
रायपुर/कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आज कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बाबा भोरमदेव मंदिर में आराध्य देव के पावन दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन करेंगे। इसके बाद वे राजधानी रायपुर में आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 तथा ‘पत्रिका जज्बा’ पुलिस अवॉर्ड-2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को प्रदेश की सांस्कृतिक आस्था, खेल विकास और जनसुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बाबा भोरमदेव के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा और वे प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं राज्य की अमूल्य धरोहर हैं तथा सरकार इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कबीरधाम जिले में स्थित बाबा भोरमदेव मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। अपनी अद्भुत स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह मंदिर देश-विदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। वर्षभर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा भी धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार मंदिर में दर्शन एवं पूजन के उपरांत वे रायपुर पहुंचकर स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 में भाग लेंगे। इस कॉन्क्लेव में प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की भागीदारी को मजबूत करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में खेल विशेषज्ञ, प्रशिक्षक, खिलाड़ी, खेल संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं बल्कि स्वस्थ समाज, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और युवाओं के व्यक्तित्व विकास का प्रभावी साधन है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार, स्टेडियमों के विकास, प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी समान अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें।
स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 में खेल नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नई तकनीकों के उपयोग, खेल विज्ञान, फिटनेस, खेल शिक्षा तथा खिलाड़ियों के समग्र विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन सरकार, खेल संस्थानों और खिलाड़ियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ‘पत्रिका जज्बा’ पुलिस अवॉर्ड-2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, सामुदायिक पुलिसिंग, यातायात प्रबंधन, नशा उन्मूलन अभियान तथा जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं जवानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पुलिस प्रशासन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय के साथ साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल लगातार आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है। राज्य सरकार पुलिस बल को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सुशासन सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, खेल प्रतिभाओं के संवर्धन तथा जनसुरक्षा के लिए समर्पित पुलिस बल के सम्मान और सशक्तीकरण के माध्यम से राज्य की प्रगति को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक स्वरूप तभी संभव है जब समाज की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण, पर्यटन विकास, खेलों के विस्तार और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित प्रगति सुनिश्चित हो और समाज के सभी वर्गों को उसका लाभ मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आस्था, खेल और सुरक्षा जैसे तीनों क्षेत्रों को एक साथ प्राथमिकता देने से सामाजिक विकास को व्यापक आधार मिलता है। धार्मिक पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देता है, खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था निवेश, विकास तथा सामाजिक विश्वास को मजबूत बनाती है। इसी कारण राज्य सरकार इन क्षेत्रों को समान महत्व देते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है।
बाबा भोरमदेव मंदिर में मुख्यमंत्री का दर्शन-पूजन, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 में उनकी सहभागिता तथा ‘पत्रिका जज्बा’ पुलिस अवॉर्ड-2026 कार्यक्रम में उत्कृष्ट पुलिस कर्मियों का सम्मान—इन तीनों आयोजनों को प्रदेश के समग्र विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक विरासत के संरक्षण, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और जनसुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का यह कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कृति, खेल और सुरक्षा के संतुलित समन्वय से ही समावेशी एवं स्थायी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
मुख्यमंत्री के इस व्यस्त कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न आयोजनों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, खेल जगत के प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है। राज्य सरकार को विश्वास है कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सकारात्मक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेंगे तथा विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।









