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HQ Report
रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में स्नेह, विश्वास और आत्मीयता से भरा वातावरण देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनाओं को अभिव्यक्त किया और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस आत्मीय मिलन के दौरान पारंपरिक उत्सव की खुशियां नजर आईं। बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और प्रदेश की निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी बहनों के स्नेह को अपने लिए अनमोल बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने वाला पवित्र अवसर है। उन्होंने प्रदेश की बहनों और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान तथा आर्थिक सशक्तिकरण को सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया। बहनों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों, अपेक्षाओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की चर्चा भी की। इस अवसर ने शासन और समाज के बीच आत्मीय संवाद की भावना को मजबूत किया। रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री निवास में बहनों द्वारा राखी बांधने का दृश्य भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संदेश से भी जुड़ा नजर आया।
बहनों का स्नेह अनमोल, सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन के अवसर पर कहा कि प्रदेश की बहनों का स्नेह उनके लिए अनमोल है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सुशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों द्वारा मुख्यमंत्री को राखी बांधना केवल पारंपरिक रस्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस अवसर पर महिलाओं के अधिकार, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने से परिवार और समाज दोनों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आता है। जब महिला के पास आय का अपना साधन होता है तो वह परिवार के निर्णयों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाती है और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा करने में योगदान देती है। इसी उद्देश्य से महिलाओं को विभिन्न योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर सरकार द्वारा जोर दिया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में पहुंचीं बहनों ने अपने स्नेह से वातावरण को भावुक और उल्लासपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार बनें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल: मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता मिल रही है। नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के लिए घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने और आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्षम बनने का माध्यम बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन में स्थिरता एवं आत्मविश्वास बढ़ाना है। महिलाओं के खाते में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से उन्हें अपने स्तर पर खर्च और बचत की प्राथमिकताएं तय करने का अवसर मिलता है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में इस प्रकार की सहायता विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ प्रदेश में महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं और स्थानीय स्तर पर आय के अवसर विकसित कर रही हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ परिवार की सामाजिक स्थिति को भी बेहतर बना सकती है। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के जीवन को सुरक्षित, सम्मानजनक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न पहलों को इसी व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।









