को संशोधित नीति में शामिल किया गया है। इससे विभागीय स्तर पर चयन और नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संचालित किया जा सकेगा।
इसी तरह पूर्व अग्निवीरों के मामले में आरक्षण के क्रियान्वयन के लिए अलग भर्ती नियम बनाए जाने से पुलिस, वन और जेल विभाग में संबंधित पदों पर भर्ती प्रक्रिया का आधार स्पष्ट हुआ है। आने वाले समय में संबंधित विभाग इन नियमों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
तीन प्रमुख निर्णयों से अलग-अलग क्षेत्रों को मिला आधार
कैबिनेट बैठक के फैसलों को व्यापक रूप से देखें तो इसमें तीन प्रमुख विषय सामने आते हैं। पहला, उच्च शिक्षा संस्थानों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति और मानदेय व्यवस्था को संशोधित करना। दूसरा, पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत आरक्षण को भर्ती नियमों के माध्यम से लागू करना। तीसरा, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने संबंधी आदेश का अनुसमर्थन करना।
इन फैसलों के बाद अब संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उच्च शिक्षा विभाग को अतिथि व्याख्याता नीति के संशोधित प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी। पुलिस, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जेल विभाग में पूर्व अग्निवीरों से संबंधित भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित की जाएगी। वहीं फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने संबंधी कर व्यवस्था का क्रियान्वयन वाणिज्यिक कर विभाग के प्रावधानों के अनुसार होगा।
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से प्रशासनिक प्रक्रिया होगी स्पष्ट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए इन निर्णयों का सीधा संबंध सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रिया को स्पष्ट करने से है। अतिथि व्याख्याताओं से संबंधित नीति में अनुभव और मानदेय व्यवस्था को स्पष्ट करने के साथ विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को पुनर्नियोजन का अवसर दिया गया है। पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण के क्रियान्वयन हेतु भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है।
सरकार के इन निर्णयों का वास्तविक प्रभाव संबंधित विभागों द्वारा जारी अधिसूचनाओं और आगे की कार्रवाई के बाद सामने आएगा। खासतौर पर पूर्व अग्निवीरों तथा अतिथि व्याख्याताओं से जुड़े फैसलों में आगामी भर्ती एवं पुनर्नियोजन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।









