
भोपाल/सिंगरौली। मध्यप्रदेश शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह का 12 एवं 13 जून 2026 को सिंगरौली जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का व्यापक दौरा प्रस्तावित है। दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण प्रवास के दौरान मंत्री ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन करेंगी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगी, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शुभारंभ करेंगी तथा ग्रामीण जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी देंगी।
राज्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पंचायतों को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, सड़क, बिजली, जल एवं सामुदायिक संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। यही कारण है कि इस दौरे को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानकर ग्रामीण विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
12 जून को प्रातः 10 बजे चितरंगी से प्रस्थान के साथ दौरे की शुरुआत होगी। इसके बाद राज्यमंत्री ग्राम पंचायत देवरा पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से मुलाकात करेंगी। यहां वे श्री अमित सिंह के पुत्र के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करेंगी। राजनीतिक और प्रशासनिक दायित्वों के बीच जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने की यह परंपरा भारतीय लोकतंत्र की संवेदनशीलता को दर्शाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की ऐसी उपस्थिति लोगों के बीच विश्वास और आत्मीयता को मजबूत करती है।
देवरा से प्रस्थान के बाद मंत्री ग्राम शिल्पी होते हुए बरवाडीह पहुंचेंगी, जहां सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया जाएगा। सामुदायिक भवन ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। गांवों में विवाह, सामाजिक बैठकें, महिला समूहों की गतिविधियां और विभिन्न सरकारी कार्यक्रम ऐसे भवनों के माध्यम से संचालित किए जाते हैं। बरवाडीह में सामुदायिक भवन का लोकार्पण ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
दोपहर बाद मंत्री ग्राम पंचायत नौडिहवा पहुंचकर मंडल अध्यक्ष श्री गंगा सागर के निवास पर कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों से मुलाकात करेंगी। भाजपा संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की दृष्टि से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें क्षेत्रीय विकास, संगठनात्मक गतिविधियों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
नौडिहवा से प्रस्थान कर मंत्री गुर्जरहट घाट के रास्ते ग्राम पंचायत फूटहड़वा पहुंचेंगी, जहां श्री गुलाब सिंह के निवास पर कार्यकर्ताओं से भेंट का कार्यक्रम निर्धारित है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है। इन बैठकों के माध्यम से क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचती है और समाधान की दिशा में कार्य होता है।
दोपहर 3:30 बजे ग्राम पंचायत नेकहवा में स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता के बाद मंत्री पुनः विभिन्न गांवों का दौरा करेंगी। इसके बाद वे ग्राम पंचायत रही पहुंचकर श्री लाल बहादुर सिंह के निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। ग्रामीण राजनीति और सामाजिक संरचना में ऐसे संवाद कार्यक्रमों का विशेष महत्व होता है क्योंकि इससे जनता और शासन के बीच की दूरी कम होती है।
सायंकाल 6 बजे मंत्री ग्राम पंचायत कुलकवार पहुंचेंगी, जहां श्री देवेंद्र सिंह के निवास पर कार्यकर्ताओं से चर्चा का कार्यक्रम रहेगा। इसके बाद वे बगदरा पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगी। पूरे दिन के दौरान विभिन्न पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों से स्पष्ट है कि मंत्री का ध्यान केवल विकास कार्यों के लोकार्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे क्षेत्रीय नेतृत्व, संगठन और आम नागरिकों के साथ संवाद को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
दौरे का दूसरा दिन यानी 13 जून भी विकास और जनसंपर्क गतिविधियों से भरपूर रहेगा। सुबह बगदरा से प्रस्थान कर मंत्री ग्राम पंचायत बौढ़ी के ग्राम अहिरगुड़ा पहुंचेंगी, जहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वे ग्राम पंचायत लोहदा के ग्राम बरा में मंडल उपाध्यक्ष श्री राकेश कुमार जायसवाल के निवास पर आयोजित बैठक में शामिल होंगी। यह बैठक स्थानीय संगठन और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।
दोपहर एक बजे मंत्री चितरंगी पहुंचेंगी, जहां विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वे सिरगुड़ी के लिए रवाना होंगी। सिरगुड़ी में दोपहर 3:30 बजे 31/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का शुभारंभ किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरे दौरे का सबसे महत्वपूर्ण विकासात्मक आयोजन माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना का विस्तार आर्थिक विकास की आधारशिला है। नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना से न केवल बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि कृषि, लघु उद्योग, शिक्षा और घरेलू उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या, बार-बार बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को दूर करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विद्युत उपकेंद्र शुरू होने से आसपास के कई गांवों को बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी। किसानों को सिंचाई कार्यों में सुविधा होगी, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को ऊर्जा उपलब्ध होगी तथा विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण प्राप्त होगा। आधुनिक ग्रामीण विकास में बिजली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और सरकार लगातार इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है।
सिरगुड़ी से प्रस्थान के बाद मंत्री ग्राम पंचायत चकरिया पहुंचेंगी, जहां विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह कार्य रेलवे लाइन के पार स्थित टोले में किया गया है, जहां लंबे समय से विद्युत सुविधा की मांग की जा रही थी। विद्युतीकरण केवल सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम भी माना जाता है। बिजली पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि राज्यमंत्री राधा सिंह का यह दौरा केवल विकास कार्यों के निरीक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्रामीण समाज की अपेक्षाओं और जरूरतों को समझने का भी प्रयास है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी चुनौतियां आज भी मौजूद हैं। ऐसे में मंत्री स्तर के दौरे स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय बनाते हैं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलती है।
दौरे के दौरान मंत्री विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से भी मुलाकात कर सकती हैं। पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक माना जाता है। सरकार की कई योजनाएं पंचायतों के माध्यम से ही संचालित होती हैं, इसलिए पंचायत स्तर पर संवाद और निगरानी का विशेष महत्व है।
ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का कहना है कि सामुदायिक भवन, विद्युत उपकेंद्र और विद्युतीकरण जैसे कार्य केवल निर्माण परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने वाले महत्वपूर्ण कदम हैं। ऐसे विकास कार्य सामाजिक समरसता, आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा देते हैं।
सिंगरौली जिला लंबे समय से ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचाना जाता रहा है, लेकिन जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जाती है। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार किए जा रहे निवेश और विकास कार्यों से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। राज्यमंत्री का यह दौरा भी इसी विकास यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है।
दो दिनों के इस व्यापक कार्यक्रम में शोक संवेदना, जनसंपर्क, संगठनात्मक बैठकें, सामुदायिक भवन का लोकार्पण, विद्युत उपकेंद्र का शुभारंभ और विद्युतीकरण कार्यों का उद्घाटन शामिल है। इससे स्पष्ट है कि सरकार विकास, संवेदनशीलता और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
ग्रामीण जनता की अपेक्षा है कि इस दौरे के दौरान उनकी समस्याओं और मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए यह दौरा जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रगति का आकलन करने और भविष्य की विकास योजनाओं की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर भी साबित हो सकता है।
राज्यमंत्री राधा सिंह का यह दो दिवसीय प्रवास ग्रामीण विकास, जनसंपर्क और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।









