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युवा संगम रोजगार मेले में युवाओं को बेहतर करियर के लिए मार्गदर्शन, कलेक्टर जयति सिंह ने दिए सफलता के मंत्र

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बड़वानी। पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी में आयोजित ‘युवा संगम रोजगार मेले’ में जिले की कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने पहुंचकर रोजगार और करियर की दिशा तलाश रहे युवाओं से संवाद किया। उन्होंने युवाओं को बेहतर करियर निर्माण के लिए मार्गदर्शन देते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल औपचारिक शिक्षा तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ बुनियादी कौशल को विकसित करना भी जरूरी है। रोजगार मेले में युवाओं को उपलब्ध अवसरों, अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार करने की दिशा में प्रेरित किया गया।
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने युवाओं से कहा कि फॉर्मल एजुकेशन के साथ बेसिक स्किल्स पर भी लगातार काम करें। उन्होंने युवाओं को यह समझने की आवश्यकता बताई कि किसी भी नौकरी अथवा करियर के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ व्यवहारिक और बुनियादी कौशल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संवाद क्षमता, समय प्रबंधन, कंप्यूटर एवं डिजिटल ज्ञान, समस्या समाधान, टीम के साथ काम करने की क्षमता और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने जैसी क्षमताएं युवाओं के व्यावसायिक जीवन में उपयोगी हो सकती हैं। रोजगार मेले जैसे आयोजनों को इन कौशलों को समझने और स्वयं को अवसरों के अनुरूप तैयार करने का माध्यम माना जा सकता है।
उन्होंने युवाओं को हर प्रकार की प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि प्रतियोगिता किसी भी क्षेत्र में हो सकती है और सफलता के लिए निरंतर तैयारी के साथ मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक होती है। रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को अलग-अलग कंपनियों, संस्थानों और पदों की आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को तैयार करना पड़ता है। ऐसे में असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की सोच विकसित करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने युवाओं के सामने ‘इंडिविजुअल एक्सीलेंस’ यानी व्यक्तिगत उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की बात रखी। उन्होंने युवाओं को अपनी विशिष्ट क्षमताओं और रुचियों को पहचानने तथा उनमें लगातार सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। प्रत्येक युवा की अपनी अलग क्षमता होती है और उसी क्षमता को पहचानकर उसे बेहतर स्तर तक ले जाना करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। व्यक्तिगत उत्कृष्टता का लक्ष्य युवाओं को अपनी कमजोरियों पर काम करने और अपनी मजबूत क्षमताओं को और विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
‘युवा संगम रोजगार मेला’ में युवाओं को रोजगार से जुड़े अवसरों और करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। ऐसे रोजगार मेले विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को नियोक्ताओं तथा रोजगार से संबंधित संस्थाओं तक पहुंचने का मंच उपलब्ध कराते हैं। इसके साथ ही युवाओं को यह समझने का अवसर भी मिलता है कि वर्तमान रोजगार बाजार में किस प्रकार की योग्यता और कौशल की मांग है। इस तरह रोजगार मेला केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि करियर की दिशा तय करने के लिए भी उपयोगी मंच बन सकता है।
कार्यक्रम में कलेक्टर का युवाओं के साथ संवाद इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा कि उन्होंने केवल रोजगार प्राप्त करने के बजाय दीर्घकालीन करियर निर्माण पर ध्यान देने की बात कही। शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी तलाशना एक चरण है, लेकिन किसी क्षेत्र में टिकाऊ करियर बनाने के लिए लगातार सीखना और अपने कौशल को समय के साथ अपडेट करना आवश्यक होता है। बदलते तकनीकी और आर्थिक वातावरण में रोजगार के स्वरूप भी बदल रहे हैं, ऐसे में युवाओं के लिए नई जानकारी और कौशल सीखते रहना उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। कॉलेज स्तर की शिक्षा के दौरान ही यदि विद्यार्थी अपने विषय के साथ संचार, डिजिटल तकनीक, समस्या समाधान और अन्य बुनियादी कौशल पर काम करते हैं तो भविष्य की प्रतियोगिताओं और रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं में उन्हें अपनी क्षमताएं प्रस्तुत करने में मदद मिल सकती है। रोजगार मेले में आने वाले युवाओं के लिए यह मार्गदर्शन उनके करियर संबंधी निर्णयों के संदर्भ में उपयोगी रहा।
कलेक्टर ने युवाओं को यह भी संदेश दिया कि प्रतियोगिता से बचने के बजाय उसका सामना करने की मानसिकता विकसित करें। किसी भी चयन प्रक्रिया में अनेक उम्मीदवार शामिल होते हैं और प्रत्येक अवसर पर सफलता मिलना जरूरी नहीं है। ऐसे में एक प्रयास के परिणाम को अंतिम परिणाम न मानते हुए लगातार प्रयास करते रहना महत्वपूर्ण है। मानसिक रूप से तैयार युवा अपने अनुभवों का विश्लेषण कर अपनी तैयारी को बेहतर कर सकता है और आगामी अवसरों के लिए स्वयं को मजबूत बना सकता है।
‘इंडिविजुअल एक्सीलेंस’ की अवधारणा के माध्यम से युवाओं को अपनी व्यक्तिगत पहचान और क्षमता के विकास पर ध्यान देने का संदेश दिया गया। इसका अर्थ केवल किसी प्रतियोगिता में आगे निकलना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करने और निरंतर सुधार की प्रक्रिया को अपनाना भी है। युवा यदि अपनी रुचि, योग्यता और लक्ष्य के अनुरूप कौशल विकसित करते हैं तो वे रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता, उच्च शिक्षा और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
बड़वानी स्थित पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित इस रोजगार मेले ने युवाओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन और रोजगार के अवसरों से जुड़ने का मंच उपलब्ध कराया। कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की मौजूदगी में युवाओं को शिक्षा, कौशल और मानसिक तैयारी के बीच संतुलन बनाने का संदेश मिला। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता को पहचानकर उसे लगातार विकसित करने और प्रतिस्पर्धी वातावरण में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की दिशा में काम करने को कहा।
कार्यक्रम में दिया गया संदेश मूल रूप से तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रहा—औपचारिक शिक्षा के साथ बुनियादी कौशल का विकास, हर प्रतियोगिता के लिए मानसिक तैयारी और व्यक्तिगत उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास। इन तीनों पहलुओं को करियर निर्माण के महत्वपूर्ण आधार के रूप में सामने रखा गया। रोजगार मेले में पहुंचे युवाओं के लिए यह मार्गदर्शन शिक्षा के बाद रोजगार की तलाश से आगे बढ़कर अपने दीर्घकालीन व्यावसायिक भविष्य को लेकर तैयारी करने की दिशा में प्रेरक रहा।
युवा संगम रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपने करियर के प्रति अधिक सजग बनाना भी रहा। कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने युवाओं को अपनी शिक्षा का उपयोग केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखने और उसके साथ व्यवहारिक क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में वही युवा अधिक अवसरों का लाभ उठा सकता है जो सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखता है और नई परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करता है।
इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश भी मिला कि करियर की राह में चुनौतियां स्वाभाविक हैं। प्रतियोगी परीक्षाएं हों, निजी क्षेत्र में चयन प्रक्रिया हो अथवा किसी अन्य रोजगार अवसर की तलाश—हर क्षेत्र में तैयारी, धैर्य और निरंतर सीखने की आवश्यकता होती है। इसलिए युवाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर चरणबद्ध तरीके से तैयारी करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
बड़वानी के इस ‘युवा संगम रोजगार मेले’ में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह का मार्गदर्शन युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के बीच आवश्यक कौशल की कड़ी को समझने का अवसर बना। उन्होंने युवाओं को औपचारिक शिक्षा के साथ बुनियादी कौशल विकसित करने, प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने और व्यक्तिगत उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को करियर निर्माण के लिए अवसरों के साथ-साथ अपनी क्षमता को पहचानने और उसे बेहतर बनाने की दिशा भी दिखाई गई।
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