
ADCP सुश्री प्रियंका डुडवे के सानिध्य में पुलिस विभाग की सुश्री जया सोनी ने श्रद्धालुओं को किया जागरूक, शक्ति मोबाइल अभियान की जानकारी से हजारों लोगों को मिला मार्गदर्शन
इंदौर। लक्ष्य गरबा महोत्सव 2026 में 16 अक्टूबर को भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के साथ सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। महोत्सव में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग की ओर से विशेष जानकारी साझा की गई। इस जनजागरूकता पहल का आयोजन सुश्री प्रियंका डुडवे, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP), महिला सुरक्षा (इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी) के सानिध्य में किया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग की सुश्री जया सोनी ने मंच से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शक्ति मोबाइल अभियान, महिलाओं की सुरक्षा, नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में शामिल लोगों तक सुरक्षा संबंधी संदेश सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाना रहा। लक्ष्य गरबा महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए इस मंच का उपयोग सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूक नागरिकता की भावना को मजबूत करने के लिए किया गया। गरबा जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति, लोकपरंपरा और सामूहिक सहभागिता के प्रतीक हैं। इन आयोजनों में परिवारों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी रहती है। ऐसे में यदि उत्सव के साथ सुरक्षा, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों की जानकारी भी साझा की जाए, तो उसका प्रभाव व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है। पुलिस विभाग की ओर से दिए गए संदेश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षित वातावरण और कानून के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को प्राथमिकता दी गई। श्रद्धालुओं को बताया गया कि समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए केवल पुलिस प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सजग रहना, नशे के दुष्प्रभावों को समझना तथा वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस पहल ने लक्ष्य गरबा महोत्सव को केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित न रखते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर भी बनाया। आयोजक गौरव शर्मा एवं लक्ष्य गरबा महोत्सव परिवार ने पुलिस विभाग की इस जनकल्याणकारी पहल के लिए हार्दिक आभार और अभिनंदन व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान शक्ति मोबाइल अभियान और महिला सुरक्षा से संबंधित जानकारी विशेष रूप से साझा की गई। महिलाओं की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जागरूकता, समय पर सहायता तथा सुरक्षित वातावरण का निर्माण आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक आयोजनों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाओं को सम्मानजनक एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध होना चाहिए। इस दिशा में पुलिस प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। यदि किसी महिला के साथ अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न या किसी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति दिखाई देती है, तो संवेदनशीलता के साथ उचित सहायता उपलब्ध कराने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की आवश्यकता होती है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संदेश का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि पीड़ित व्यक्ति को दोष देने के बजाय उसकी बात गंभीरता से सुनी जाए और उसे सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सुश्री जया सोनी ने मंच से उपस्थित श्रद्धालुओं को शक्ति मोबाइल अभियान के संबंध में जानकारी प्रदान की, जिससे लोगों को महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला। कार्यक्रम में सुश्री प्रियंका डुडवे का सानिध्य इस पहल के लिए महत्वपूर्ण रहा। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देना और आवश्यकता पड़ने पर उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है। विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों को यह जानकारी होना उपयोगी है कि किसी असुरक्षित परिस्थिति में वे किस प्रकार सहायता प्राप्त कर सकती हैं और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे सकती हैं। परिवारों और समुदायों को भी महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, समान अवसर और सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण को बढ़ावा देना चाहिए। युवाओं को यह समझना चाहिए कि महिलाओं की गरिमा का सम्मान करना केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। गरबा महोत्सव जैसे आयोजनों में सामूहिक सहभागिता के कारण सुरक्षा संबंधी संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकते हैं। यदि ऐसे संदेशों को दैनिक जीवन में अपनाया जाए, तो महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण बनाने में सहायता मिल सकती है। इस प्रकार शक्ति मोबाइल अभियान से संबंधित जानकारी ने महोत्सव में महिला सुरक्षा के महत्व को प्रमुखता से सामने रखा और नागरिकों को सतर्क, संवेदनशील तथा जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
लक्ष्य गरबा महोत्सव में नशामुक्ति को लेकर भी जागरूकता संदेश दिया गया। नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। नशे के कारण आर्थिक कठिनाइयां, पारिवारिक तनाव, कार्यक्षमता में कमी और कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए नशे से दूर रहना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना व्यक्तिगत हित के साथ-साथ समाज के हित में भी महत्वपूर्ण है। युवाओं को विशेष रूप से नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि जीवन के शुरुआती वर्षों में विकसित आदतें आगे चलकर स्वास्थ्य और व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रशासन मिलकर नशामुक्ति के संदेश को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की अपील की गई। नशामुक्ति का संदेश केवल किसी पदार्थ के सेवन से बचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जरूरत पड़ने पर सहायता लेने, परिवार के सदस्यों का सहयोग करने और नशे से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का महत्व भी शामिल है। किसी व्यक्ति को नशे की समस्या होने पर उसका उपहास करने या उसे समाज से अलग करने के बजाय उचित चिकित्सकीय और परामर्श सहायता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम लोगों को यह समझाने में सहायक हो सकते हैं कि नशे से दूरी बनाए रखना स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अनुशासन बनाए रखना तथा दूसरों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। नशे की स्थिति में वाहन चलाना स्वयं चालक और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए नशामुक्ति के संदेश को यातायात सुरक्षा से जोड़कर देखना भी आवश्यक है। लक्ष्य गरबा महोत्सव में दिए गए संदेश ने श्रद्धालुओं को स्वस्थ जीवनशैली, आत्मसंयम और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। इस पहल के माध्यम से यह विचार सामने आया कि धार्मिक उत्सव का आनंद तभी सार्थक है, जब उसमें सुरक्षा, संयम और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना भी बनी रहे। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए और परिवार तथा समुदाय में जागरूकता को प्रोत्साहित करना चाहिए।
यातायात नियमों के पालन को लेकर भी महोत्सव में उपस्थित श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सड़क सुरक्षा आज के समय में अत्यंत आवश्यक विषय है, क्योंकि यातायात नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, यातायात संकेतों का सम्मान तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना सुरक्षित यात्रा के बुनियादी नियम हैं। दोपहिया वाहन चालकों को उचित हेलमेट पहनना चाहिए और चारपहिया वाहन में यात्रा करने वालों को सीट बेल्ट का उपयोग करना चाहिए। वाहन चलाते समय नशे से पूरी तरह दूर रहना भी आवश्यक है। सड़क पर पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा का ध्यान रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यातायात नियम केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं बनाए गए हैं, बल्कि वे सड़क पर सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। सुश्री जया सोनी द्वारा मंच से साझा की गई जागरूकता जानकारी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। गरबा महोत्सव जैसे बड़े आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे समय में वाहन निर्धारित स्थान पर खड़े करना, प्रवेश और निकास मार्गों का ध्यान रखना तथा यातायात व्यवस्था में सहयोग करना महत्वपूर्ण होता है। आयोजन में शामिल लोगों को चाहिए कि वे जल्दबाजी से बचें, यातायात संकेतों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मियों तथा आयोजन प्रबंधन के निर्देशों का सहयोग करें। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उन्हें अपने साथ रखना चाहिए। वाहन चालकों को पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त स्थान देना चाहिए तथा आपातकालीन वाहनों के रास्ते में बाधा नहीं डालनी चाहिए। सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने के लिए केवल नियमों की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित पालन करना भी आवश्यक है। परिवार और समाज में जब लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन करते हैं, तो दूसरों के लिए भी सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इस प्रकार महोत्सव में यातायात जागरूकता से जुड़ा संदेश जनहित की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे विषय एक-दूसरे से जुड़े हैं, क्योंकि सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए अनुशासित व्यवहार, जागरूकता और परस्पर सम्मान आवश्यक हैं।
लक्ष्य गरबा महोत्सव 2026 ने भक्ति, शक्ति और आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता को जोड़कर जनहित का संदेश प्रस्तुत किया। 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस पहल में सुश्री प्रियंका डुडवे, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP), महिला सुरक्षा (इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी) के सानिध्य में पुलिस विभाग की सुश्री जया सोनी ने श्रद्धालुओं को मंच से महत्वपूर्ण जानकारी दी। शक्ति मोबाइल अभियान, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों पर केंद्रित इस जागरूकता संदेश से उपस्थित लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाओं का सम्मान, नशे से दूरी और यातायात नियमों का पालन सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं तक जानकारी पहुंचने से सामाजिक जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित हुआ। आयोजक गौरव शर्मा एवं लक्ष्य गरबा महोत्सव परिवार ने पुलिस विभाग की इस जनहितकारी पहल के लिए हार्दिक आभार और अभिनंदन व्यक्त किया। उन्होंने इस प्रकार के जागरूकता प्रयासों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए भक्ति और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ जनकल्याण के विषयों को जोड़ने की भावना को महत्व दिया। गौरव शर्मा सोशल एक्टिविस्ट, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स-यूके से संबंधित रिकॉर्ड धारक, पंजीकृत फार्मासिस्ट तथा राऊ, इंदौर स्थित कुसुमश्री मेडीकोज से जुड़े हैं। लक्ष्य गरबा महोत्सव का यह संदेश है कि धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी बन सकते हैं। जब पुलिस प्रशासन, आयोजक, सामाजिक संगठन और नागरिक एक साथ मिलकर जागरूकता के प्रयास करते हैं, तो महत्वपूर्ण जानकारी अधिक लोगों तक पहुंच सकती है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिला सुरक्षा, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर संवाद को प्रोत्साहित किया जा सकता है। शक्ति, भक्ति और आस्था के साथ नारी सम्मान, नशामुक्त समाज और सुरक्षित यातायात का संकल्प ही इस जनजागरूकता पहल का प्रमुख संदेश रहा।