
नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। सत्य, अहिंसा, प्रेम, शांति और सद्भाव के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा देने वाले महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर विभिन्न वर्गों के लोगों ने राष्ट्रपिता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को स्मरण किया।
महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, समानता और सम्मान पहुंचाने पर जोर दिया। उनके विचारों ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम को प्रभावित किया, बल्कि विश्वभर में शांति और अहिंसक आंदोलनों को भी प्रेरणा दी।
गांधी जयंती पर देशवासियों ने उनके स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सद्भाव और मानव सेवा से जुड़े संदेशों को याद किया। गांधी जी का मानना था कि समाज में स्थायी परिवर्तन केवल कानूनों से नहीं, बल्कि लोगों के विचारों और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव से संभव है। उनके जीवन और संघर्ष से सत्य के प्रति दृढ़ता तथा अहिंसा के माध्यम से परिवर्तन की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर लोगों ने महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलने, आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा समाज में शांति और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया। राष्ट्रपिता की जयंती देशवासियों के लिए उनके विचारों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का अवसर भी है। सत्य और अहिंसा के मार्ग को विश्व में प्रशस्त करने वाले महात्मा गांधी जी को जयंती पर कोटि-कोटि नमन।









