Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

सेवा संकल्प अभियान को प्रभावी बनाने मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अधिकारियों के साथ की बैठक, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ

Author Image
Written by
HQ Report
डिंडौरी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने रविवार को डिंडौरी सर्किट हाउस में सेवा संकल्प अभियान-2026 की तैयारियों और जिले में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अभियान के उद्देश्य, एक माह तक चलने वाली विभिन्न गतिविधियों, जनभागीदारी तथा शासन की योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्रीमती उइके ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा संकल्प अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा लाभ आम नागरिकों और जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब पात्र व्यक्ति तक योजना की जानकारी पहुंचे, वह आवेदन की प्रक्रिया समझ सके और उसे समय पर योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों से ग्राम, वार्ड, विकासखंड और जिला स्तर पर गतिविधियों की स्पष्ट एवं सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार करने तथा आपसी समन्वय के साथ अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाने को कहा गया।
मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने बैठक में बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक माह चलेगा। अभियान का मूल उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना तथा ऐसे हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना है, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से अब तक लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार जानकारी के अभाव, आवेदन प्रक्रिया की समझ नहीं होने, दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे लोगों तक प्रशासन और संबंधित विभागों की पहुंच सुनिश्चित करना अभियान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी लेकर क्षेत्र में जाएं और पात्र लोगों की पहचान करते हुए उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को गति दें। अभियान को जनसेवा, जनभागीदारी और योजनाओं के वास्तविक लाभ से जोड़कर संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के दौरान सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि नागरिकों को अलग-अलग योजनाओं के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक स्थान पर आवश्यक जानकारी, मार्गदर्शन तथा संबंधित सेवाओं तक पहुंच मिल सके। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सेवा सेतु जैसी गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए और इसमें विभागवार जिम्मेदारियां स्पष्ट हों। नागरिकों को यह बताया जाए कि वे किस योजना के लिए पात्र हैं, आवेदन कैसे किया जा सकता है और योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किन आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली में सरलता और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने से योजनाओं का प्रभाव और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।
अभियान की एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि ‘सेवा की कहानी’ अथवा ‘सेवा गाथा’ होगी। इसके माध्यम से उन नागरिकों की सफलता की कहानियों को सामने लाया जाएगा, जिन्हें केंद्र या राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है और जिनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि योजनाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक कहानियां अन्य पात्र नागरिकों के लिए प्रेरणा का काम कर सकती हैं। यदि किसी परिवार को आवास योजना से लाभ मिला, किसी महिला को स्व-सहायता समूह अथवा अन्य योजना के माध्यम से आर्थिक गतिविधि से जुड़ने का अवसर मिला, किसी किसान को कृषि संबंधी योजना का लाभ मिला या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा की योजना से सहायता मिली, तो ऐसी उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाया जाना चाहिए। इससे लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूकता मिलेगी और पात्र नागरिक आगे आकर अपने अधिकारों तथा उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित होंगे।
मंत्री ने ‘सेवा मेरा योगदान’ गतिविधि के माध्यम से आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और अभियानों को सफल बनाने में केवल सरकारी तंत्र की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय सहभागिता भी जरूरी है। सेवा का भाव जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत होता है और जब नागरिक स्वयं अभियान से जुड़ते हैं तो उसका प्रभाव व्यापक हो जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों तथा अन्य नागरिक समूहों को अभियान से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। इसका उद्देश्य किसी एक वर्ग तक अभियान को सीमित रखना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर जनसेवा की भावना को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर छोटा-सा योगदान देकर भी समाज और राष्ट्र के विकास में भूमिका निभा सकता है।
बैठक में अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा की कहानी/सेवा गाथा’, ‘बच्चों के सपनों का भारत’, ‘आंगनबाड़ी उत्सव’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘विकसित भारत संकल्प’ सहित अन्य जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम शामिल हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गतिविधि के लिए पहले से कार्ययोजना तैयार की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट हो। केवल कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय यह देखा जाए कि उससे आम नागरिकों को क्या जानकारी मिली, कितने पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया और जनभागीदारी किस स्तर तक बढ़ी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक गतिविधि को स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी बनाया जाए, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक भी इससे समान रूप से जुड़ सकें।
‘आशीर्वाद का दीया’ जैसी गतिविधियों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए मंत्री ने कहा कि अभियान में सामाजिक जुड़ाव और सेवा की भावना को प्रमुखता दी जानी चाहिए। इसी तरह ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के माध्यम से सेवा और जनकल्याण का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। ‘आंगनबाड़ी उत्सव’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों और परिवारों के साथ जनभागीदारी बढ़ाने की संभावनाएं हैं, जबकि ‘बच्चों के सपनों का भारत’ गतिविधि बच्चों की कल्पनाओं और भविष्य के भारत के प्रति उनकी सोच को सामने लाने का माध्यम बनेगी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन गतिविधियों को केवल आयोजन की दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि प्रत्येक कार्यक्रम में नागरिकों को जोड़ने और सकारात्मक सामाजिक संदेश देने की कोशिश की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी अभियान की व्यापकता को और मजबूत कर सकती है।
मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने बैठक में स्पष्ट किया कि सेवा संकल्प अभियान का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पात्र व्यक्ति को उसके अधिकार और योजना का लाभ दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में ऐसे हितग्राहियों की पहचान करें, जो शासन की योजनाओं के लिए पात्र हैं लेकिन अभी तक लाभ प्राप्त नहीं कर सके हैं। इसके लिए मैदानी स्तर पर जानकारी एकत्र करने, नागरिकों से संवाद करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले कई नागरिकों को योजनाओं की जानकारी सीमित रूप से मिल पाती है, इसलिए प्रशासन को स्वयं उनके बीच जाकर जानकारी देने की जरूरत है। अभियान के दौरान योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को आवश्यक मार्गदर्शन देने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की सूक्ष्म कार्ययोजना ग्राम, वार्ड, विकासखंड और जिला स्तर पर तैयार की जाए। प्रत्येक स्तर पर कौन-सी गतिविधि कब और किस स्थान पर होगी, उसमें कौन-कौन से विभाग शामिल होंगे तथा नागरिकों को किस प्रकार जोड़ा जाएगा, इसका स्पष्ट निर्धारण किया जाए। मंत्री ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। यदि किसी हितग्राही को एक योजना का लाभ दिलाने के लिए दूसरे विभाग की जानकारी या सहयोग की आवश्यकता है, तो संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि अभियान के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को केवल दर्ज करके न छोड़ा जाए, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस प्रकार अभियान को एक सतत जनसेवा गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बैठक में कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने कहा कि अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए मैदानी अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर योजनाओं की जानकारी दें और पात्र हितग्राहियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता का आकलन केवल कार्यक्रमों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि कितने पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी मिली और कितने जरूरतमंद हितग्राहियों को वास्तविक लाभ प्राप्त हुआ।
कलेक्टर ने कहा कि डिंडौरी जैसे जिले में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच को मजबूत करना आवश्यक है। सेवा संकल्प अभियान इस दृष्टि से एक अवसर है, जिसके माध्यम से शासन और आमजन के बीच संवाद को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करें। जिन क्षेत्रों में किसी विशेष योजना की जानकारी का अभाव है, वहां संबंधित योजना को प्राथमिकता से प्रचारित किया जाए। पात्र हितग्राहियों को आवेदन, दस्तावेज और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान नागरिकों को यह महसूस होना चाहिए कि शासन की योजनाएं उनके लिए हैं और जरूरत पड़ने पर प्रशासन उनकी सहायता के लिए उपलब्ध है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल सरकारी विभागों का कार्यक्रम न बनाकर संपूर्ण समाज की भागीदारी वाला अभियान बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर के प्रभावशाली सामाजिक समूहों की सहभागिता से अभियान का संदेश अधिक व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है। पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह, महिला समूह, युवा संगठन, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी संभव हो, स्थानीय समुदाय को अभियान की गतिविधियों की योजना और आयोजन में शामिल किया जाए। इससे कार्यक्रमों में स्वाभाविक जनभागीदारी बढ़ेगी और सेवा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत होगा।
अभियान के दौरान ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी स्तर की योजनाओं से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। जब नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हैं और अपने स्तर पर समाज के विकास में योगदान देते हैं, तब विकास की प्रक्रिया अधिक व्यापक होती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकसित भारत के संकल्प को स्थानीय स्तर की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। बच्चों और युवाओं को भविष्य के भारत की कल्पना से जोड़ना तथा उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना भी अभियान की महत्वपूर्ण दिशा हो सकती है।
‘बच्चों के सपनों का भारत’ गतिविधि को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। बच्चों को देश के भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए उनकी कल्पनाओं, अपेक्षाओं और सपनों को सामने लाने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि बच्चों को अपने सपनों का भारत व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए। उनकी कल्पनाओं में शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण, तकनीक, रोजगार, खेल, सामाजिक समानता और विकास जैसे अनेक विषय शामिल हो सकते हैं। इस तरह की गतिविधियां बच्चों को सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता को भी मंच प्रदान कर सकती हैं। अधिकारियों से कहा गया कि स्कूलों और संबंधित संस्थानों के सहयोग से गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए।
इसी तरह ‘आंगनबाड़ी उत्सव’ को लेकर भी अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण और शहरी समुदायों में बच्चों तथा परिवारों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से परिवारों को बच्चों से संबंधित सेवाओं, पोषण, प्रारंभिक देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान की गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाए और कार्यक्रमों को उपयोगी एवं उद्देश्यपरक बनाया जाए। सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए हर गतिविधि को नागरिकों से जोड़ने और उन्हें शासन की सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
बैठक में सेवा गाथा के माध्यम से शासन की योजनाओं से लाभान्वित लोगों की कहानियां सामने लाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि लाभार्थियों के जीवन में आए परिवर्तन से समझी जा सकती है। इसलिए ऐसे हितग्राहियों की वास्तविक कहानियों को सामने लाया जाना चाहिए, जिनके जीवन में सरकारी सहायता से सकारात्मक बदलाव आया है। इससे दूसरे पात्र नागरिकों को भी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी और वे लाभ लेने के लिए प्रेरित होंगे। अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने क्षेत्रों में ऐसे लाभार्थियों की पहचान करें और उनकी सफलता की कहानियों को उचित माध्यम से साझा करें। इससे अभियान को मानवीय और प्रेरणादायक स्वरूप भी मिलेगा।
मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के दौरान जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की प्रक्रिया में नागरिकों को अनावश्यक कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी कारण से योजना का लाभ नहीं ले पा रहा है तो संबंधित अधिकारी समस्या का कारण समझें और नियमानुसार समाधान की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजना की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र व्यक्ति को लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के दौरान सक्रिय मैदानी उपस्थिति रखने और नागरिकों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों से उनके विभागों की भूमिका के संबंध में जानकारी ली गई। मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की अवधि एक माह की है और इस दौरान विभिन्न गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसलिए सभी विभाग पहले से तैयारी कर लें, ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने कार्यक्रमों की तिथियों, स्थानों, विभागीय जिम्मेदारियों और जनभागीदारी की रूपरेखा स्पष्ट रखने पर जोर दिया। अभियान में शामिल प्रत्येक गतिविधि का उद्देश्य अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को स्पष्ट होना चाहिए, ताकि नागरिकों तक सही जानकारी और सही सेवा पहुंचाई जा सके।
डिंडौरी जिले के संदर्भ में सेवा संकल्प अभियान का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नागरिक शासन की योजनाओं और सेवाओं से जुड़े हुए हैं। अभियान के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी को और व्यापक बनाने तथा पात्र लोगों को लाभ दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की भावना को केंद्र में रखकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही जानकारी के अभाव में योजना से वंचित न रहे, इसके लिए विभागों को सक्रिय प्रयास करने होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर संवाद के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम तथा अन्य संबंधित प्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्थानीय स्तर पर योजनाओं की जानकारी और अभियान का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचती है, इसलिए अभियान को सफल बनाने में उनके सहयोग का उपयोग किया जाना चाहिए। सेवा संकल्प अभियान को व्यापक जनसहभागिता का स्वरूप देने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया।
मंत्री श्रीमती उइके ने अधिकारियों से कहा कि अभियान की गतिविधियों को ग्राम से लेकर जिला स्तर तक एक व्यवस्थित श्रृंखला के रूप में संचालित किया जाए। ग्राम स्तर पर नागरिकों से संपर्क, वार्ड स्तर पर जानकारी, विकासखंड स्तर पर समन्वय और जिला स्तर पर निगरानी की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। इससे अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों का प्रभाव दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंच सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अधिक जरूरत है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक नागरिकों को उचित मार्गदर्शन देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लोगों के आवेदन और प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने भी अधिकारियों को अभियान के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अभियान की गतिविधियों की निगरानी करेगा और संबंधित विभागों से नियमित प्रगति की जानकारी ली जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहने और स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं को समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रशासन को जनता के बीच जाकर शासन की सेवाओं को पहुंचाने का अवसर मिलेगा, इसलिए अधिकारी इसे गंभीरता से लें और अभियान के प्रत्येक चरण को प्रभावी बनाने का प्रयास करें।
बैठक में जिला वनमंडल अधिकारी श्री अशोक सोलंकी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अभियान के तहत अपने-अपने विभागों की भूमिका और तैयारियों के संबंध में चर्चा की। मंत्री ने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर उतारें। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की सफलता सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगी और इसमें प्रशासन के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी भी आवश्यक है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ सेवा, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। एक माह की अवधि में आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियां नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों को लाभ से जोड़ने, योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियां सामने लाने और जनभागीदारी बढ़ाने का माध्यम बनेंगी। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि अभियान का केंद्र आम नागरिक और हितग्राही होना चाहिए। प्रशासनिक गतिविधियों का अंतिम उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ उस व्यक्ति तक पहुंचे, जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता और पात्रता है।
अभियान की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सेवा के भाव को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की योजना है। सेवा सेतु नागरिकों को सेवाओं से जोड़ने, सेवा मेरा योगदान जनभागीदारी बढ़ाने, सेवा की कहानी और सेवा गाथा योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को सामने लाने, बच्चों के सपनों का भारत के माध्यम से नई पीढ़ी की सोच को अभिव्यक्ति देने, आंगनबाड़ी उत्सव के माध्यम से समुदाय को जोड़ने, सेवा ज्योति यात्रा के माध्यम से सेवा का संदेश फैलाने और विकसित भारत संकल्प के माध्यम से विकास की व्यापक सोच को जनसामान्य तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। मंत्री ने इन सभी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
डिंडौरी में हुई इस बैठक से यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल एक निर्धारित अवधि में होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला के रूप में नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के व्यापक अभियान के रूप में संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं, जबकि कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिला प्रशासन की प्राथमिकता के रूप में पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही है। अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान के दौरान जिले के ग्रामों, वार्डों और विकासखंडों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि इन गतिविधियों के माध्यम से कितने नागरिक शासन की सेवाओं और योजनाओं से जुड़ते हैं तथा कितने पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचता है। प्रशासन की तैयारियों और जनभागीदारी के साथ डिंडौरी में सेवा संकल्प अभियान को प्रभावी रूप देने की दिशा में प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल
आज फोकस में

आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर
आज फोकस में

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग
आज फोकस में

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना
आज फोकस में

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें