
विजयादशमी पर सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा का संकल्प दोहराया, सभी के सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की
रीवा, मध्य प्रदेश। विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा पुलिस लाइन में विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सत्य, न्याय एवं धर्म की रक्षा के संकल्प को दोहराते हुए सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। दशहरा भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति, साहस, सुरक्षा और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान को दर्शाती है। रीवा पुलिस लाइन में आयोजित इस पूजन के माध्यम से विजयादशमी की पारंपरिक मान्यताओं का निर्वहन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस पावन अवसर पर सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने तथा धर्म एवं सदाचार के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। विजयादशमी का पर्व प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने, सकारात्मक विचार अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। यह अवसर हमें याद दिलाता है कि शक्ति का वास्तविक महत्व उसके सदुपयोग और जनकल्याण में निहित है। सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा का संकल्प केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जीवन में भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहने की मंगलकामना की।
विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। भारतीय संस्कृति में शस्त्र शक्ति, पराक्रम और सुरक्षा के प्रतीक रहे हैं। परंपरागत रूप से इस दिन शस्त्रों की पूजा कर शक्ति के सदुपयोग, कर्तव्यपालन और अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने के संकल्प को महत्व दिया जाता है। पुलिस विभाग के संदर्भ में यह परंपरा कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा करने और समाज में शांति कायम रखने की जिम्मेदारी की याद दिलाती है। पुलिस बल का कार्य केवल अपराधों पर नियंत्रण रखना नहीं, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखना और कानून के प्रति सम्मान को मजबूत करना भी है। ऐसे में शस्त्र पूजन की परंपरा अनुशासन, जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना से जुड़ती है। रीवा पुलिस लाइन में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया जाना विजयादशमी की इसी सांस्कृतिक परंपरा को रेखांकित करता है। इस पर्व का संदेश है कि शक्ति का उपयोग सदैव न्याय, सुरक्षा और जनहित के लिए होना चाहिए। कानून के दायरे में रहकर नागरिकों की रक्षा करना और समाज में शांति बनाए रखना प्रशासन तथा पुलिस व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विजयादशमी के अवसर पर ऐसे मूल्यों का स्मरण सार्वजनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा और नैतिकता को प्रोत्साहित करता है। साथ ही यह पर्व नागरिकों को भी प्रेरित करता है कि वे कानून का पालन करें, सामाजिक सद्भाव बनाए रखें और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं।
दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति से जुड़ा हुआ है। यह पर्व सत्य, मर्यादा, धैर्य और धर्मनिष्ठा की महत्ता को सामने लाता है। भगवान श्रीराम का जीवन कर्तव्यपालन, त्याग, संयम और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरणा देता है। वहीं रावण के अंत का प्रसंग यह संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, उनका अंत निश्चित है। विजयादशमी का वास्तविक संदेश अपने जीवन में भी इन मूल्यों को अपनाना है। व्यक्ति को अपने व्यवहार में ईमानदारी, विनम्रता और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए तथा दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस पावन अवसर पर सत्य, न्याय एवं धर्म की रक्षा के संकल्प को दोहराकर पर्व की मूल भावना को रेखांकित किया। आज के समय में सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और नैतिक मूल्यों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है कि लोग मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करें और जनहित के कार्यों में सहयोग दें। विजयादशमी जैसे पर्व परिवारों और समुदायों को एक साथ आने तथा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को सत्य, न्याय और कर्तव्य के महत्व से परिचित कराया जा सकता है। इस पर्व पर प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने जीवन में बुराइयों से दूर रहेगा, जरूरतमंदों की सहायता करेगा और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास करेगा।
रीवा क्षेत्र में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ मनाया जाता है। ऐसे अवसरों पर पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक गतिविधियां लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ती हैं। शस्त्र पूजन का आयोजन भी इसी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा रीवा पुलिस लाइन में विधि-विधान से शस्त्र पूजन किए जाने के अवसर पर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई। इस संदेश का व्यापक अर्थ यह है कि समाज में शांति, सुरक्षा और सद्भाव बना रहे तथा प्रत्येक परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत करे। किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए सामाजिक सहयोग, कानून-व्यवस्था और नागरिकों के बीच विश्वास आवश्यक होता है। प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्तव्यों का निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। वहीं नागरिकों का दायित्व है कि वे नियमों का पालन करें और समाज में शांति बनाए रखने में सहयोग दें। त्योहारों के दौरान विशेष रूप से अनुशासन, स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक आयोजनों में सभी के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखना पर्व की गरिमा को और बढ़ाता है। विजयादशमी का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक आचरण से भी जुड़ा हुआ है। सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने वाला समाज ही स्थायी शांति तथा प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसी भावना के साथ यह पर्व लोगों को अपने कर्तव्यों का पालन करने और जनकल्याण के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने विजयादशमी के पावन अवसर पर रीवा पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कर सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के संकल्प को दोहराया। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। विजयादशमी का यह पावन पर्व हमें बुराइयों का त्याग करने, सदाचार अपनाने और समाज में प्रेम, सहयोग तथा भाईचारे की भावना को मजबूत बनाने का संदेश देता है। शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति के सदुपयोग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती है, जबकि भगवान श्रीराम की विजय का प्रसंग सत्य एवं न्याय के महत्व को उजागर करता है। इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में ईमानदारी, मर्यादा और सकारात्मक सोच को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
विजयादशमी की मंगलकामना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा समाज सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।