
रायपुर। मुख्यमंत्री ने अपने नियमित जनसंपर्क एवं जनसेवा अभियान के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर यथाशीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल मंत्र “सेवा ही संकल्प” है और सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन केवल शिकायत सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त मंच है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी बात सीधे शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक तथा सार्वजनिक समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी आवेदकों से आत्मीयता के साथ चर्चा की तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा उसके निराकरण की जानकारी संबंधित आवेदक को भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी जब नागरिकों को उनकी समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सुशासन की अवधारणा को सशक्त बनाने के लिए शासन स्तर पर ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, जिनसे आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन की जनकल्याणकारी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि विभिन्न विभागों के कार्यों की वास्तविक स्थिति का भी प्रत्यक्ष आकलन होता है। कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त सुझावों और शिकायतों के आधार पर शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा जरूरतमंद परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक कठिनाइयों को दूर करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में समन्वय बनाकर कार्य करें तथा प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
जनदर्शन में आए नागरिकों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और शासन की इस पहल की सराहना की। अनेक लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए जाने पर संतोष व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि शासन की प्रत्येक योजना और सेवा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है और इसी उद्देश्य के साथ सरकार निरंतर जनसेवा, पारदर्शिता तथा उत्तरदायी प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।









