
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में विंध्याचल धाम के कालीखोह मोड़ पर हुआ सम्मेलन, वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पर रहा केंद्रित
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दृष्टिगत मीरजापुर जनपद के विंध्याचल धाम स्थित कालीखोह मोड़ पर स्नातक एवं शिक्षक सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, युवाओं के रोजगार तथा शिक्षकों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया गया। मां विंध्यवासिनी की पावन धरा पर आयोजित इस कार्यक्रम में विकास के साथ विरासत को संरक्षित करने की अवधारणा पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ पर्यटन और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायक हो सकता है।
विकास परियोजनाओं से बदल रही मीरजापुर की तस्वीर
कार्यक्रम में मां विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर, गंगा घाटों के विकास, विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। इन पहलों को धार्मिक पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा गया। विंध्याचल धाम में सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक आधारभूत सुविधाओं, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात कही गई। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया गया।
युवाओं के रोजगार और शिक्षकों के हितों पर जोर
सम्मेलन में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने, स्नातकों को टैबलेट उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता दी गई। वक्ताओं ने रोजगार सृजन, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों के विस्तार को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की उपलब्धि का उल्लेख किया गया। युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा एवं रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

विधान परिषद चुनाव को लेकर हुई चर्चा
वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दृष्टिगत आयोजित इस सम्मेलन में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने विकास, शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण से संबंधित मुद्दों को सामने रखा। सम्मेलन का राजनीतिक संदर्भ आगामी विधान परिषद चुनाव रहा, जिसमें स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष पटेल, राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री लाल बहादुर सरोज, मीरजापुर सदर विधायक श्री रत्नाकर मिश्रा, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्री केदारनाथ सिंह तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सम्मेलन में विकास परियोजनाओं, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, युवाओं के रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों को रेखांकित किया गया। विंध्याचल धाम में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से मीरजापुर के विकास और वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में रखा गया।









