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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आज 27 सितंबर की व्यस्तताएं

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HQ Report
उज्जैन/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रविवार 27 सितंबर 2026 का दिन उज्जैन और भोपाल के बीच विभिन्न स्थानीय, धार्मिक, विकासात्मक, कृषि एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों में सहभागिता से भरा रहेगा। मुख्यमंत्री की निर्धारित कार्यक्रम-सारिणी के अनुसार रविवार की सुबह उनका प्रमुख प्रवास उज्जैन में रहेगा, जहां वे दशहरा मैदान पहुंचने से लेकर स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता, वीआईपी गेस्ट हाउस आगमन तथा इसके बाद महाकाल मंदिर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह लगभग 7 बजे कार द्वारा उज्जैन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे और वहां 7 बजे से 7.45 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इसके बाद सुबह 7.55 बजे वे वीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचेंगे। दिन के अगले महत्वपूर्ण चरण में मुख्यमंत्री सुबह 10.45 बजे कार द्वारा महाकाल मंदिर पार्किंग परिसर, अक्ष क्षेत्र के सामने पहुंचेंगे। यहां 10.50 बजे से दोपहर 12.25 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम निर्धारित है। कार्यक्रम-सारिणी में इस दौरान भूमिपूजन, प्रधानमंत्री के मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण तथा सिंगल क्लिक के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन का उल्लेख किया गया है। इस तरह मुख्यमंत्री के उज्जैन प्रवास का पूर्वाह्न चरण धार्मिक आस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्र और विकास कार्यों के कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ता हुआ दिखाई देता है। आज के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की गई हैं। स्वतंत्र रूप से प्रकाशित कार्यक्रम विवरण में भी मुख्यमंत्री के 27 सितंबर को उज्जैन पहुंचने और महाकाल मंदिर परिसर में भूमिपूजन तथा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सहभागिता की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री की निर्धारित दिनचर्या में उज्जैन का यह प्रारंभिक चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें स्थानीय कार्यक्रमों के साथ विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन का क्रम रखा गया है। सिंगल क्लिक के माध्यम से विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक के उपयोग को भी रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार सुबह से दोपहर तक उज्जैन में रहने के दौरान अलग-अलग स्थानों पर उनकी निर्धारित गतिविधियां रहेंगी और इसके बाद वे आगे के कार्यक्रमों के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के रविवार के कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू महाकाल क्षेत्र में निर्धारित कार्यक्रम है। सुबह 10.45 बजे महाकाल मंदिर पार्किंग परिसर, अक्ष क्षेत्र के सामने पहुंचने के बाद 10.50 बजे से 12.25 बजे तक आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूमिपूजन और विकास कार्यों से संबंधित गतिविधियों में शामिल होंगे। कार्यक्रम-सारिणी में इसी अवधि में प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण भी शामिल है। इसके अतिरिक्त सिंगल क्लिक के माध्यम से विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाना निर्धारित है। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनेक कार्यों का भी प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र में निर्धारित कार्यक्रम धार्मिक गतिविधि और विकास कार्यक्रम दोनों आयामों को समेटता है। कार्यक्रम पूरा होने के बाद दोपहर 12.40 बजे मुख्यमंत्री के वीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री का कृषि क्षेत्र से सीधा संवाद निर्धारित है। पिछले दिनों आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को अपनाने की अपील की थी। कृषि महोत्सव से उनका जुड़ाव प्रदेश में कृषि वर्ष 2026 के दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है। बलराम कृषि महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में किसानों के साथ संवाद, आधुनिक कृषि तकनीकों, श्रीअन्न, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल विविधीकरण और कृषि से जुड़े अन्य विषयों पर चर्चा होती रही है। शहडोल में आयोजित कार्यक्रम से मुख्यमंत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ना यह दर्शाता है कि उज्जैन में प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के साथ वे प्रदेश के दूसरे हिस्से में चल रहे कृषि आयोजन से भी तकनीकी माध्यम के जरिए संपर्क बनाए रखेंगे। कार्यक्रम-सारिणी में दोपहर 2 बजे इस वर्चुअल सहभागिता का स्पष्ट उल्लेख है। इससे मुख्यमंत्री की दिनचर्या में प्रशासनिक, धार्मिक, विकासात्मक और कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों का समन्वय दिखाई देता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कृषि महोत्सवों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक कृषि संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सूचनाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों में मुख्यमंत्री का वर्चुअल संवाद प्रदेश के अलग-अलग कृषि क्षेत्रों से जुड़े किसानों तक संदेश पहुंचाने का माध्यम बनता है।