
मुलाकात कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और रसोई का लिया जायजा, बंदियों से संवाद कर प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की

मैहर। मैहर उपजेल का गुरुवार को न्यायालय के न्यायाधीशों की टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल में उपलब्ध व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और बंदियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। न्यायाधीशों ने उपजेल के विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण दल में एडीजे प्रहलाद सिंह केमथिया, आदेश कुमार जैन, सुभाष सुनहरे तथा जेएमएफसी पंकज श्रीवास्तव और उदयजीत कुँवर राव शामिल रहे। टीम ने मुलाकात कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और रसोई का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल परिसर की स्वच्छता और बंदियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया गया।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने मुलाकात कक्ष की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। यह कक्ष बंदियों और उनसे मिलने आने वाले परिजनों के बीच निर्धारित नियमों के अनुसार मुलाकात की व्यवस्था से जुड़ा होता है। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। न्यायिक प्रक्रिया में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई और संबंधित कार्यवाही की सुविधा महत्वपूर्ण होती है। निरीक्षण दल ने इस कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर जेल में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान इन कक्षों में किसी विशेष कमी या तकनीकी समस्या के सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
न्यायाधीशों की टीम ने उपजेल की रसोई का भी निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जेल में बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था बंदियों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया। जेल परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना तथा बंदियों की दैनिक आवश्यकताओं का उचित प्रबंध करना भी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने बंदियों से संवाद कर उनके प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बंदियों से बातचीत के माध्यम से उनके मामलों की स्थिति और उनसे जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेने का अवसर मिला। न्यायिक निरीक्षण के दौरान बंदियों की बात सुनना और उनकी स्थिति को समझना महत्वपूर्ण होता है। प्रत्येक बंदी को कानून के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष बंदी के मामले, शिकायत या न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लेख नहीं है।
मैहर उपजेल का यह आकस्मिक निरीक्षण जेल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और बंदियों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण दल में एडीजे प्रहलाद सिंह केमथिया, आदेश कुमार जैन, सुभाष सुनहरे तथा जेएमएफसी पंकज श्रीवास्तव और उदयजीत कुँवर राव शामिल रहे। टीम ने मुलाकात कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और रसोई का अवलोकन किया तथा बंदियों से संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण के संबंध में उपलब्ध विवरण में किसी कार्रवाई, कमी या सुधार के लिए दिए गए विशेष निर्देशों की जानकारी नहीं दी गई है।








