
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के दिए निर्देश
पटना। पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में गुरुवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह की अध्यक्षता में पटना, भोजपुर और मुंगेर जिले के अंचल अधिकारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में तीनों जिलों के विभिन्न अंचलों में चल रहे राजस्व संबंधी कार्यों, विभागीय सेवाओं के निष्पादन और लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों से उनके-अपने अंचलों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा जहां कार्यों के निष्पादन की गति अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विशेष रूप से जमाबंदी में सुधार तथा मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करने के लिए चलाए जा रहे 45 दिवसीय विशेष अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और व्यवस्थित रखने के लिए जमाबंदी से संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन महत्वपूर्ण है। मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण से संबंधित मामलों का निपटारा होने से संबंधित परिवारों के राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने में सहायता मिलती है। बैठक में अधिकारियों से इस अभियान के अंतर्गत प्राप्त मामलों और उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली गई।
समीक्षा बैठक में राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति पर भी चर्चा की गई। राजस्व महा-अभियान के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त विभिन्न आवेदन विभागीय सेवाओं से जुड़े होते हैं। इन आवेदनों का समय पर निष्पादन नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बैठक में अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों को निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार निपटाने पर जोर दिया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सेवाओं की भी बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। अंचल स्तर पर राजस्व से जुड़े विभिन्न कार्य सीधे आम नागरिकों से संबंधित होते हैं। भूमि एवं राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों में लोगों को समय पर सेवा उपलब्ध कराना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए समीक्षा के दौरान विभागीय सेवाओं के निष्पादन की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान जिन अंचलों में लंबित मामलों के निष्पादन की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर पाई गई, वहां के अधिकारियों को विशेष रूप से ध्यान देने को कहा गया। सचिव जय सिंह ने लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि नागरिकों से संबंधित राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
राजस्व विभाग के स्तर पर आयोजित ऐसी समीक्षा बैठकों का उद्देश्य विभिन्न जिलों और अंचलों में चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना होता है। समीक्षा के दौरान प्राप्त आंकड़ों और प्रगति की जानकारी के आधार पर उन क्षेत्रों की पहचान की जाती है, जहां कार्यों के निष्पादन में तेजी लाने की आवश्यकता है। पटना, भोजपुर और मुंगेर के अंचल अधिकारियों की बैठक में भी विभागीय सेवाओं और अभियानों की प्रगति की समीक्षा इसी उद्देश्य से की गई।
जमाबंदी सुधार से जुड़े मामलों को बैठक में विशेष महत्व दिया गया। राजस्व अभिलेखों में दर्ज जमाबंदी भूमि से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजी व्यवस्था का हिस्सा है। समय के साथ अभिलेखों में आवश्यक सुधार और अद्यतन की जरूरत पड़ती रहती है। इसी प्रकार किसी जमाबंदी रैयत की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की प्रक्रिया भी आवश्यक होती है। ऐसे मामलों के लंबित रहने से संबंधित नागरिकों को राजस्व कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए 45 दिवसीय विशेष अभियान के माध्यम से इन मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। नामांतरण से जुड़े मामलों में संबंधित अभिलेखों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक होती है। अधिकारियों को अभियान के तहत प्राप्त मामलों का परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य लंबित मामलों की संख्या को कम करना और पात्र मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन करना है।
राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी बैठक का प्रमुख हिस्सा रही। इस अभियान के तहत नागरिकों से जुड़े विभिन्न राजस्व मामलों को सामने लाया गया। प्राप्त आवेदनों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर ध्यान देने को कहा गया। विभाग की ओर से संचालित अन्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई, ताकि अंचल स्तर पर नागरिकों को निर्धारित सेवाएं समय पर मिल सकें।
बैठक में अधिकारियों को कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया। लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक होने पर उन मामलों को पहले निपटाने की आवश्यकता होती है जिनमें निर्धारित समय सीमा या अभियान के तहत विशेष प्राथमिकता तय की गई है। समीक्षा के दौरान पिछड़े अंचलों के अधिकारियों को ऐसे मामलों के निष्पादन में तेजी लाने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। इससे अंचल स्तर पर कार्यों की गति बढ़ाने और लंबित मामलों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
अंचल अधिकारियों की भूमिका राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण होती है। आम नागरिकों का राजस्व विभाग से सीधा संपर्क प्रायः अंचल स्तर पर ही होता है। भूमि से जुड़े दस्तावेज, नामांतरण, जमाबंदी और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए नागरिक अंचल कार्यालयों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अंचल कार्यालयों में कार्यों का समयबद्ध निष्पादन नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने भी विभिन्न कार्यों से संबंधित जानकारी साझा की। अधिकारियों के बीच विभागीय प्रक्रियाओं, अभियानों और सेवाओं के क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श हुआ। समीक्षा के दौरान सामने आए विषयों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा से अंचल स्तर पर कार्यों की प्रगति की निगरानी करने में सहायता मिलती है।