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री की यात्रा उज्जैन से भोपाल की ओर होगी। कार्यक्रम-सारिणी के अनुसार दोपहर 2.20 बजे मुख्यमंत्री हेलिपैड, उज्जैन पहुंचेंगे। इसके बाद 2.25 बजे से 3.10 बजे तक हेलीकॉप्टर के माध्यम से उज्जैन से स्टेट हैंगर, भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित है। इस प्रकार दोपहर बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों का केंद्र भोपाल हो जाएगा। राजधानी पहुंचने के बाद 3.25 बजे मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय पहुंचेंगे। वहां निर्धारित कार्यक्रम में सहभागिता के बाद 3.30 बजे स्थानीय कार्यक्रम के तहत निवास पहुंचने का कार्यक्रम है। दिनभर की इस आवाजाही में मुख्यमंत्री का सुबह का प्रमुख कार्यक्रम उज्जैन में रहेगा, जबकि दोपहर बाद वे भोपाल में संगठनात्मक और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम-सारिणी में यात्रा के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री का दिन सुबह से शाम तक लगातार कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। उज्जैन से भोपाल वापसी के बाद पार्टी कार्यालय का कार्यक्रम मुख्यमंत्री की दिनचर्या के संगठनात्मक पक्ष को सामने लाता है। इसके बाद निवास पर स्थानीय कार्यक्रम निर्धारित है। शाम के कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री की गतिविधियां जारी रहेंगी। कार्यक्रम-सारिणी में शाम 6.30 बजे स्वर्णिम भवन, भोपाल आगमन का उल्लेख है और इसी समय स्थानीय कार्यक्रम के तहत निवास आगमन भी दर्ज किया गया है। उपलब्ध कार्यक्रम-सारिणी में शाम के इन कार्यक्रमों को अलग-अलग प्रविष्टियों के रूप में दर्ज किया गया है। इसलिए दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री की राजधानी में स्थानीय गतिविधियों और निर्धारित कार्यक्रमों में सहभागिता बनी रहेगी। रविवार की यह दिनचर्या इस दृष्टि से व्यापक है कि मुख्यमंत्री एक ही दिन में उज्जैन में स्थानीय और विकासात्मक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ शहडोल के कृषि महोत्सव से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे तथा उसके बाद भोपाल लौटकर पार्टी कार्यालय और स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इससे मुख्यमंत्री की सार्वजनिक गतिविधियों का विस्तार एक ही दिन में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ता है।
मुख्यमंत्री की आज की व्यस्तताओं में उज्जैन का कार्यक्रम विशेष रूप से धार्मिक और विकासात्मक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ और उससे जुड़ी तैयारियों के कारण भी विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़े विषय लगातार सार्वजनिक चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम में महाकाल मंदिर क्षेत्र में भूमिपूजन और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन का उल्लेख इसी व्यापक विकास प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि उपलब्ध कार्यक्रम-सारिणी में प्रत्येक विकास कार्य की परियोजना-वार जानकारी नहीं दी गई है, इसलिए समाचार में उन्हीं गतिविधियों का उल्लेख किया जाना उपयुक्त है जो निर्धारित कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। मुख्यमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण भी इसी स्थानीय कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके बाद दोपहर में शहडोल के बलराम कृषि महोत्सव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ना उनके कार्यक्रम का कृषि-केंद्रित पक्ष है। पिछले दिनों बलराम कृषि महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में मुख्यमंत्री ने कृषि को आधुनिक बनाने, फसल विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण तथा पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसे विकल्पों को किसानों की आय से जोड़ने पर जोर दिया था। कृषि क्षेत्र से जुड़े आयोजनों में किसानों को नई तकनीक अपनाने तथा खेती के साथ आय के अन्य साधनों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे आज शहडोल में आयोजित कार्यक्रम के महत्व को कृषि क्षेत्र के व्यापक संदर्भ में समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ना इस बात का संकेत है कि प्रत्यक्ष रूप से उज्जैन में मौजूद रहते हुए भी वे प्रदेश के दूसरे हिस्से में आयोजित कार्यक्रम से संवाद बनाए रखेंगे। कृषि महोत्सवों में स्थानीय किसानों, कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि से जुड़े विशेषज्ञों की सहभागिता रहती है तथा ऐसे आयोजनों का उद्देश्य किसानों तक योजनाओं, तकनीक और खेती की नई पद्धतियों की जानकारी पहुंचाना होता है। बलराम कृषि महोत्सव के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के साथ वर्चुअल संवाद किया गया है और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक तथा विविधीकरण पर जोर दिया गया है। आज की कार्यक्रम-सारिणी इसी क्रम में शहडोल को मुख्यमंत्री की दिनचर्या से जोड़ती है।
