
नई दिल्ली। संसद भवन, नई दिल्ली में आज अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति (2025-26) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व, रोजगार के अवसरों तथा उनके समग्र कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक में विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से संबंधित अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व की वर्तमान स्थिति, नियुक्तियों में आरक्षण संबंधी प्रावधानों के पालन, रोजगार के अवसरों की उपलब्धता तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
समिति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सामाजिक न्याय और समान अवसर केवल संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि समावेशी विकास की आधारशिला भी हैं। बैठक में इस दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई तथा विभिन्न सुझावों पर भी विचार किया गया, ताकि ओबीसी वर्ग के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया कि पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर समान रूप से उपलब्ध हों और आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए।
समिति ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ओबीसी युवाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर भी चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा यदि कहीं व्यावहारिक कठिनाइयाँ हैं तो उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराएँ।
बैठक के उपरांत कहा गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़ा वर्ग समाज के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्य पिछड़े वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सार्थक प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि समिति समय-समय पर विभिन्न संस्थानों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करेगी कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और सामाजिक न्याय के उद्देश्य को और अधिक मजबूती मिले।
बैठक को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। समिति ने स्पष्ट किया कि ओबीसी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आवश्यक सभी पहलुओं पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने के प्रयास जारी रहेंगे।
नई दिल्ली। संसद भवन, नई दिल्ली में आज अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति (2025-26) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व, रोजगार के अवसरों तथा उनके समग्र कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक में विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से संबंधित अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व की वर्तमान स्थिति, नियुक्तियों में आरक्षण संबंधी प्रावधानों के पालन, रोजगार के अवसरों की उपलब्धता तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
समिति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सामाजिक न्याय और समान अवसर केवल संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि समावेशी विकास की आधारशिला भी हैं। बैठक में इस दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई तथा विभिन्न सुझावों पर भी विचार किया गया, ताकि ओबीसी वर्ग के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया कि पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर समान रूप से उपलब्ध हों और आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए।
समिति ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ओबीसी युवाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर भी चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा यदि कहीं व्यावहारिक कठिनाइयाँ हैं तो उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराएँ।
बैठक के उपरांत कहा गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़ा वर्ग समाज के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्य पिछड़े वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सार्थक प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि समिति समय-समय पर विभिन्न संस्थानों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करेगी कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और सामाजिक न्याय के उद्देश्य को और अधिक मजबूती मिले।
बैठक को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। समिति ने स्पष्ट किया कि ओबीसी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आवश्यक सभी पहलुओं पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने के प्रयास जारी रहेंगे।