बैठक में राजस्व अभिलेखों को अद्यतन रखने और नागरिकों से संबंधित मामलों के समय पर निपटारे पर जोर दिया गया। भूमि संबंधी अभिलेखों में सही और अद्यतन जानकारी का होना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में अभिलेखों से जुड़े विवादों और अनावश्यक प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को कम करने में सहायता मिल सकती है। इस कारण जमाबंदी सुधार और उत्तराधिकार नामांतरण से संबंधित अभियान को निर्धारित अवधि में प्रभावी ढंग से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान विभाग की अन्य सेवाओं की प्रगति भी अधिकारियों से जानी गई। प्रत्येक अंचल में प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन और लंबित मामलों की स्थिति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई। जहां कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई, वहां अधिकारियों को सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाएं।
राजस्व सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन का सीधा संबंध नागरिकों की सुविधा से है। किसी भूमि या राजस्व मामले के लंबित रहने पर नागरिकों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ सकता है। ऐसे में आवेदन के समय पर निष्पादन और संबंधित पक्ष को नियमानुसार सेवा उपलब्ध कराना प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समीक्षा बैठक में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश इसी उद्देश्य से दिए गए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अंचल स्तर पर कार्यों की प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों से संबंधित जानकारी भी साझा की। समीक्षा के माध्यम से विभिन्न अंचलों की कार्यप्रणाली को समझने और आवश्यक सुधार के लिए दिशा तय करने का अवसर मिला। विभागीय स्तर पर ऐसी बैठकों से अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होते हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता महत्वपूर्ण पहलू हैं। नागरिकों को अपने राजस्व मामलों की स्थिति की जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सेवाएं मिलना आवश्यक है। अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने और प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन करने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में इसी दिशा में अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए गए।
पटना, भोजपुर और मुंगेर जिले के अंचल अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। बैठक में संयुक्त सचिव डॉ. महेंद्र पाल, श्री आजीव वत्सराज, संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार सिंह, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, श्री नवाजिश अख्तर, श्री अनुपम प्रकाश, उप सचिव श्री सुनील कुमार सिंह, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर, प्रशाखा पदाधिकारी श्री राजीव किशोर और श्री दीनदयाल राम सहित तीनों जिलों के अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस समीक्षा में विभागीय योजनाओं और अभियानों की प्रगति का एक साथ आकलन किया गया। इससे संबंधित अंचलों के अधिकारियों के समक्ष विभाग की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से रखने और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अवसर मिला। विशेष अभियान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी से निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है।
45 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान जमाबंदी में सुधार और मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण से जुड़े मामलों को निपटाने पर विशेष जोर दिया गया है। अभियान की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे प्राप्त आवेदनों का समय पर परीक्षण करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी करें। समीक्षा बैठक में इसी दिशा में कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए।
राजस्व महा-अभियान से जुड़े आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा भी यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि अभियान के दौरान नागरिकों द्वारा दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई समय पर हो। विभागीय सेवाओं के अन्य लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई, जिससे अंचल स्तर पर कार्यों की समग्र स्थिति सामने आई। अधिकारियों को लंबित मामलों की प्राथमिकता तय कर उनका शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक का व्यापक उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना रहा। अंचल स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन होने से नागरिकों को राहत मिलने की संभावना रहती है। साथ ही विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी से अधिकारियों की जवाबदेही और कार्य निष्पादन की गति को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।
बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद संबंधित अंचल अधिकारियों के सामने अब लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से उन अंचलों में जहां मामलों के निष्पादन की गति अपेक्षाकृत कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी होगी। विभागीय स्तर पर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा आगे भी की जा सकती है।
कुल मिलाकर, पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में हुई बैठक में पटना, भोजपुर और मुंगेर जिलों के अंचल अधिकारियों के कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। जमाबंदी सुधार, मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण, राजस्व महा-अभियान के आवेदनों के निष्पादन तथा विभाग की अन्य सेवाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान लंबित मामलों में पिछड़े अंचलों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और तीनों जिलों के अंचल अधिकारियों की उपस्थिति रही। इससे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन और नागरिकों से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे को लेकर विभाग की प्राथमिकता स्पष्ट हुई।