दिनभर के कार्यक्रमों को क्रमवार देखा जाए तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 27 सितंबर की व्यस्तता सुबह उज्जैन के दशहरा मैदान से शुरू होकर देर शाम भोपाल तक जारी रहने वाली है। सुबह 7 बजे दशहरा मैदान आगमन, 7 से 7.45 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम, 7.55 बजे वीआईपी गेस्ट हाउस आगमन, 10.45 बजे महाकाल मंदिर पार्किंग परिसर क्षेत्र में पहुंचना और 10.50 से 12.25 बजे तक भूमिपूजन, ‘मन की बात’ श्रवण तथा सिंगल क्लिक से विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद 12.40 बजे वीआईपी गेस्ट हाउस वापसी और दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शहडोल के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ना है। दोपहर 2.20 बजे हेलिपैड पहुंचने और 2.25 से 3.10 बजे तक हेलीकॉप्टर से भोपाल के स्टेट हैंगर पहुंचने के बाद 3.25 बजे पार्टी कार्यालय और 3.30 बजे स्थानीय कार्यक्रम के तहत निवास पहुंचने का कार्यक्रम है। शाम 6.30 बजे स्वर्णिम भवन आगमन तथा स्थानीय कार्यक्रम के तहत निवास से जुड़ी गतिविधियां भी कार्यक्रम-सारिणी में दर्ज हैं। इस प्रकार मुख्यमंत्री का पूरा दिन कई स्तरों पर निर्धारित गतिविधियों में व्यतीत होगा। उज्जैन में सुबह के कार्यक्रम धार्मिक एवं विकासात्मक गतिविधियों से जुड़े हैं, दोपहर का शहडोल कार्यक्रम कृषि क्षेत्र से संबंधित है और दोपहर बाद भोपाल में संगठनात्मक तथा स्थानीय कार्यक्रम निर्धारित हैं। यह दिनचर्या मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों की बहुस्तरीय प्रकृति को दर्शाती है, जिसमें प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के दूसरे क्षेत्र से संवाद भी शामिल है। कार्यक्रम-सारिणी में यात्रा के साधनों का भी उल्लेख है—उज्जैन में प्रारंभिक और स्थानीय आवागमन कार से, भोपाल वापसी हेलीकॉप्टर से तथा राजधानी में आगे की गतिविधियां कार से निर्धारित हैं। इससे पूरे दिन की यात्रा और कार्यक्रमों का क्रम स्पष्ट होता है। स्वतंत्र समाचार रिपोर्ट में भी 27 सितंबर को मुख्यमंत्री के उज्जैन दौरे, महाकाल मंदिर क्षेत्र में भूमिपूजन तथा ‘मन की बात’ सुनने की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आज की व्यस्तताओं का समग्र स्वरूप देखें तो रविवार का दिन उज्जैन से शुरू होकर भोपाल में आगे बढ़ने वाली गतिविधियों के साथ निर्धारित है। उज्जैन में दशहरा मैदान से दिन की शुरुआत, उसके बाद स्थानीय कार्यक्रम, वीआईपी गेस्ट हाउस और महाकाल मंदिर क्षेत्र में विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम मुख्यमंत्री की सुबह की दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र में भूमिपूजन के साथ विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन और ‘मन की बात’ का श्रवण निर्धारित है। इसके बाद शहडोल के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअल जुड़ाव मुख्यमंत्री के दिन को प्रदेश के कृषि क्षेत्र से जोड़ता है। दोपहर बाद उज्जैन से भोपाल वापसी और पार्टी कार्यालय तथा निवास के स्थानीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री की राजधानी स्थित गतिविधियों का हिस्सा होंगे। शाम को भी कार्यक्रम जारी रहने के कारण मुख्यमंत्री की दिनचर्या सुबह से शाम तक व्यस्त रहेगी। कार्यक्रम-सारिणी में निर्धारित समय के अनुसार प्रत्येक चरण को अलग-अलग दर्ज किया गया है, जिससे प्रशासनिक और सार्वजनिक गतिविधियों के बीच यात्रा का क्रम भी स्पष्ट होता है। मुख्यमंत्री की आज की व्यस्तताओं में धार्मिक आस्था से जुड़े महाकाल क्षेत्र के कार्यक्रम, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, प्रधानमंत्री के मासिक कार्यक्रम का श्रवण, किसानों से जुड़े बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल सहभागिता तथा भोपाल में संगठनात्मक और स्थानीय गतिविधियां शामिल हैं। इस प्रकार 27 सितंबर का दिन मुख्यमंत्री की सार्वजनिक दिनचर्या में उज्जैन और भोपाल को जोड़ने वाला व्यस्त कार्यक्रम वाला दिन है। शहडोल का कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस यात्रा में शामिल है। कृषि क्षेत्र को लेकर हाल के बलराम कृषि महोत्सवों में मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को अपनाने की बात कही है। वहीं उज्जैन के कार्यक्रम में महाकाल क्षेत्र और विकास कार्यों से जुड़ी गतिविधियां मुख्यमंत्री की दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा हैं। दिन के अंतिम चरण में भोपाल स्थित कार्यक्रमों के साथ मुख्यमंत्री की निर्धारित व्यस्तताएं आगे बढ़ेंगी। इस तरह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 27 सितंबर 2026 की कार्यक्रम-सारिणी में सुबह से शाम तक लगातार गतिविधियों का क्रम बना हुआ है और एक ही दिन में उज्जैन, शहडोल तथा भोपाल से संबंधित कार्यक्रम इसमें शामिल हैं। कार्यक्रम-सारिणी के अनुसार निर्धारित सभी गतिविधियों में मुख्यमंत्री की सहभागिता तय है और समय के अनुरूप उनके आवागमन तथा कार्यक्रमों का क्रम निर्धारित किया गया है।
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