Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त पद पर आशीष गोस्वामी पदस्थ, भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का भी मिला अतिरिक्त प्रभार

Author Image
Written by
HQ Report
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव के पद पर पदस्थ अधिकारी को प्रशासनिक आधार पर किया गया स्थानांतरित
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री आशीष गोस्वामी के पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल से 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार श्री आशीष गोस्वामी, राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्ष 2017), जो वर्तमान में अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें प्रशासनिक आधार पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही उन्हें भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल), भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह पदस्थापना प्रशासनिक आधार पर की गई है और अधिकारी आगामी आदेश तक निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करेंगे। आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश पर अवर सचिव ‘कार्मिक’ के हस्ताक्षर हैं। आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक सूचना एवं आगामी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रतिलिपि भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह पदस्थापना भोपाल नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था और शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से संबंधित संस्थान भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के कामकाज के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। नगर निगम में अपर आयुक्त का पद शहर की प्रशासनिक व्यवस्था, विभागीय समन्वय, नागरिक सुविधाओं और नगरीय सेवाओं के संचालन से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का मुख्य महाप्रबंधक अतिरिक्त प्रभार मिलने से संबंधित अधिकारी के दायित्वों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्य भी शामिल होंगे। हालांकि आदेश में किसी विशिष्ट नई योजना, परियोजना या तत्काल लागू किए जाने वाले निर्णय का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस पदस्थापना को शासन द्वारा किया गया प्रशासनिक फेरबदल और अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय माना जाना चाहिए। आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, संबंधित विभागों, भोपाल संभाग के आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, परिवहन आयुक्त, भोपाल जिला प्रशासन और अन्य संबंधित कार्यालयों को भेजी गई है, ताकि आवश्यक अभिलेखीय एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय से नगर निगम भोपाल तक नई प्रशासनिक जिम्मेदारी
श्री आशीष गोस्वामी मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2017 बैच के अधिकारी हैं। शासन के 21 अक्टूबर 2026 के आदेश में उनकी वर्तमान पदस्थापना अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में दर्ज है। आदेश के अनुसार उन्हें प्रशासनिक आधार पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ किया गया है। यह पदस्थापना राज्य शासन के प्रशासनिक अधिकारों के अंतर्गत की गई है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापनाएं समय-समय पर शासन की आवश्यकताओं, विभागीय कार्यों, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और उपलब्ध मानव संसाधनों के अनुरूप की जाती हैं। ऐसे निर्णयों का उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों में प्रशासनिक कार्यों का संचालन, विभागीय समन्वय और जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करना होता है। भोपाल राजधानी होने के कारण यहां नगर निगम की भूमिका विशेष महत्व रखती है। शहर में नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, जलापूर्ति, नगरीय विकास, सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव और अन्य नगर सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए नगर निगम की विभिन्न शाखाएं और अधिकारी जिम्मेदार होते हैं। अपर आयुक्त का पद निगम की प्रशासनिक संरचना में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस पद पर कार्यरत अधिकारी को सौंपे गए विभागों और कार्यक्षेत्रों के अनुसार प्रशासनिक समीक्षा, विभागीय समन्वय, योजनाओं की निगरानी और नागरिकों से संबंधित विषयों पर कार्रवाई जैसी जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं। हालांकि संबंधित अधिकारी को कौन-कौन से विशिष्ट विभाग या शाखाएं आवंटित की जाएंगी, इसका विवरण प्रस्तुत आदेश में नहीं दिया गया है। इसलिए यह कहना उचित होगा कि श्री गोस्वामी को अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ किया गया है, जबकि उनके विस्तृत कार्य-विभाजन का निर्धारण संबंधित प्रशासनिक आदेशों अथवा नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार किया जा सकता है। शासन द्वारा पदस्थापना के साथ ‘आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से’ शब्दों का उल्लेख किया गया है। इसका अर्थ है कि यह व्यवस्था आगे जारी होने वाले आदेशों के अधीन रहेगी। प्रशासनिक व्यवस्था में इस प्रकार की भाषा का प्रयोग पदस्थापना की वर्तमान प्रकृति को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अधिकारी को भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस प्रकार उन्हें नगर निगम के पद के साथ एक अन्य संस्थान से संबंधित अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह व्यवस्था राजधानी में नगरीय प्रशासन और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कामकाज के बीच समन्वय के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। आगे संबंधित कार्यालयों में आदेश के अनुरूप अभिलेख अद्यतन करने, कार्यभार ग्रहण करने और जिम्मेदारियों के संचालन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि श्री आशीष गोस्वामी को अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ करने के साथ भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी संस्था है। शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के संचालन और उनसे संबंधित प्रशासनिक प्रबंधन में इस संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजधानी में नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों की आवाजाही के लिए सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सुविधा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का प्रभाव शहर के यातायात, दैनिक आवागमन, नागरिकों की सुविधा और शहरी जीवन की कार्यक्षमता पर पड़ता है। इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संचालन, प्रबंधन, सेवाओं की निगरानी, संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय और यात्रियों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है। मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार मिलने का अर्थ है कि संबंधित अधिकारी को संस्था से जुड़े दायित्व भी सौंपे गए हैं, जबकि उनकी मूल पदस्थापना नगर निगम के अपर आयुक्त के रूप में की गई है। अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था में अधिकारी को निर्धारित प्रशासनिक निर्देशों और लागू नियमों के अनुरूप दोनों जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होता है। हालांकि आदेश में बीसीएलएल के संचालन में किसी विशेष बदलाव, बस सेवाओं के विस्तार, नए मार्गों की शुरुआत, किराए में संशोधन अथवा किसी नई परिवहन परियोजना की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इस आदेश को संस्था के प्रमुख प्रशासनिक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के रूप में ही देखा जाना चाहिए। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में समयबद्ध सेवाएं, यात्रियों की सुरक्षा, वाहनों का रखरखाव, संचालन की निगरानी और शिकायतों के निराकरण जैसे विषय आम तौर पर महत्वपूर्ण होते हैं। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रशासनिक सुधार के लिए संबंधित संस्था के नियमों, उपलब्ध संसाधनों, नीतिगत निर्णयों और वास्तविक संचालन संबंधी आंकड़ों के आधार पर काम किया जाता है। बीसीएलएल के मुख्य महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ता है, लेकिन भविष्य में संस्था की कार्यप्रणाली में क्या परिवर्तन होंगे, इसका निष्कर्ष केवल इस पदस्थापना आदेश के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए आगे जारी होने वाले विभागीय निर्देशों और आधिकारिक घोषणाओं को देखना आवश्यक होगा। भोपाल जैसे तेजी से विकसित होते शहर में सार्वजनिक परिवहन और नगर प्रशासन दोनों की भूमिका नागरिकों की दैनिक सुविधाओं से जुड़ी है। ऐसे में दोनों से संबंधित जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण और विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है। शासन का यह आदेश प्रशासनिक स्तर पर दोनों दायित्वों को एक अधिकारी को सौंपने का निर्णय दर्ज करता है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार का स्पष्ट उल्लेख
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश क्रमांक 1/1/41/0089/2026-GAD-2-01 जारी किया है। आदेश की तारीख 21 अक्टूबर 2026 अंकित है और इसका जारी करने वाला कार्यालय मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल स्थित सामान्य प्रशासन विभाग है। आदेश में अधिकारी का नाम श्री आशीष गोस्वामी, राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्ष 2017) दर्ज है। उनकी वर्तमान पदस्थापना अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में उल्लेखित है। शासन ने उन्हें प्रशासनिक आधार पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ करने का निर्देश दिया है। इसके साथ भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल), भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की बात कही गई है। आदेश में “मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार” उल्लेख के साथ अवर सचिव ‘कार्मिक’ के हस्ताक्षर हैं। यह औपचारिक प्रशासनिक आदेश की प्रक्रिया के अनुरूप जारी किया गया दस्तावेज है। आदेश में पदस्थापना की प्रकृति और अतिरिक्त प्रभार के बारे में स्पष्ट उल्लेख होने के कारण संबंधित विभागों के लिए इसे अभिलेखों में दर्ज करना और आगे की आवश्यक कार्रवाई करना अपेक्षित है। आदेश के नीचे प्रतिलिपि भेजे जाने वाले कार्यालयों और अधिकारियों की सूची भी दी गई है। इसमें अपर मुख्य सचिव, माननीय मुख्यमंत्री; अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन/परिवहन विभाग; आयुक्त, भोपाल संभाग, भोपाल; आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल; परिवहन आयुक्त, ग्वालियर; कलेक्टर, जिला भोपाल; उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय; संचालक, संपदा संचालनालय, भोपाल; संबंधित अधिकारी; सामान्य प्रशासन विभाग के संबंधित अवर सचिव; कोषालय अधिकारी, वल्लभ भवन कोषालय, भोपाल; मुख्य लेखाधिकारी, मध्यप्रदेश मंत्रालय, भोपाल तथा अन्य संबंधित कार्यालय शामिल हैं। सूची में आदेश को सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित करने का उल्लेख भी है। इसके अतिरिक्त आदेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही और सूचना के लिए संबंधित शाखाओं को भेजी गई है। इस प्रकार आदेश केवल पदस्थापना की घोषणा नहीं है, बल्कि संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को सूचना देने और सरकारी अभिलेखों में आवश्यक बदलाव सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है। सरकारी पदस्थापना आदेशों में प्रतिलिपि वितरण का उद्देश्य संबंधित विभागों, कार्यालय प्रमुखों और अभिलेख शाखाओं तक अधिकृत जानकारी पहुंचाना होता है, ताकि कार्यभार, सेवा अभिलेख और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के संबंध में एकरूपता बनी रहे। आदेश में कार्यभार ग्रहण करने की अलग तारीख या विस्तृत कार्य-विभाजन का उल्लेख नहीं है। इसलिए इन विषयों के बारे में अंतिम जानकारी संबंधित कार्यालय की आगे की कार्रवाई अथवा अतिरिक्त आदेश से ही स्पष्ट होगी। वर्तमान आदेश के अनुसार श्री गोस्वामी की पदस्थापना अपर आयुक्त, नगर निगम भोपाल के रूप में और बीसीएलएल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार देने तक सीमित है।
राजधानी के नगरीय प्रशासन और परिवहन व्यवस्था में समन्वय का महत्व
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी होने के साथ प्रशासनिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां नगर निगम की सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बड़ी संख्या में नागरिकों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी हैं। राजधानी में बढ़ती आबादी, नए आवासीय क्षेत्रों का विकास, प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव और अलग-अलग हिस्सों में सार्वजनिक सुविधाओं की जरूरतें नगरीय प्रशासन को लगातार सक्रिय बनाए रखती हैं। नगर निगम की जिम्मेदारियों में लागू प्रावधानों के अनुसार स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव, जलापूर्ति तथा अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्य शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नागरिकों को शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन की सुविधा प्रदान करती है। सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने, यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा विकल्प देने में सहायता मिल सकती है। हालांकि किसी भी व्यवस्था के वास्तविक परिणाम उसके संचालन, संसाधनों, बुनियादी ढांचे और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप सेवाओं पर निर्भर करते हैं। श्री आशीष गोस्वामी को नगर निगम के अपर आयुक्त पद पर पदस्थ करने के साथ बीसीएलएल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश इन दोनों संस्थागत क्षेत्रों से संबंधित जिम्मेदारियों को एक अधिकारी के पास निर्धारित करता है। यह प्रशासनिक व्यवस्था है; इससे अपने आप किसी नई योजना या सेवा परिवर्तन की पुष्टि नहीं होती। फिर भी नगर प्रशासन और सार्वजनिक परिवहन के कामकाज में समय-समय पर संवाद और समन्वय की आवश्यकता बनी रहती है। उदाहरण के लिए, शहर में किसी बड़े आयोजन, सड़क निर्माण या यातायात संबंधी व्यवस्था के दौरान विभिन्न विभागों के बीच तालमेल आवश्यक हो सकता है। इसी तरह सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार और शहरी गतिशीलता से जुड़े विषयों पर अलग-अलग संस्थाओं को संबंधित नियमों और जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करना होता है। प्रशासनिक पदस्थापनाओं के माध्यम से शासन विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपता है और अपेक्षा करता है कि वे निर्धारित नियमों तथा विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्य करें। इस आदेश के बाद श्री गोस्वामी के लिए अपर आयुक्त और अतिरिक्त प्रभार से जुड़े दायित्व संबंधित नियमों तथा कार्यालयीन कार्य-विभाजन के अनुसार निर्धारित होंगे। उनके कार्यभार ग्रहण करने और जिम्मेदारियों के औपचारिक हस्तांतरण के संबंध में उपलब्ध दस्तावेज में अलग विवरण नहीं दिया गया है। अतः इन पहलुओं पर कोई निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा। नगर प्रशासन और सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी होने के कारण इनके प्रभावी संचालन में जवाबदेही, पारदर्शिता और नियमित समीक्षा का महत्व रहता है। शासन द्वारा जारी आदेश के आधार पर फिलहाल इतना स्पष्ट है कि श्री आशीष गोस्वामी को भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त के रूप में पदस्थ किया गया है और भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
निष्कर्ष: शासन के आदेश से आशीष गोस्वामी को दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री आशीष गोस्वामी की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। आदेश के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत श्री गोस्वामी को प्रशासनिक आधार पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ उन्हें भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल), भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश क्रमांक 1/1/41/0089/2026-GAD-2-01 के माध्यम से यह प्रशासनिक निर्णय औपचारिक रूप से जारी किया गया है। आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी हुआ है और इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव ‘कार्मिक’ के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, संबंधित विभागों, भोपाल संभाग के आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, परिवहन आयुक्त, भोपाल जिला प्रशासन और अन्य संबंधित कार्यालयों को आवश्यक सूचना एवं कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इस पदस्थापना के अंतर्गत श्री गोस्वामी को नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त पद की जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी संस्था बीसीएलएल के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालना होगा। नगर निगम और सार्वजनिक परिवहन दोनों ही राजधानी की नागरिक सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र हैं। हालांकि आदेश में अधिकारी के विस्तृत कार्य-विभाजन, कार्यभार ग्रहण करने की तारीख, किसी नई योजना या परिवहन सेवाओं में बदलाव के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन विषयों पर आगे की स्थिति संबंधित विभागों के आदेशों और आधिकारिक सूचनाओं से ही स्पष्ट होगी। वर्तमान आदेश का मुख्य आशय श्री आशीष गोस्वामी की नई पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार को अधिसूचित करना है। सरकारी प्रशासनिक व्यवस्था में इस तरह के आदेशों के माध्यम से अधिकारियों की जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाता है और संबंधित कार्यालयों को आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई के लिए सूचित किया जाता है। इस आदेश के बाद नगर निगम भोपाल और बीसीएलएल से संबंधित दायित्वों के निर्वहन की प्रक्रिया निर्धारित प्रशासनिक नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल
आज फोकस में

आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर
आज फोकस में

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग
आज फोकस में

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना
आज फोकस में

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें