
गुढ़। जन विश्वास अभियान के तहत नगर पंचायत गुढ़ में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ करते हुए विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह ने कहा कि जन विश्वास शिविर आम जनता के आवेदनों के निराकरण के साथ-साथ प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे जनसंवाद का अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। शिविरों के माध्यम से अलग-अलग विभागों की योजनाओं और सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पात्र हितग्राहियों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार संबंधित विभाग तक पहुंचने में सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जब पात्र नागरिकों तक पहुंचेगा, तभी योजनाओं के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत होगा। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर आने वाली कठिनाइयों को चिन्हित करें और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा निर्धारित योजनाओं और कार्यक्रमों के लक्ष्य को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर मैदानी प्रयास किए जाएं। शिविर में आम नागरिकों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। कई बार पात्र व्यक्ति योजना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में शिविर उनके लिए जानकारी और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। विधायक ने कहा कि विभागीय अधिकारी नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी दें, ताकि पात्र हितग्राही अनावश्यक परेशानी के बिना आवेदन कर सकें। जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविरों का व्यापक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सुनना, आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करना, शासकीय योजनाओं की जानकारी देना और पात्र लोगों को योजनाओं के लाभ से जोड़ना है। रीवा जिले में इस अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के आवेदनों के निराकरण के साथ विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। एक पूर्व शिविर में 290 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें 194 का मौके पर निराकरण किया गया था। गुढ़ में आयोजित शिविर को भी इसी जनोन्मुखी प्रशासनिक प्रक्रिया की कड़ी के रूप में देखा गया। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल आवेदन प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक पात्र मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रगति की निगरानी भी की जाए। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को अपनी समस्या रखने के लिए स्थानीय स्तर पर मंच मिलता है और संबंधित विभाग के अधिकारी वहीं उपलब्ध रहते हैं, तो संवाद अधिक प्रभावी हो सकता है। जन विश्वास शिविरों का उद्देश्य भी प्रशासनिक तंत्र को जनता के अधिक करीब लाना है, ताकि नागरिकों को अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की मौजूदगी से योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने और आवेदन की प्रक्रिया समझने में सुविधा होती है। इसी के साथ विभागीय अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। विधायक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों के साथ संवेदनशीलता और सहयोग की भावना से संवाद करें तथा प्रत्येक आवेदन को उसकी पात्रता और नियमों के अनुसार गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान करके उनका समाधान करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। शिविर का मूल उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाएं और प्रशासनिक सेवाएं अंतिम पंक्ति के नागरिक तक प्रभावी ढंग से पहुंचें तथा पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों की उपयोगिता केवल आवेदन लेने और शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं है। इन शिविरों को जनसंवाद और योजनाओं की जानकारी के व्यापक मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। विधायक नागेन्द्र सिंह ने इसी संदर्भ में कहा कि शिविर आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद का अवसर प्रदान कर रहे हैं। नागरिकों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ अधिकारी उन्हें यह भी बता सकते हैं कि संबंधित समस्या के समाधान के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी है और किस विभाग के स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। इससे नागरिकों को अपनी समस्या की स्थिति समझने में मदद मिलती है। शासन की विभिन्न योजनाएं अलग-अलग विभागों के माध्यम से संचालित होती हैं और उनकी पात्रता तथा आवेदन प्रक्रिया भी अलग हो सकती है। सामान्य नागरिक के लिए प्रत्येक योजना की जानकारी रखना हमेशा आसान नहीं होता। इसलिए जब सभी संबंधित विभाग एक शिविर में उपस्थित रहते हैं तो नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, राजस्व, नगरीय प्रशासन और अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों में विभागीय अधिकारी सीधे जानकारी दे सकते हैं। जन विश्वास शिविर इसी प्रकार की बहु-विभागीय व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित विभागों को भेजना और उनकी प्रगति पर नजर रखना भी आवश्यक है। केवल आवेदन की संख्या बढ़ना किसी शिविर की सफलता का आधार नहीं हो सकता; वास्तविक महत्व इस बात का है कि पात्र नागरिक को समय पर उचित सेवा या योजना का लाभ मिले और समस्या का नियमानुसार समाधान हो। इसी दृष्टि से विधायक ने अधिकारियों से योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मैदानी कठिनाइयों को दूर करने पर जोर दिया। किसी योजना का लक्ष्य पूरा करने में यदि दस्तावेज, पात्रता, तकनीकी प्रक्रिया, जानकारी के अभाव या अन्य किसी कारण से बाधा आ रही है तो संबंधित अधिकारी को उसका समाधान खोजने की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया में नागरिकों से प्राप्त फीडबैक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशासनिक अधिकारी जब सीधे नागरिकों से संवाद करते हैं तो उन्हें यह जानकारी मिलती है कि किसी योजना या सेवा के क्रियान्वयन में वास्तविक स्तर पर किस प्रकार की समस्याएं आ रही हैं। इससे नीति और योजना के जमीनी क्रियान्वयन के बीच मौजूद अंतर को समझने में भी सहायता मिलती है। रीवा जिले में आयोजित जन विश्वास शिविरों के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी नागरिकों के आवेदनों पर सुनवाई कर रहे हैं तथा पात्र हितग्राहियों को हितलाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि अभियान में शिकायत निवारण और हितग्राही सेवा दोनों को साथ रखा गया है। गुढ़ में आयोजित शिविर में भी यही भावना रही कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के साथ योजनाओं की जानकारी और उपलब्ध लाभ प्राप्त करने का अवसर मिले। विधायक ने अधिकारियों को यह भी कहा कि आमजन को विभागीय योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाए। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि कई बार योजना उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति आवेदन नहीं कर पाता। यदि अधिकारी स्वयं पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी देते हैं तो नागरिक के लिए योजना तक पहुंच आसान हो सकती है। इस तरह जन विश्वास शिविर शासन और नागरिकों के बीच संवाद की ऐसी व्यवस्था बन सकते हैं जहां समस्या, जानकारी और समाधान की प्रक्रिया एक-दूसरे से जुड़ती है।
शिविर को संबोधित करते हुए विधायक ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर आने वाली कठिनाइयों को दूर कर शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाए। किसी भी योजना की सफलता उसके बजट या घोषणा से नहीं बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचने से निर्धारित होती है। इसलिए मैदानी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्हें अपने क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों की पहचान, आवेदन की प्रक्रिया, दस्तावेजों की उपलब्धता और योजना के लाभ वितरण से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखनी होती है। यदि किसी पात्र नागरिक का आवेदन केवल तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से लंबित है तो उसकी स्थिति की समीक्षा कर नियमानुसार समाधान का प्रयास किया जाना चाहिए। इसी प्रकार यदि किसी क्षेत्र में किसी योजना के प्रति लोगों में पर्याप्त जानकारी नहीं है तो वहां जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता होती है। जन विश्वास शिविर इस जागरूकता का माध्यम बन सकते हैं। शिविर में नागरिकों को योजना के उद्देश्य, पात्रता और लाभ की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारी से मिल सकती है। विधायक ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यक्रमों और योजनाओं की पूरी जानकारी आम जनता को दें। इस निर्देश का उद्देश्य नागरिकों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में अधिक जागरूक बनाना है। योजनाओं की जानकारी केवल प्रचार सामग्री तक सीमित न रहकर नागरिकों के व्यवहारिक उपयोग में आनी चाहिए। उदाहरण के लिए किसी हितग्राही को यदि किसी योजना के लिए आवेदन करना है तो उसे यह स्पष्ट पता होना चाहिए कि आवेदन कहां करना है, कौन से दस्तावेज जरूरी हैं और पात्रता क्या है। इसी तरह आवेदन के बाद उसकी स्थिति की जानकारी भी नागरिक को उपलब्ध होनी चाहिए। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और संवाद की यह प्रक्रिया नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। जन विश्वास अभियान का नाम भी इसी उद्देश्य की ओर संकेत करता है कि शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत हो। जब नागरिकों को लगता है कि उनकी समस्या सुनी जा रही है और संबंधित अधिकारी उस पर नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं, तो प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा बढ़ सकता है। दूसरी ओर अधिकारियों के लिए भी नागरिकों की प्रत्यक्ष समस्याएं योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने का आधार बनती हैं। शिविर में अलग-अलग विभागों की उपस्थिति इस प्रक्रिया को और उपयोगी बना सकती है। एक नागरिक को यदि एक से अधिक विभागों से संबंधित समस्या है तो वह एक ही स्थान पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। इससे समय की बचत होती है और विभागीय समन्वय की संभावना बढ़ती है। जन विश्वास शिविरों में इस प्रकार के समन्वित प्रयास का उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचें। विधायक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे शिविर के बाद भी प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते रहें और जिन प्रकरणों में अतिरिक्त कार्रवाई आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाएं। इस प्रकार शिविर को एक दिन के आयोजन के बजाय निरंतर प्रशासनिक संवाद की प्रक्रिया से जोड़ना अधिक उपयोगी होगा। जनता द्वारा उठाई गई समस्याओं की प्रकृति को समझकर यदि विभागीय स्तर पर स्थायी सुधार किए जाएं तो उसका लाभ भविष्य में भी अन्य नागरिकों को मिल सकता है। इसलिए जन विश्वास अभियान में प्राप्त शिकायतों और सुझावों को प्रशासनिक सुधार के स्रोत के रूप में भी देखा जा सकता है।
विधायक नागेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि इस अभियान के अंतर्गत शासन के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न आयोजन किए जाएं। मध्य प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाने की जानकारी राज्य स्तर पर जारी की गई है। अभियान में सेवा, जनभागीदारी, सामाजिक सरोकार, हितग्राही कल्याण, युवा गतिविधियों और नागरिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार की ओर से अभियान के तहत सेवा सेतु जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को एक स्थान पर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। इसी व्यापक संदर्भ में गुढ़ का जन विश्वास शिविर भी नागरिकों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला स्वास्थ्य, पोषण, सड़क सुरक्षा, शिक्षा सहयोग सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को शामिल किया गया है। अभियान की विभिन्न गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता में सक्रिय भागीदार के रूप में जोड़ना है। गुढ़ में आयोजित शिविर के दौरान सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों को शासन के निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की बात कही गई। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों के लिए विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा, ताकि निर्धारित गतिविधियां समय पर और व्यवस्थित ढंग से आयोजित की जा सकें। सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा में जिला स्तर पर माइक्रो प्लानिंग, नियमित मॉनिटरिंग और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसका अर्थ है कि अभियान से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी केवल औपचारिक रूप से न होकर स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर की जाए। गुढ़ क्षेत्र में भी स्थानीय संस्थाओं, विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से कार्यक्रमों को प्रभावी रूप दिया जा सकता है। सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। रक्तदान जैसी गतिविधियां जरूरतमंद मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान पर्यावरण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े हैं, जबकि स्वास्थ्य जांच और पोषण जागरूकता जैसी गतिविधियां लोगों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक कर सकती हैं। इसी प्रकार युवाओं को नवाचार, करियर मार्गदर्शन और सामाजिक सेवा से जोड़ने की गतिविधियां उनके कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी के विकास में योगदान दे सकती हैं। अभियान की सफलता के लिए यह आवश्यक होगा कि स्थानीय स्तर पर नागरिकों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित हो और कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन बनकर न रह जाएं। जन विश्वास शिविर और सेवा संकल्प अभियान की भावना में एक समानता यह है कि दोनों में नागरिकों से सीधे संवाद और सेवा पहुंचाने पर जोर है। एक ओर जन विश्वास शिविर में नागरिक अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकते हैं, वहीं दूसरी ओर सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से उन्हें विभिन्न सेवा गतिविधियों में भागीदारी का अवसर दिया जा रहा है। इस तरह दोनों प्रयासों को जनभागीदारी और प्रशासनिक सेवा के व्यापक ढांचे से जोड़ा जा सकता है।
गुढ़ में आयोजित जन विश्वास शिविर के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनता के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। विधायक नागेन्द्र सिंह ने शिविर का शुभारंभ करते हुए अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने, मैदानी कठिनाइयों को दूर करने और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से नागरिकों को एक ही स्थान पर अलग-अलग योजनाओं और सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। जन विश्वास अभियान की यह व्यवस्था नागरिकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें अपनी समस्या या जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग तक पहुंचने का अवसर स्थानीय स्तर पर मिलता है। प्रशासन के लिए भी यह मंच उपयोगी है क्योंकि इससे उसे क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी मिलती है। किसी भी जनकल्याणकारी योजना का अंतिम उद्देश्य पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना होता है। इसलिए आवेदन प्राप्त करने के बाद उसका नियमानुसार निराकरण, पात्र हितग्राही को लाभ और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है। शिविरों के माध्यम से इस प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व में रीवा जिले में आयोजित जन विश्वास शिविर में अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के आवेदनों पर कार्रवाई के साथ विभागीय योजनाओं की निगरानी और विभिन्न संस्थानों के निरीक्षण की जानकारी दी गई थी। इससे अभियान की व्यापक प्रकृति सामने आती है, जिसमें केवल शिकायत सुनना ही नहीं बल्कि शासन की सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी शामिल है। गुढ़ में आयोजित शिविर में विधायक द्वारा योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर दिया गया जोर इसी दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि लक्ष्य की प्राप्ति केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि पात्र हितग्राहियों तक वास्तविक लाभ पहुंचने से जुड़ी होनी चाहिए। इसलिए अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वे योजना के प्रत्येक चरण की समीक्षा करें और जहां कोई बाधा दिखाई दे, वहां नियमानुसार उसका समाधान करें। नागरिकों के लिए भी आवश्यक है कि वे शिविरों में अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा पात्रता के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन और जनता के बीच सहयोग से ही जन संवाद की यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रम भी इसी जनभागीदारी को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। राज्य स्तर पर जारी जानकारी के अनुसार अभियान के दौरान नागरिकों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ सेवा सेतु के माध्यम से योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने पर जोर है। गुढ़ में आयोजित शिविर को इसी व्यापक प्रशासनिक और जनभागीदारी प्रक्रिया की स्थानीय कड़ी के रूप में देखा जा सकता है। जन विश्वास शिविर का मूल संदेश यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, नागरिकों की समस्याएं सुनी जाएं और उनके समाधान की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाया जाए। विधायक नागेन्द्र सिंह द्वारा अधिकारियों को दिए गए निर्देशों में योजनाओं की जानकारी, मैदानी कठिनाइयों का समाधान, लक्ष्यों की पूर्ति और सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों के प्रभावी आयोजन पर जोर रहा। आने वाले समय में इन शिविरों से प्राप्त आवेदनों की प्रगति, योजनाओं के वास्तविक लाभ और नागरिकों के फीडबैक की नियमित समीक्षा से अभियान की प्रभावशीलता को और बेहतर किया जा सकता है। जनभागीदारी, प्रशासनिक सक्रियता और विभागीय समन्वय के साथ ऐसे शिविर नागरिकों और शासन के बीच संवाद का उपयोगी माध्यम बन सकते हैं। गुढ़ के शिविर ने इसी भावना को सामने रखा कि जनता की समस्या सुनना, उसे समझना और नियमानुसार समाधान की दिशा में आगे बढ़ना ही जनविश्वास को मजबूत करने का आधार है।