
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री ने आज जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान बवाना विधानसभा क्षेत्र से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर नागरिकों ने अपनी स्थानीय समस्याओं, विकास संबंधी आवश्यकताओं तथा सार्वजनिक हित के विषयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान बवाना विधानसभा क्षेत्र से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को स्वर्गीय मास्टर धनीराम सहारावत की पुण्य स्मृति में आयोजित देशोरी कारज (धर्म यज्ञ) का आमंत्रण पत्र भी भेंट किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए स्वर्गीय मास्टर धनीराम सहारावत के समाज के प्रति योगदान को स्मरण किया तथा उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि समाजहित में कार्य करने वाले व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा के स्रोत बने रहते हैं और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से संवाद के दौरान कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जन सेवा सदन का उद्देश्य नागरिकों और सरकार के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं को बिना अनावश्यक विलंब के संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका शीघ्र निराकरण कराया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से पेयजल, सड़क, स्वच्छता, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुशासन की मूल भावना है और सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और प्रत्यक्ष संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों से सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी मिलती है, जिससे नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिकों की दैनिक समस्याओं के समाधान को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के सभी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, जनसेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने तथा नागरिकों को बेहतर प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने और शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी नागरिकों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता दिखाने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
जन सेवा सदन में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम सरकार की जनोन्मुखी कार्यशैली और उत्तरदायी प्रशासन की प्रतिबद्धता का उदाहरण माना जा रहा है। प्रत्यक्ष संवाद, त्वरित निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।









