
भोपाल। भोपाल प्रवास के दौरान मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (एमपीआरडीसी) के प्रबंध निदेशक श्री भरत यादव से एमपीआरडीसी भवन में शिष्टाचार भेंट कर बालाघाट–लालबर्रा–सिवनी को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे-72 की जर्जर एवं क्षतिग्रस्त स्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधि ने सड़क की वर्तमान स्थिति से उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए इसके शीघ्र मरम्मतीकरण एवं आवश्यक सुधार कार्य कराए जाने का आग्रह किया। साथ ही इस संबंध में एक औपचारिक पत्र भी प्रबंध निदेशक को सौंपा गया।
बैठक के दौरान बताया गया कि स्टेट हाईवे-72 बालाघाट, लालबर्रा और सिवनी क्षेत्र को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, जिनमें किसान, विद्यार्थी, व्यापारी, कर्मचारी, मरीज तथा अन्य आम नागरिक शामिल हैं। लंबे समय से सड़क के अनेक हिस्से क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधि ने कहा कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर सतह और जगह-जगह क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वर्षा ऋतु में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई स्थानों पर जलभराव होने से वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन में कठिनाई होती है तथा यात्रा में अपेक्षा से अधिक समय लगता है।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। बालाघाट और सिवनी जिलों के बीच व्यापार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का बड़ा माध्यम यही राजमार्ग है। सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर क्षेत्र के विकास और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
बैठक में विशेष रूप से किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाई जाती है। सड़क खराब होने से परिवहन लागत बढ़ती है, कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाते और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कृषि यंत्र, उर्वरक और बीज जैसे आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
विद्यार्थियों की कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें यात्रा में अतिरिक्त समय लगता है और कई बार परिवहन सेवाएं भी बाधित होती हैं। इससे उनकी पढ़ाई और नियमित उपस्थिति प्रभावित होती है।
बैठक में यह भी कहा गया कि मरीजों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। गंभीर स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंसों को भी क्षतिग्रस्त सड़क के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बेहतर सड़क व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में भी सुधार होगा।

व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख करते हुए बताया गया कि क्षेत्र के छोटे और मध्यम व्यापारी प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण माल परिवहन में विलंब, वाहन रखरखाव पर अतिरिक्त व्यय तथा व्यापारिक गतिविधियों की लागत बढ़ रही है। समय पर माल की आपूर्ति नहीं होने से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
जनप्रतिनिधि ने एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक श्री भरत यादव को सौंपे गए पत्र में अनुरोध किया कि स्टेट हाईवे-72 की तत्काल तकनीकी जांच कर क्षतिग्रस्त हिस्सों का मरम्मतीकरण कराया जाए। साथ ही जहां आवश्यक हो वहां सड़क का सुदृढ़ीकरण, डामरीकरण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय भी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का उन्नयन किया जा रहा है। ऐसे में स्टेट हाईवे-72 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग को भी प्राथमिकता के आधार पर सुधारना आवश्यक है, ताकि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
बैठक में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधि ने कहा कि सड़क की मरम्मत के साथ आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर, सड़क चिह्नांकन तथा अन्य सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा का वातावरण मिलेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमपीआरडीसी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेगा तथा शीघ्र आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य प्रारंभ करने की दिशा में कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति में सुधार होने से क्षेत्र के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। जनप्रतिनिधि ने कहा कि जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों को प्राथमिकता के साथ संबंधित विभागों के समक्ष लगातार उठाया जाता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्टेट हाईवे-72 के मरम्मतीकरण और उन्नयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी, जिससे बालाघाट, लालबर्रा और सिवनी क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सड़क परिवहन उपलब्ध हो सकेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा मिलेगी।








